&format=webp&quality=medium)
बीते कुछ समय में क्विक कॉमर्स सेक्टर में जबरदस्त हलचल है और इसमें सबसे आगे जेप्टो नज़र आ रही है. ताज़ा खबर ये है कि कंपनी ने ₹400 करोड़ का निवेश मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज से हासिल किया है. यह निवेश पूरी तरह नकद में हुआ और इसके तहत 7.6 करोड़ कम्पल्सरी कन्वर्टिबल प्रेफरेंस शेयर्स (CCPS) जारी किए गए.
यह सौदा ऐसे समय में हुआ है जब कंपनी लगातार घरेलू निवेशकों से पैसा जुटा रही है, ताकि विदेशी हिस्सेदारी घटाकर आईपीओ से पहले भारतीय स्वामित्व बढ़ाया जा सके. जेप्टो ने 2025 में लिस्टिंग का प्लान बनाया था, लेकिन अब इसे अगले साल तक टाल दिया है ताकि मुनाफे में आकर बेहतर वैल्यू मिल सके.
यह ₹400 करोड़ का निवेश, पिछले दो हफ्तों में जेप्टो का तीसरा बड़ा फंडरेज़ है. इससे पहले एनबीएफसी एल्सिड इन्वेस्टमेंट ने ₹7.5 करोड़ का अतिरिक्त निवेश किया था और मैपमाईइंडिया ने ₹25 करोड़ लगाने की घोषणा की थी.
मई में भी कंपनी को बड़ी पूंजी मिली थी जब मोतीलाल ओसवाल और रामदेव अग्रवाल ने मिलकर $100 मिलियन (लगभग ₹835 करोड़) के शेयर्स खरीदे थे. यह सौदा $350 मिलियन के बड़े राउंड का हिस्सा था, जिसमें बाक़ी पैसा घरेलू फैमिली ऑफिस और अन्य निवेशकों ने दिया था.

जेप्टो इस समय विदेशी हिस्सेदारी घटाने पर जोर दे रही है, क्योंकि भारतीय स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग से पहले घरेलू निवेशकों का मजबूत आधार बनाना जरूरी है. कंपनी मानती है कि इससे न केवल रेगुलेटरी प्रोसेस आसान होगा, बल्कि ब्रांड पर लोगों का भरोसा भी बढ़ेगा. इसके साथ ही, प्रतिस्पर्धी माहौल में मजबूत पूंजी होना जरूरी है ताकि ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट, अमेजन और फ्लिपकार्ट मिनट्स जैसे बड़े खिलाड़ियों से मुकाबला किया जा सके.
जेप्टो ने अभी FY25 के पूरे आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन एल्सिड इन्वेस्टमेंट की रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का टर्नओवर ₹11,109.9 करोड़ तक पहुंच गया है. FY24 में जेप्टो ने ₹4,454.52 करोड़ की कमाई की थी, जो पिछले साल से दोगुनी थी. नेट लॉस लगभग स्थिर रहा, जो FY24 में ₹1,248.64 करोड़ और FY23 में ₹1,271.84 करोड़ रुपये था. बता दें कि ये FY25 अनुमानित आंकड़े हैं.
इस साल की शुरुआत में महाराष्ट्र FDA ने जेप्टो के मुंबई धारावी स्थित वेयरहाउस का फूड बिज़नेस लाइसेंस रद्द कर दिया था. आरोप था कि वहां गंभीर फूड सेफ्टी नियमों का उल्लंघन हुआ है. बाद में दोबारा निरीक्षण और कंप्लायंस रिपोर्ट देने के बाद लाइसेंस बहाल कर दिया गया. इसके अलावा, CCI ने FMCG डिस्ट्रीब्यूटर्स बॉडी AICPDF से जेप्टो और अन्य क्विक कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ एंटीट्रस्ट जांच के लिए अतिरिक्त जानकारी मांगी है.
जेप्टो लगातार बड़े घरेलू निवेशकों को जोड़ रही है और आने वाले समय में IPO के जरिए पब्लिक मार्केट में उतरने की तैयारी कर रही है. हालांकि, इसे ब्लिंकिट और इंस्टामार्ट जैसे दिग्गजों से कड़ी टक्कर मिल रही है और ऑपरेशनल चुनौतियां भी हैं. फिर भी, तेजी से बढ़ती रेवेन्यू और मजबूत निवेशक बैकिंग के चलते जेप्टो का सफर फिलहाल रफ्तार पकड़ता दिख रहा है.
₹400 करोड़, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज से.
अब 2026 में लाने की तैयारी है.
ब्लिंकिट, इंस्टामार्ट, अमेज़न और फ्लिपकार्ट मिनट्स.
लगभग ₹11,109.9 करोड़ (अनुमानित).
महाराष्ट्र FDA की फूड सेफ्टी जांच और CCI की एंटीट्रस्ट जांच.