&format=webp&quality=medium)
फोटो- एआई जनरेटेड
जब सरकार कहती है कि उसने “Fund of Funds 2.0” के तहत ₹10,000 करोड़ जारी किए हैं, तो इसका मतलब यह नहीं होता कि सरकार सीधे स्टार्टअप्स को पैसे बांट रही है. असल में यह एक Indirect Funding Model है, जो पूरे स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए बनाया जाता है.
बहुत सारे लोगों के मन में Fund of Funds को लेकर कई तरह के कनफ्यूजन हैं. आज हम इन्हीं कनफ्यूजन को दूर करेंगे. आइए आसान भाषा में और कुछ उदाहरण के साथ इसे समझते हैं.
Fund of Funds (FoF) एक ऐसा फंड होता है जो सीधे स्टार्टअप्स में निवेश नहीं करता, बल्कि दूसरे वेंचर कैपिटल (VC) या निवेश फंड्स में पैसा लगाता है.
आसान भाषा में: सरकार - VC फंड्स - स्टार्टअप्स
यानी सरकार बीच में रहकर निवेश की पूरी चेन को फंड करती है.
ये भी पढ़ें- कैसे तय होता है Startup का Valuation? क्या कोई फॉर्मूला है? आसान भाषा में समझिए किस तरह की जाती है Calculation
सरकार का Startup India Fund of Funds 2.0 एक बड़ा निवेश कॉर्पस है (₹10,000 करोड़), जिसका उद्देश्य है:
Step 1: सरकार फंड बनाती है
सरकार एक बड़ा कॉर्पस बनाती है (जैसे ₹10,000 करोड़), जिससे स्टार्टअप ईकोसिस्टम को मजबूत किया जाता है.
Step 2: SIDBI को जिम्मेदारी दी जाती है
भारत में यह फंड आमतौर पर SIDBI (Small Industries Development Bank of India) मैनेज करता है.
Step 3: VC/AIF फंड्स में निवेश
SIDBI इन पैसों को SEBI-registered AIF (Alternative Investment Funds या Venture Capital Funds में पैसा निवेश करता है.
Step 4: ये फंड स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं
फिर वही VC फंड Seed Funding, Series A फंडिंग या Growth Funding के तहत स्टार्टअप्स को पैसे देते हैं.
ये भी पढ़ें- स्टार्टअप्स के लिए ₹10,000 करोड़ का नया फंड! कैबिनेट ने दी हरी झंडी, डीप टेक और मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगी रफ्तार
मान लीजिए सरकार ने ₹10,000 करोड़ का FoF बनाया. यह पैसा 100 VC फंड्स को दिया गया. हर VC फंड 50 स्टार्टअप्स में निवेश करता है. तो अप्रत्यक्ष रूप से हजारों स्टार्टअप्स तक पैसा पहुंच जाता है, बिना सरकार के सीधे निवेश किए.
इसके पीछे 3 बड़े कारण हैं-
1- एक्सपर्ट निवेश का फायदा
VC फंड्स के पास मार्केट अनुभव, ड्यू डिलिजेंस टीम और रिस्क एनालिसिस होता है.
2- रिस्क कम करना
स्टार्टअप्स में निवेश बहुत जोखिम भरा होता है. FoF मॉडल से जोखिम फैल जाता है.
3- प्रोफेशनल मैनेजमेंट
सरकार की जगह प्रोफेशनल फंड मैनेजर बेहतर निवेश निर्णय लेते हैं.
Fund of Funds 2.0 खासतौर पर इन सेक्टर्स पर फोकस कर सकता है:
ज्यादा फंडिंग उपलब्ध
स्टार्टअप्स को निवेश जुटाना आसान होता है
शुरुआती स्टेज सपोर्ट
Seed और Early-stage स्टार्टअप्स को बड़ा फायदा
भारतीय VC इकोसिस्टम मजबूत
विदेशी फंड पर निर्भरता कम होती है
स्केल करने में मदद
ग्रोथ स्टेज स्टार्टअप्स को भी पूंजी मिलती है
ये भी पढ़ें- Startup India की बड़ी कामयाबी: 2.07 लाख स्टार्टअप्स हुए रजिस्टर, पैदा हुए 21.9 लाख रोजगार, फंड्स की भी हुई बौछार
FoF 2.0 का एक बड़ा उद्देश्य-
यह मेट्रो से बाहर स्टार्टअप बूम ला सकता है.
नहीं. यह पैसा सीधे नहीं मिलता. स्टार्टअप को VC फंड से फंडिंग लेनी होगी, मजबूत बिजनेस मॉडल दिखाना होगा और स्केलेबिलिटी साबित करनी होगी.
पिछले चरण (FoF 1.0) के प्रभाव:
स्टार्टअप = जॉब क्रिएशन
इनोवेशन = टेक्नोलॉजी ग्रोथ
फंडिंग = आर्थिक विकास
FoF 2.0 को भारत के “Innovation Infrastructure” का फाइनेंशियल इंजन माना जा रहा है.
Fund of Funds 2.0 केवल एक फंडिंग स्कीम नहीं, बल्कि भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को दीर्घकालिक पूंजी देने की रणनीति है. यह मॉडल सरकार, VC फंड्स और स्टार्टअप्स के बीच एक मजबूत निवेश चेन बनाता है, जिससे इनोवेशन, रोजगार और आत्मनिर्भरता को तेज गति मिलती है. आने वाले वर्षों में यह भारत को ग्लोबल स्टार्टअप हब बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Fund of Funds क्या होता है?
A. यह एक ऐसा फंड होता है जो सीधे स्टार्टअप्स में नहीं, बल्कि VC और AIF फंड्स में निवेश करता है, जो आगे स्टार्टअप्स को फंडिंग देते हैं.
Q2 क्या सरकार सीधे स्टार्टअप्स को पैसा देती है?
A. नहीं, सरकार आमतौर पर SIDBI जैसे संस्थानों के जरिए निवेश फंड्स में पैसा लगाती है.
Q3 Fund of Funds 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
A. डीप टेक, AI, मैन्युफैक्चरिंग और हाई-रिस्क सेक्टर्स में निवेश बढ़ाकर स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करना.
Q4 क्या हर स्टार्टअप को Fund of Funds से फंडिंग मिलती है?
A. नहीं, स्टार्टअप्स को VC या AIF फंड्स के जरिए निवेश मिलता है, सीधे सरकार से नहीं.
Q5 Fund of Funds से देश की अर्थव्यवस्था को क्या फायदा होता है?
A. यह इनोवेशन, रोजगार सृजन, घरेलू निवेश और स्टार्टअप ग्रोथ को तेज करता है, जिससे आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलता है.