Startup Funding: स्टूडेंट को-लिविंग प्लेटफॉर्म HooLiv ने जुटाए ₹24 करोड़, जानिए कहां होगा इन पैसों का इस्तेमाल

स्टूडेंट को-लिविंग प्लेटफॉर्म (Student Co-Living Platform) HooLiv ने प्री-सीरीज A फंडिंग राउंड (Pre-Series A Funding Round) में 24 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस निवेश का नेतृत्व Negen Capital ने किया है. कंपनी अब नॉन-मेट्रो शहरों में अपने ऑपरेशन बढ़ाने और नए बेड अधिग्रहण (Bed Acquisitions) पर ध्यान देगी.
Startup Funding: स्टूडेंट को-लिविंग प्लेटफॉर्म HooLiv ने जुटाए ₹24 करोड़, जानिए कहां होगा इन पैसों का इस्तेमाल

भारत में तेजी से बढ़ते स्टूडेंट हाउसिंग सेक्टर (Student Housing Sector) में अब एक नया नाम लगातार चर्चा में है- HooLiv. दिल्ली (New Delhi) का यह स्टार्टअप छात्रों के लिए मॉडर्न को-लिविंग स्पेस (Modern Co-living Space) उपलब्ध कराता है. अब कंपनी ने 24 करोड़ रुपये जुटाकर अपने विस्तार की तैयारी शुरू कर दी है.

इस फंडिंग राउंड का नेतृत्व Negen Capital ने किया, जिसमें कई संस्थागत निवेशकों (Institutional Investors), फैमिली ऑफिसेस (Family Offices) और एंजेल निवेशकों (Angel Investors) ने भी भाग लिया. कंपनी का लक्ष्य अब छोटे शहरों में छात्रों को बेहतर और सुरक्षित रहन-सहन की सुविधा देना है.

कहां खर्च करेगी कंपनी जुटाए गए पैसे?

HooLiv इस फंडिंग का इस्तेमाल 3 प्रमुख कामों में करने जा रही है-

  1. नॉन-मेट्रो शहरों में विस्तार (Expansion in Non-Metro Cities)
  2. नए बेड्स और प्रॉपर्टी अधिग्रहण (New Bed Acquisitions)
  3. ब्रांड बिल्डिंग और टेक्नोलॉजी अपग्रेड्स

कंपनी अपने प्रॉपर्टी मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म (Property Management Platform) को और मजबूत बनाने की दिशा में भी काम करेगी ताकि छात्रों को एक बेहतर डिजिटल अनुभव दिया जा सके.

स्टूडेंट्स के लिए बना खास हाउसिंग मॉडल

HooLiv का मॉडल पारंपरिक पीजी या हॉस्टल से बिल्कुल अलग है. यह प्लेटफॉर्म छात्रों को रहने के साथ-साथ मेंटेनेंस, सिक्योरिटी और कम्युनिटी एंगेजमेंट की सुविधा भी देता है. कंपनी की शुरुआत साल 2019 में चिन्मय मिश्रा, अभिषेक वर्मा, गौरव विज और रश्मि मिश्रा ने की थी. उनका लक्ष्य छात्रों को एक ऐसा हाउसिंग सॉल्यूशन देना था जो घर जैसा आराम और सुरक्षा दे.

अब तक 15,000 से ज्यादा छात्र जुड़े

कंपनी का दावा है कि वह अब तक 15,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स को सर्विस दे चुकी है. HooLiv फिलहाल देशभर के 20 लोकेशंस पर एक्टिव है. इसमें यूनिवर्सिटीज और कोचिंग हब्स दोनों शामिल हैं.

भारत के बाद इंटरनेशनल बाजार में नजर

HooLiv का अगला बड़ा कदम होगा अपने बिजनेस मॉडल को इंटरनेशनल लेवल पर दोहराना. कंपनी मानती है कि दुनिया भर में स्टूडेंट हाउसिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है और इसका फायदा भारतीय ब्रांड्स भी उठा सकते हैं.

क्यों खास है HooLiv का मॉडल?

  • छात्रों के लिए प्रीमियम, लेकिन सस्ता को-लिविंग स्पेस
  • हर सुविधा एक प्लेटफॉर्म पर: मेंटेनेंस, सिक्योरिटी, वाई-फाई
  • टेक्नोलॉजी-ड्रिवन मैनेजमेंट सिस्टम
  • स्ट्रॉन्ग ब्रांड कनेक्ट और कम्युनिटी एंगेजमेंट

Conclusion

भारत में स्टूडेंट हाउसिंग सेक्टर अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन इसकी संभावनाएं बहुत बड़ी हैं. HooLiv जैसे स्टार्टअप्स इस इंडस्ट्री को संगठित रूप देने में अहम भूमिका निभा रहे हैं. नई फंडिंग के साथ कंपनी अब छोटे शहरों में कदम रखकर लाखों छात्रों की जिंदगी आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- स्टार्टअप क्या होता है?

ऐसा नया बिजनेस जो किसी समस्या का इनोवेटिव समाधान देता है.

2- फंडिंग राउंड क्या होता है?

जब कोई कंपनी निवेशकों से पैसा जुटाती है ताकि वह अपने बिजनेस को बढ़ा सके.

3- प्री-सीरीज A फंडिंग का क्या मतलब है?

यह शुरुआती निवेश राउंड होता है जो सीरीज A से पहले आता है.

4- को-लिविंग प्लेटफॉर्म क्या होता है?

ऐसा मॉडल जहां लोग एक साथ रहते हैं और सुविधाएं साझा करते हैं.

5- नॉन-मेट्रो शहरों में विस्तार क्यों जरूरी है?

वहां स्टूडेंट हाउसिंग की मांग तेजी से बढ़ रही है.

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