कारपूलिंग से पराली के प्रोडक्ट्स तक.. दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए स्टार्टअप्स ने कसी कमर, जानिए क्या है आगे का प्लान!

दिल्ली की जहरीली हवा से निपटने के लिए अब सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि स्टार्टअप फाउंडर्स और निवेशक भी मैदान में उतर गए हैं. करीब 40 स्टार्टअप्स ने मिलकर कारपूलिंग, पराली समाधान और क्लीनटेक जैसे आसान और तुरंत असर दिखाने वाले तरीकों पर काम शुरू किया है. मकसद है पॉलिसी से आगे बढ़कर जमीन पर बदलाव लाना.
कारपूलिंग से पराली के प्रोडक्ट्स तक.. दिल्ली को प्रदूषण से बचाने के लिए स्टार्टअप्स ने कसी कमर, जानिए क्या है आगे का प्लान!

दिल्ली एक बार फिर जहरीली हवा की चपेट में है. हर साल की तरह इस बार भी सर्दियां आते ही स्मॉग की मोटी चादर शहर पर छा गई है. एयर क्वालिटी इंडेक्स खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. इस बार फर्क बस इतना है कि अब इस समस्या से निपटने की कोशिश सिर्फ फाइलों और बैठकों तक सीमित नहीं रही.

दिल्ली के सेंट्रल पार्क में करीब 40 स्टार्टअप्स के फाउंडर्स और वेंचर कैपिटल और प्राइवेट इक्विटी फर्म्स के प्रतिनिधि इकट्ठा हुए. मकसद साफ था, दिल्ली की हवा को लेकर बात कम और काम ज्यादा. इस मीटिंग में मोबिलिटी (Mobility), एग्रीकल्चर (Agriculture), एयर प्यूरीफिकेशन (Air Purification) और क्लाइमेट टेक (Climate Technology) जैसे सेक्टर्स से जुड़े स्टार्टअप्स शामिल हुए.

हर सर्दी क्यों घुट जाती है दिल्ली?

Add Zee Business as a Preferred Source

दिल्ली में प्रदूषण कोई नई समस्या नहीं है. हर साल अक्टूबर से जनवरी के बीच हालात बेहद खराब हो जाते हैं. गाड़ियों का धुआं, कंस्ट्रक्शन की धूल, फैक्ट्रियों का प्रदूषण और पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से उठने वाला धुआं मिलकर हालात को और बिगाड़ देता है.

इस दौरान सबसे खतरनाक साबित होता है PM2.5 (Fine Particulate Matter). ये इतने छोटे कण होते हैं कि सीधे सांस के जरिए शरीर में चले जाते हैं और खून तक पहुंच जाते हैं. कई स्टडीज में सामने आया है कि दिल्ली में समय से पहले होने वाली मौतों की बड़ी वजह एयर पॉल्यूशन है.

मोबिलिटी सेक्टर में आसान लेकिन असरदार समाधान

मीटिंग में सबसे ज्यादा चर्चा ट्रांसपोर्ट को लेकर हुई. दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियों की संख्या हर साल बढ़ रही है, लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट उतनी तेजी से नहीं बढ़ पा रहा. ऐसे में निजी गाड़ियां प्रदूषण का बड़ा कारण बन गई हैं.

क्विक राइड (Quick Ride) के को-फाउंडर विशाल लवटी ने कारपूलिंग को सबसे आसान और तुरंत असर दिखाने वाला समाधान बताया. उनका कहना है कि इलेक्ट्रिक व्हीकल जैसे बड़े समाधान जरूर जरूरी हैं, लेकिन उनमें समय लगेगा.

उनके मुताबिक, कारपूलिंग में न तो नई सड़क चाहिए, न नई बसें और न कोई भारी खर्च. बस लोगों की सोच बदलने की जरूरत है. अगर पीक ऑवर्स में सिंगल ऑक्युपेंसी गाड़ियां थोड़ी भी कम हो जाएं, तो ट्रैफिक और प्रदूषण दोनों में साफ फर्क दिख सकता है.

कारपूलिंग के फायदे

  • गाड़ियों की संख्या कम होती है
  • ईंधन की बचत होती है
  • ट्रैफिक जाम घटता है
  • तुरंत असर देखने को मिलता है

पराली जलाने की जड़ में क्या है असली समस्या?

दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने की बड़ी भूमिका रहती है. पंजाब और हरियाणा में धान की फसल कटने के बाद खेतों में बची पराली को जलाना किसानों के लिए सबसे सस्ता और आसान तरीका होता है. लेकिन इससे उठने वाला धुआं दिल्ली तक पहुंच जाता है. अगर वहां के किसानों को पराली से कमाई का रास्ता दिखे, तो जलाने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. लोकल लेवल पर पराली का इस्तेमाल ही इसका सबसे सही हल है.

निवेशकों की नजर में प्रदूषण एक मौका

इस मीटिंग में निवेशक भी सिर्फ सुनने नहीं आए थे. उनके लिए यह मुद्दा इमोशनल के साथ-साथ बिजनेस का भी है. एयर पॉल्यूशन एक सिस्टम की समस्या है और स्टार्टअप्स इसे स्केल पर सॉल्व कर सकते हैं. वहां मौजूद निवेशकों ने इसके लिए काम करने वाले स्टार्टअप्स के साथ मिलकर काम करने और निवेश करने की बात कही.

हालांकि, भारत में क्लीनटेक और क्लाइमेट स्टार्टअप्स में निवेश बढ़ा है, लेकिन ज्यादातर कंपनियां पायलट प्रोजेक्ट से आगे नहीं बढ़ पातीं. वजह है रेगुलेटरी दिक्कतें और सरकारी साझेदारी की कमी.

Conclusion

दिल्ली की हवा की समस्या सालों पुरानी है, लेकिन अब इससे लड़ने का तरीका बदल रहा है. स्टार्टअप्स और निवेशक मिलकर जमीन पर काम करने की कोशिश कर रहे हैं. कारपूलिंग, पराली का सही इस्तेमाल और क्लीनटेक जैसे समाधान छोटे लग सकते हैं, लेकिन सही तरीके से लागू हुए तो बड़ा फर्क ला सकते हैं. उम्मीद है कि यह पहल सिर्फ मीटिंग तक सीमित न रहकर आने वाली सर्दियों में दिल्ली को थोड़ी साफ हवा दे पाएगी.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- एयर पॉल्यूशन क्या है?

हवा में हानिकारक गैसों और कणों का बढ़ जाना एयर पॉल्यूशन कहलाता है.

2- PM2.5 क्यों खतरनाक है?

ये कण सांस के जरिए शरीर में जाकर गंभीर बीमारियां पैदा करते हैं.

3- कारपूलिंग से कितना फायदा होता है?

गाड़ियों की संख्या कम होने से प्रदूषण और ट्रैफिक दोनों घटते हैं.

4- पराली जलाना क्यों होता है?

किसानों के लिए यह सबसे सस्ता और तेज तरीका होता है.

5- पराली का इस्तेमाल कैसे हो सकता है?

इससे फ्यूल, खाद और बायोडिग्रेडेबल प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

RECOMMENDED

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6