योगी सरकार के सेवामित्र पोर्टल से बदली तस्वीर, घर बैठे कामगारों को मिल रहा रोजगार, जानिए कैसे

सेवामित्र पोर्टल प्रदेश में न सिर्फ घरेलू सेवाओं की आसान उपलब्धता का माध्यम बना है, बल्कि यह हजारों कुशल कामगारों के लिए रोजगार का सशक्त जरिया भी सिद्ध हो रहा है.
योगी सरकार के सेवामित्र पोर्टल से बदली तस्वीर, घर बैठे कामगारों को मिल रहा रोजगार, जानिए कैसे

योगी सरकार तकनीक के सहारे शासन-प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है. इसी कड़ी में सेवायोजन विभाग द्वारा विकसित सेवामित्र पोर्टल प्रदेश में न सिर्फ घरेलू सेवाओं की आसान उपलब्धता का माध्यम बना है, बल्कि यह हजारों कुशल कामगारों के लिए रोजगार का सशक्त जरिया भी सिद्ध हो रहा है. योगी सरकार के इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़कर हजारों कामगार आत्मनिर्भर बन रहे हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल तकनीकी रूप से आगे बढ़ रहा है, बल्कि 'आत्मनिर्भर प्रदेश' की ओर ठोस कदम भी बढ़ा रहा है. जून 2025 तक सेवामित्र पोर्टल की प्रगति पर नजर डालें तो अब तक कुल 39,857 सेवा बुकिंग की जा चुकी हैं. यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि प्रदेश की जनता इस सुविधा को तेजी से अपना रही है और उन्हें इसका लाभ भी मिल रहा है. इसके साथ ही, सेवामित्र हेल्पलाइन टोल फ्री नंबर 155330 पर 38,49,028 कॉल्स रिसीव की गईं.

सेवामित्र पोर्टल के माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश के नागरिकों को प्लंबर, इलेक्ट्रिशियन, मैकेनिक, एसी तकनीशियन, बढ़ई, धोबी आदि जैसी दैनिक घरेलू सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हों. साथ ही, कुशल कामगारों को उनके घर के नजदीक ही काम मिले, जिससे उन्हें दूसरे शहरों की ओर पलायन न करना पड़े. इस दोहरे उद्देश्य की पूर्ति आज सफलतापूर्वक होती दिख रही है.

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एक और उल्लेखनीय तथ्य यह है कि सेवामित्र प्लेटफॉर्म पर कार्य करने वाले सेवा प्रदाताओं को 27,53,794 रुपए की धनराशि उनके वॉलेट के माध्यम से प्राप्त हो चुकी है. योगी सरकार की यह पहल केवल उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि कामगारों के लिए भी आर्थिक रूप से लाभकारी सिद्ध हो रही है. वर्तमान समय में 52,349 कुशल कामगार इस पोर्टल पर पंजीकृत हैं.

इनमें बड़ी संख्या में ऐसे युवक-युवतियां शामिल हैं, जो तकनीकी या व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद अपने क्षेत्र में काम करना चाहते थे, लेकिन उन्हें सही प्लेटफॉर्म नहीं मिल पा रहा था. सेवामित्र योजना ने उन्हें न केवल काम दिलाया, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता भी दी.

पोर्टल की कार्यप्रणाली पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी है. उपभोक्ता पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जरूरत की सेवा बुक कर सकते हैं और उसी के अनुसार निकटतम पंजीकृत सेवा प्रदाता को कार्य आवंटित होता है. सेवा पूरी होने के बाद उपभोक्ता सेवा की गुणवत्ता का मूल्यांकन भी करता है, जिससे सुधार की गुंजाइश बनी रहती है.

योगी सरकार का उद्देश्य है कि इस पोर्टल को भविष्य में और भी सेवाओं से जोड़ा जाए तथा हर जिले और नगर निकाय तक इसका विस्तार किया जाए. इससे छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे. सरकार की मंशा है कि इस पोर्टल के जरिए अधिक से अधिक स्थानीय रोजगार सृजित हों और हर वर्ग को लाभ मिले.

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