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AI Market Data: घरेलू बाजारों में शुक्रवार को ग्लोबल मार्केट्स से पॉजिटिव ट्रिगर्स हैं. गुरुवार का दिन सकारात्मक रहा. निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों ने इंट्राडे में एक हफ्ते की ऊंचाई छुई. वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स लगातार चौथे दिन चढ़े. ग्लोबल संकेत भी दमदार रहे और अमेरिकी बाजारों में S&P 500 नए रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ.
निफ्टी ने कल इंट्राडे में 24,980 का स्तर छुआ और लगातार चौथे दिन higher low बनाया, यानी निचले स्तरों पर मजबूती से खरीदारी हुई. बैंक निफ्टी भी इंट्राडे में 54,450 तक पहुंचा. मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक हफ्ते की ऊंचाई छुई और लगातार चौथे दिन नए high बनाए. सेक्टोरल इंडेक्स में भी तेजी दिखी, जहां ऑटो इंडेक्स 10 महीने और FMCG इंडेक्स 7 महीने की ऊंचाई पर पहुंच गया.
लंबे समय से दबाव में चल रहे HDFC Bank ने भी राहत दी. बैंक ने लगातार 8 दिनों से जारी lower low बनाने का सिलसिला तोड़ दिया और एक हफ्ते की ऊंचाई 960 पर बंद हुआ.
विदेशी निवेशकों (FIIs) ने 4 अगस्त के बाद सबसे छोटी बिकवाली की. कल कैश मार्केट में सिर्फ 106 करोड़ रुपए बेचे, हालांकि यह लगातार 9वां दिन रहा जब FIIs बिकवाली करते दिखे. दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) लगातार आठवें दिन खरीदार बने रहे. इंडेक्स फ्यूचर्स में FIIs की लॉन्ग पोजीशन अब भी 8% पर है.
अमेरिकी बाजारों में S&P 500 नए लाइफ हाई पर बंद हुआ और इस साल यह 21वीं बार नया रिकॉर्ड बना चुका है. डाओ अपने रिकॉर्ड हाई 45,757 से महज 136 अंक दूर है, जबकि नैस्डैक भी रिकॉर्ड हाई से सिर्फ 100 अंक नीचे है. बॉन्ड यील्ड भी नरम रही और 10 साल की यील्ड 4.2% पर आ गई, जो चार महीने का निचला स्तर है.
GST कट को लेकर बाजार में चर्चा जारी है. अनिल सिंघवी के मुताबिक, यह कहना गलत होगा कि असर खत्म हो गया. निवेशकों के लिए असली असर अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से दिखेगा और अगले 1-3 साल कंजम्प्शन सेक्टर को बड़ा फायदा होगा. हालांकि, ट्रेडर्स के लिए तुरंत दमदार रिएक्शन नहीं दिखा और कल की गैप-अप ओपनिंग पर कई ट्रेडर्स ने पोजीशन हल्की की.
FIIs की बड़ी बिकवाली नहीं रही, लेकिन स्टॉक और इंडेक्स फ्यूचर्स में हल्की-फुल्की सेलिंग हुई. DIIs की खरीदारी भी बड़ी नहीं रही. कल के आंकड़ों में Aptus Value की 2,006 करोड़ रुपए की ब्लॉक डील भी शामिल थी. अब बाजार देख रहा है कि GST कट के बाद FIIs का मूड बदलता है या नहीं.
निफ्टी 24,500 से 25,000 की रेंज में रहेगा. नीचे 24,350-24,500 मजबूत सपोर्ट और ऊपर 25,000-25,150 रेजिस्टेंस रहेगा. अगर निफ्टी 24,850 के ऊपर बंद होता है तो तेजी और मजबूत होगी. बैंक निफ्टी के लिए 53,600-53,750 मजबूत सपोर्ट और 54,700-54,900 ऊपरी रेंज है.
अनिल सिंघवी का मानना है कि निफ्टी को 25,000 पार कराने के लिए किसी बड़े ट्रिगर की जरूरत होगी. इसमें टैरिफ डील या सरकार के नए बड़े रिफॉर्म्स अहम साबित हो सकते हैं. कंपनियों की कमाई से असर दिखने में एक-दो तिमाही लगेंगी. फिलहाल बाजार के लिए सबसे जरूरी है कि FIIs बिकवाली रोकें, शॉर्ट कवरिंग करें और थोड़ी खरीदारी शुरू करें.
रिलायंस इंडस्ट्रीज कल बाजार की सबसे कमजोर कड़ी साबित हुई. अच्छी खबरों के बावजूद स्टॉक फ्लैट खुला और तुरंत दबाव में आ गया. निफ्टी में 8.4% वेटेज रखने वाला RIL अंत में 1% नीचे बंद हुआ, जिससे बाजार की तेजी पर भी असर पड़ा.