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पुणे के फिटनेस टेक स्टार्टअप फिटर (Fittr) ने हाल ही में 3 मिलियन डॉलर यानी करीब 25 करोड़ रुपये की फंडिंग (Startup Funding) उठाई है. यह फंडिंग कंपनी को नितिन कामत (Nithin Kamath) के स्टार्टअप जीरोधा (Zerodha) की इन्वेस्टमेंट आर्म रेनमैटर (Rainmatter) की तरफ से मिली है. कंपनी के फाउंडर जितेंद्र चौकसी ने एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है.
रेनमैटर की शुरुआत नितिन कामत ने की है, ताकि वह अन्य स्टार्टअप्स में निवेश कर के उनकी मदद कर सकें. इसके जरिए नितिन कामत फिनटेक, क्लाइमेट और हेल्थ स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं. वह इन स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, फाइनेंशियल एपीआई, इंडस्ट्री नेटवर्क और अपने प्रोडक्ट्स को वैलिडेट करने में मदद करते हैं. कंपनी ने Game Theory, Dreamspan, Evolved Foods, Fitpage, Niramai, NOTO Ice Creams और PeeSafe जैसे स्टार्टअप्स में पैसे लगाए हुए हैं.
चौकसी ने कहा है कि पुराने और मौजूदा कर्मचारियों को मिलाकर कुल 41 लोगों को ESOP बायबैक दिया गया है. साथ ही उन्होंने बताया कि इस फंडिंग राउंड में उन्होंने अपनी इक्विटी को कम नहीं किया है. उन्होंने बताया कि अभी भी इस बिजनेस में उनके पास मेज्योरिटी स्टेक है.
शहीद जवानों के परिवारों की Fittr करेगा मदद
कुछ दिन पहले ही जितेंद्र चौकसी ने यह भी ऐलान किया था कि उनकी कंपनी के मुनाफे का एक हिस्सा उन शहीद जवानों के परिवारों को दिया जाएगा, जो पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शहीद हुए हैं.
जितेंद्र चौकसी ने इसके बारे में जानकारी देते हुए सोशल मीडिया साइट LinkedIn पर एक पोस्ट भी की थी. उन्होंने बताया था कि भारतीय सेना से उनका गहरा जुड़ाव रहा है. उन्होंने खुद भी 5 बार सेना में भर्ती होने की कोशिश की, लेकिन एक भी बार सफल नहीं हो पाए.
उन्होंने लिखा, "मुझे यह मानने में कोई शर्म नहीं कि मैं देश की डिफेंस सर्विसेस के लिए उपयुक्त नहीं था. मैंने 5 बार कोशिश की. कभी जीडी में बाहर हो गया, तो कभी फिजिकल में. आखिरी बार देहरादून AFSB में लगभग फाइनल दिन तक पहुंचा, लेकिन फिर रिजेक्ट हो गया."
चौकसी ने आगे लिखा,"हम में से कई लोग बॉर्डर पर जाकर नहीं लड़ सकते, लेकिन हम अपनी तरफ से योगदान तो दे ही सकते हैं." Fittr अब अपने मुनाफे से एक खास फंड बनाएगा, जिससे शहीदों के परिवारों की आर्थिक मदद की जाएगी.
इससे पहले साल की शुरुआत में ही इस स्टार्टअप Fittr ने एक रिटायर्ड कर्नल शेखर गुप्ता को अपनी टीम में शामिल किया था. वह अब कंपनी के कई नए प्रोजेक्ट्स को लीड करेंगे. इन प्रोजेक्ट्स की जानकारी जल्द ही दी जाएगी.
चौकसी का यह ऐलान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद आया है, जो भारत ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के जवाब में शुरू किया था. इस हमले में 26 नागरिकों की जान चली गई थी. इसके बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकियों के ठिकानों पर करारा जवाब दिया.
जितेंद्र चौकसी का ये कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब देश को अपने वीर जवानों के समर्थन की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. उनका कहना है कि अब वह एक आम नागरिक के रूप में देश के लिए योगदान देना चाहते हैं.