Success Story: कभी ठुकरा दी थी ₹4 करोड़ की Job, अब Startup के लिए उठाई ₹500 करोड़ की Funding, गजब की है कहानी

IIT खड़गपुर (IIT Kharagpur) के दो ग्रेजुएट्स वरुण वुम्मादी और एशा मनीदीप ने ₹4 करोड़ की नौकरी और स्टैनफोर्ड (Stanford) की PhD ठुकराकर खुद का AI स्टार्टअप ‘Giga’ बनाया. दो साल में ही उनकी कंपनी ने $61 मिलियन (करीब ₹500 करोड़) की फंडिंग जुटाई. अब Giga को DoorDash जैसी दिग्गज कंपनियां इस्तेमाल कर रही हैं.
Success Story: कभी ठुकरा दी थी ₹4 करोड़ की Job, अब Startup के लिए उठाई ₹500 करोड़ की Funding, गजब की है कहानी

कभी आपने सोचा है कि कोई इंसान ₹4 करोड़ की नौकरी (Job Offer) छोड़कर क्या करेगा? या फिर कोई स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी (Stanford University) की PhD जैसी लाइफ-सेट ऑफर को ‘ना’ कह सकता है? IIT खड़गपुर के दो दोस्तों ने यही किया, जो बाकी लोग सपनों में भी नहीं सोचते.

वरुण वुम्मादी (Varun Vummadi) और एशा मनीदीप (Esha Manideep) ने अपने करियर की शुरुआत में ही एक बड़ा फैसला लिया. उन्होंने करोड़ों की सैलरी वाले ऑफर ठुकरा दिए और 2023 में शुरू किया अपना AI स्टार्टअप Giga. यह स्टार्टअप अब अमेरिका (USA) की बड़ी कंपनियों को कस्टमर सपोर्ट ऑटोमेशन (Customer Support Automation) सॉल्यूशन दे रहा है. हाल ही में इस कंपनी ने $61 मिलियन (करीब ₹500 करोड़) की फंडिंग उठाई है.

कहानी की शुरुआत: दो IITian और एक बड़ा सपना

दोनों की मुलाकात IIT खड़गपुर (IIT Kharagpur) में हुई. पढ़ाई के दौरान ही दोनों मशीन लर्निंग (Machine Learning) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) की गहराई में उतर चुके थे. जहां बाकी छात्र कैंपस प्लेसमेंट (Campus Placement) की तैयारी कर रहे थे, वहीं ये दोनों AI में कुछ नया करने का सपना बुन रहे थे.

वरुण को एक क्वांट ट्रेडिंग फर्म (Quant Trading Firm) से ₹4 करोड़ का ऑफर मिला, साथ ही स्टैनफोर्ड (Stanford) से PhD का ऑफर मिला. वहीं एशा को $1,50,000 (करीब ₹1.25 करोड़) का ऑफर हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग (High-Frequency Trading) कंपनी से. लेकिन दोनों ने तय किया- “हम जॉइन नहीं करेंगे, बिल्ड करेंगे.”

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क्यों छोड़ी करोड़ों की नौकरी?

LinkedIn पर वरुण की एक पुरानी पोस्ट वायरल हो रही है जिसमें उन्होंने लिखा था- “मुझे स्टैनफोर्ड से PhD ऑफर और $525K का जॉब ऑफर मिला, लेकिन मैंने और एशा ने फैसला किया कि हम रिसर्च और इनोवेशन में कुछ बड़ा करेंगे.” उनका मानना था कि पैसा बाद में भी आ सकता है, लेकिन असली मजा कुछ नया बनाने में है. यही सोच Giga के जन्म की वजह बनी.

क्या है Giga और क्या करती है कंपनी?

Giga एक AI-पावर्ड कस्टमर सपोर्ट प्लेटफॉर्म (AI Customer Support Platform) है. ये कंपनियों को रियल-टाइम मल्टीलिंगुअल (Real-time Multilingual) सपोर्ट ऑटोमेशन देता है. यानी कोई भी कंपनी अगर वॉइस या चैट के जरिए ग्राहकों से बात करना चाहती है, तो Giga का सिस्टम उनकी जगह खुद जवाब देता है, वो भी इंसानों जैसी टोन में. कंपनी का दावा है कि Giga का AI सिस्टम कंपनियों को न सिर्फ कस्टमर सपोर्ट तेज़ बनाता है, बल्कि लागत भी घटाता है.

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$61 मिलियन की जबरदस्त फंडिंग

2025 की शुरुआत में ही Giga ने Series A राउंड में $61 मिलियन की फंडिंग हासिल की. इस राउंड को Redpoint Ventures ने लीड किया, जबकि Y Combinator और Nexus Venture Partners ने भी निवेश किया. ये किसी भी भारतीय फाउंडर्स के लिए शुरुआती स्टेज पर सबसे बड़ी फंडिंग में से एक मानी जा रही है. सिलिकॉन वैली (Silicon Valley) में अब Giga का नाम एक “राइजिंग AI स्टार” के रूप में लिया जा रहा है.

सफलता के साथ ट्रोलिंग भी आई

जब वरुण और एशा ने इस फंडिंग की घोषणा X (पहले ट्विटर) पर की, तो लोगों ने तारीफों के साथ-साथ ट्रोलिंग भी शुरू कर दी. कुछ यूजर्स ने उनके लुक्स और एक्सेंट का मजाक उड़ाया.

एक यूज़र ने लिखा- “इंडियन्स तो वैसे भी अट्रैक्टिव नहीं होते.” दूसरे ने कहा- “$61 मिलियन मिले हैं, तो अब कुछ खूबसूरत लोगों को डेमो के लिए रख लो.” लेकिन सोशल मीडिया पर बहुत से लोगों ने उनका बचाव किया. एक कमेंट में किसी ने लिखा- “जब लोग टैलेंट से नहीं जीत पाते, तो चेहरे पर वार करते हैं.”

DoorDash जैसे क्लाइंट्स के साथ Giga का विस्तार

DoorDash, जो अमेरिका की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी है, पहले से ही Giga का कस्टमर है. कंपनी अब अपने AI वॉयस एजेंट्स को कई Fortune 100 कंपनियों तक ले जा रही है. Giga का फोकस सिर्फ टेक्नोलॉजी पर नहीं, बल्कि यूज़र एक्सपीरियंस (User Experience) पर भी है. इसका AI सिस्टम इंसान जैसी नेचुरल बातचीत करता है, जिससे ग्राहक को लगता है कि वो किसी असली एजेंट से बात कर रहा है.

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IIT से Silicon Valley तक: नई पीढ़ी की कहानी

वरुण और एशा की कहानी सिर्फ दो लोगों की नहीं, बल्कि उस नई इंडियन टेक जेनरेशन (Indian Tech Generation) की है जो अब ‘जॉब सीकर्स’ नहीं बल्कि ‘जॉब क्रिएटर्स’ बनना चाहती है. आज के युवा करोड़ों की सैलरी से ज्यादा वैल्यू अपने आइडिया को दे रहे हैं. AI और DeepTech जैसे सेक्टर में भारत के युवा अब दुनिया के सामने अपनी ताकत दिखा रहे हैं.

Conclusion

IIT से लेकर सिलिकॉन वैली तक का सफर आसान नहीं था. लेकिन वरुण और एशा ने साबित कर दिया कि बड़ा बनना सिर्फ पैसों से नहीं, सोच से होता है. उन्होंने दुनिया को दिखाया कि अगर आइडिया बड़ा है और इरादा पक्का, तो करोड़ों की सैलरी भी छोटी लगने लगती है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. AI क्या है?

AI यानी Artificial Intelligence, एक ऐसी तकनीक जो इंसान की तरह सोचने और निर्णय लेने की क्षमता देती है.

2. Series A फंडिंग क्या होती है?

स्टार्टअप को बढ़ाने के लिए पहली बड़ी इन्वेस्टमेंट राउंड को Series A कहा जाता है.

3. IIT का मतलब क्या होता है?

IIT यानी Indian Institute of Technology- भारत के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज.

4. Startup क्या होता है?

एक नया बिजनेस जो इनोवेशन के साथ मार्केट में नई समस्या का समाधान लाता है.

5. Machine Learning क्या है?

AI की एक शाखा जो डेटा से सीखकर सिस्टम को खुद निर्णय लेने में सक्षम बनाती है.

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