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खुद का बिजनेस या स्टार्टअप (Startup) शुरू करने का सपना तो बहुत से लोगों का होता है, लेकिन उसे हकीकत बनाने में सबसे बड़ी दिक्कत होती है पैसे की. इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने कुछ साल पहले एक खास योजना की शुरुआत की. इस योजना का नाम है- Startup India Seed Fund Scheme (SISFS). इसे अप्रैल 2021 में Department for Promotion of Industry and Internal Trade (DPIIT) ने लॉन्च किया था.
इस योजना का मकसद उन स्टार्टअप्स की मदद करना है जो अभी शुरुआती स्टेज पर हैं. जो स्टार्टअप प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, प्रोडक्ट ट्रायल, मार्केट में एंट्री और कमर्शियलाइज़ेशन के रास्ते पर हैं, उन्हें इससे मदद मिलती है. इस योजना के तहत देशभर के योग्य इनक्यूबेटर्स के जरिए चुने गए स्टार्टअप्स को फंड दिया जाता है.
ये पैसा किसी इमारत या सुविधाओं के निर्माण में नहीं लगाया जा सकता. इसका इस्तेमाल सिर्फ उसी काम के लिए किया जा सकता है जिसके लिए यह दिया गया है. इस योजना के तहत स्टार्टअप्स को दो तरह की वित्तीय सहायता दी जाती है.
अगर आपका स्टार्टअप प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट, प्रोटोटाइप डेवलपमेंट या प्रोडक्ट ट्रायल की स्थिति में है, तो आपको ₹20 लाख तक की ग्रांट दी जा सकती है. ये पैसा आपको कुछ खास लक्ष्यों को पूरा करने पर किस्तों में दिया जाता है. ये लक्ष्य जैसे हो सकते हैं– प्रोटोटाइप तैयार करना, टेस्टिंग करना या मार्केट में लॉन्चिंग के लिए प्रोडक्ट बनाना.
अगर आपका स्टार्टअप अब मार्केट में एंट्री, कमर्शियलाइज़ेशन, या स्केल-अप करने की स्थिति में है, तो आपको ₹50 लाख तक का निवेश मिल सकता है. ये फंड कन्वर्टिबल डिबेंचर्स, डेट, या डेट-लिंक्ड इंस्ट्रूमेंट्स के रूप में मिलेगा.
DPIIT से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप: आपका स्टार्टअप DPIIT द्वारा मान्यता प्राप्त होना चाहिए और आवेदन के समय वह अधिकतम दो साल पुराना होना चाहिए.
कमर्शियल होने की संभावना: आपका बिजनेस आइडिया ऐसा होना चाहिए जिसमें प्रोडक्ट या सर्विस का मार्केट फिट हो और जिसे स्केल किया जा सके.
टेक्नोलॉजी आधारित समाधान: स्टार्टअप किसी न किसी तरह से टेक्नोलॉजी का उपयोग करके किसी समस्या का समाधान कर रहा हो, चाहे वह प्रोडक्ट में हो, बिजनेस मॉडल में हो या डिस्ट्रीब्यूशन में.
प्राथमिकता वाले सेक्टर्स: इस योजना में ऐसे स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी जाती है जो निम्नलिखित सेक्टरों में इनोवेटिव समाधान ला रहे हों — सोशल इंपैक्ट, वेस्ट मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग, वॉटर मैनेजमेंट, बायोटेक्नोलॉजी, फाइनेंशियल इनक्लूजन, एजुकेशन, हेल्थकेयर, एनर्जी, एग्रीकल्चर, डिफेंस, स्पेस, मोबिलिटी, रेलवे, तेल-गैस और टेक्सटाइल.
अन्य सरकारी फंडिंग से सीमित लाभ: स्टार्टअप को किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की योजना से ₹10 लाख से ज्यादा की फंडिंग न मिली हो (पुरस्कार राशि, लैब एक्सेस, सब्सिडी वगैरह इसमें नहीं गिने जाएंगे).
51% भारतीय हिस्सेदारी: स्टार्टअप में भारतीय प्रमोटरों की हिस्सेदारी कम से कम 51% होनी चाहिए.
Startup India Seed Fund Scheme उन युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है जो अपने इनोवेटिव आइडिया को स्टार्टअप में बदलना चाहते हैं लेकिन पैसे की कमी आड़े आती है. सरकार की ये योजना न सिर्फ शुरुआत में मदद करती है बल्कि बाजार में उतरने और स्केल करने तक साथ देती है. अगर आप भी अपने स्टार्टअप के शुरुआती सफर में हैं, तो ये योजना आपके लिए एक मजबूत सहारा बन सकती है.