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बायोटेक स्टार्टअप Genexis Biotech ने अपने सीड फंडिंग राउंड में ₹4 करोड़ जुटाए हैं. इस फंडिंग का नेतृत्व GVFL ने किया है, जबकि Benzai10 ने भी इसमें हिस्सा लिया. यह स्टार्टअप ऐसे प्रोटीन बना रहा है, जिनका कोई भी हिस्सा जानवरों से नहीं आता. इसके लिए यह रिकॉम्बिनेंट टेक्नोलॉजी और प्रिसिशन फर्मेंटेशन का इस्तेमाल कर रहा है.
Genexis का फोकस ऐसे स्मार्ट प्रोटीन और एंजाइम तैयार करने पर है जो हेल्थकेयर, फूड और इंडस्ट्रियल सेक्टर में काम आएं. कंपनी इस फंड का इस्तेमाल अपनी बायोरिएक्टर कैपेसिटी बढ़ाने, नए प्रोडक्ट लॉन्च करने और क्वालिटी कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने में करेगी.
Genexis की शुरुआत विपुल कुमार और जितेन्द्र वाघ ने साल 2019 में की थी. कंपनी के पास पहले से Class 10,000 सर्टिफाइड लैब है और अब यह GMP (गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस) यूनिट बना रही है, ताकि ग्लोबल बायोटेक मार्केट में एक्सपोर्ट शुरू किया जा सके.
कंपनी का मानना है कि यह भारत में ऐसी टेक्नोलॉजी ला रही है जो पूरी तरह एनिमल-फ्री प्रोटीन बनाती है. इससे न सिर्फ इनोवेशन बढ़ेगा, बल्कि हेल्थ और फूड सेक्टर में सस्टेनेबल विकल्प भी मिलेंगे.
GVFL के मैनेजिंग डायरेक्टर मिहिर जोशी ने कहा कि Genexis, भारत की बायोटेक वैल्यू चेन में एक बड़ा गैप भर रही है. इसकी R&D, इंफ्रास्ट्रक्चर और मार्केट में शुरुआती पकड़ इसे आगे ले जाने में मदद करेगी.
कंपनी पहले ही फार्मा कंपनियों, स्टार्टअप्स और एकेडमिक लैब्स के साथ साझेदारी कर चुकी है. 2023 में इसने गुजरात सरकार के साथ एक MoU साइन किया था और Global Bio‑India 2024 में अपनी टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन भी किया था.
Genexis आने वाले समय में कॉस्मेटिक यूज के लिए खास ग्रोथ फैक्टर भी बनाएगी और CDMO कंपनियों के साथ मिलकर बड़े स्केल पर मैन्युफैक्चरिंग का काम करेगी. GVFL, जो अहमदाबाद बेस्ड वेंचर कैपिटल फर्म है, अब तक 100 से ज्यादा कंपनियों में निवेश कर चुकी है. हेल्थटेक, क्लीनटेक और डीपटेक इनोवेशन इसका खास फोकस हैं.