Startup Shutdown: एक और स्टार्टअप हुआ बंद, 3 साल भी नहीं टिक पाया, जानिए क्यों बंद करना पड़ा बिजनेस

सब्सक्रिप्शन-बेस्ड इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (Electric Mobility) स्टार्टअप MyPickup ने तीन साल पूरे करने से पहले ही अपने ऑपरेशन बंद कर दिए हैं. आईपीवी (Inflection Point Ventures) समर्थित इस कंपनी की शुरुआत बड़े विजन के साथ हुई थी, लेकिन फंडिंग (Funding) और प्रॉडक्ट-मार्केट फिट (Product-Market Fit) की कमी ने इसे टिकने नहीं दिया.
Startup Shutdown: एक और स्टार्टअप हुआ बंद, 3 साल भी नहीं टिक पाया, जानिए क्यों बंद करना पड़ा बिजनेस

भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है. हर महीने नई कंपनियां सामने आती हैं और कई पुरानी कंपनियां बंद भी हो जाती हैं. ऐसा ही हुआ MyPickup के साथ, जिसने फरवरी 2023 में बड़ी उम्मीदों के साथ शुरुआत की थी. कंपनी का आइडिया अनोखा था, लेकिन यह लंबे समय तक टिक नहीं पाया.

दरअसल, MyPickup एक सब्सक्रिप्शन-बेस्ड राइड सर्विस थी जो इलेक्ट्रिक ऑटो (Electric Auto) पर फोकस करती थी. इसमें लोग हफ्ते या महीने का प्लान ले सकते थे, जिसमें ना कैंसिलेशन होता और ना ही सर्ज प्राइसिंग. सुनने में यह आइडिया परफेक्ट लगता है, लेकिन मार्केट की चुनौतियां और निवेश की कमी इस मॉडल पर भारी पड़ी.

कैसे शुरू हुआ MyPickup?

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MyPickup की नींव फरवरी 2023 में अभिजीत जगताप ने रखी. उनका आइडिया था कि रोजाना सफर करने वाले लोगों को एक भरोसेमंद और फिक्स्ड प्राइसिंग वाला विकल्प दिया जाए. हफ्ते या महीने का सब्सक्रिप्शन लेकर लोग बिना चिंता के सफर कर सकें.

कंपनी ने खुद को पारंपरिक राइड-हेलिंग (Ride-Hailing) प्लेटफॉर्म से अलग दिखाया. यहां ना तो पीक-आवर्स में प्राइसिंग बढ़ती थी और ना ही राइड्स कैंसल होती थीं. यानी, भरोसेमंद और प्रेडिक्टेबल सर्विस.

ग्राहक खुश थे, लेकिन नंबर छोटे

मई 2025 में MyPickup अपने पीक पर था. तब यह हर महीने करीब 4000 राइड्स पूरी करता था. कंपनी के पास केवल 19 गाड़ियां और 100 सब्सक्राइबर थे. रिटेंशन रेट भी 80% से ज्यादा था, यानी ज्यादातर लोग बार-बार इसकी सर्विस चुनते थे.

मीट्रिकआंकड़ा
गाड़ियां (Vehicles)19
मंथली राइड्स (Monthly Rides)~4000
सब्सक्राइबर (Subscribers)~100
रिटेंशन रेट (Retention Rate)80%+

ग्राहक सर्विस से खुश थे, लेकिन यह स्केल निवेशकों को नहीं लुभा पाया. बड़े निवेशक ऐसे मॉडल को तभी पैसा देते हैं जब नंबर बहुत बड़े और ग्रोथ एक्सपोनेंशियल हो.

फंडिंग की चुनौती

MyPickup ने जुलाई 2024 में Inflection Point Ventures (IPV) से 1.5 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग उठाई थी. यह पैसा लगभग एक साल तक ऑपरेशन चलाने में मददगार रहा. लेकिन आगे बढ़ने के लिए और बड़े निवेश की जरूरत थी. अभिजीत जगताप के मुताबिक, कंपनी को "पेशेंस कैपिटल" यानी ऐसा पैसा चाहिए था जो तुरंत रिटर्न ना मांगे और लंबे समय तक साथ रहे, लेकिन ऐसा निवेश नहीं मिला.

क्यों नहीं बना प्रोडक्ट-मार्केट फिट?

कंपनी ने 2.5 साल में 4 बार पिवट (Pivot) किया. यानी, बार-बार बिजनेस मॉडल बदला ताकि बेहतर कस्टमर एक्सपीरियंस मिल सके. लेकिन नॉन-पीक ऑवर्स में राइड्स की डिमांड कम होने से बैलेंस बिगड़ता रहा. जगताप का कहना है कि उन्होंने प्रोडक्ट-मार्केट फिट (PMF) तक पहुंचने में लगने वाले समय और पूंजी को कम आंका. यह वही गलती है जो कई शुरुआती स्टार्टअप करते हैं.

भारत में मोबिलिटी स्टार्टअप्स की मुश्किलें

भारत का राइड-हेलिंग और EV सेक्टर तेजी से बदल रहा है. पॉलिसी, इनोवेशन और कैपिटल- ये तीनों चीजें मिलकर भविष्य तय कर रही हैं. लेकिन नए स्टार्टअप के लिए यहां टिकना आसान नहीं. बड़े प्लेयर्स जैसे ओला (Ola), उबर (Uber) और रैपिडो (Rapido) पहले से ही बाजार पर कब्जा जमाए बैठे हैं. ऐसे में नए स्टार्टअप को या तो बहुत ही यूनिक मॉडल चाहिए या फिर बड़े निवेशक का भरोसा.

टीम और निवेशकों का आभार

MyPickup बंद होने के बावजूद अभिजीत जगताप ने अपनी टीम और शुरुआती निवेशकों का आभार जताया. उन्होंने खास तौर पर अपने कोर टीम मेंबर वरुण पी. और सायन के योगदान का जिक्र किया. साथ ही पहले निवेशक अरविंद और IPV के को-फाउंडर्स अंकुर मित्तल और मितेश शाह को भी धन्यवाद दिया.

फाउंडर का मैसेज

जगताप ने कहा- "भारत में असली बिजनेस बनाना मुश्किल है, लेकिन यही सबसे रोमांचक काम है. मैंने पिछले ढाई सालों में जो सीखा है, उसे अपने अगले वेंचर में इस्तेमाल करूंगा."

Conclusion

MyPickup की कहानी भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम की हकीकत दिखाती है. एक आइडिया अच्छा होने के बावजूद सही फंडिंग और सही समय पर प्रॉडक्ट-मार्केट फिट न मिलने से स्टार्टअप टिक नहीं पाते. ग्राहकों का सपोर्ट और अच्छा अनुभव भी तब तक बेकार हो जाता है जब तक बिजनेस स्केलेबल और फाइनेंशियली सस्टेनेबल न हो. यह उन सभी उद्यमियों के लिए सबक है जो इस सफर की शुरुआत करना चाहते हैं.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. स्टार्टअप शुरू करने के लिए पहला कदम क्या होना चाहिए?

Ans: सही आइडिया और मार्केट रिसर्च.

Q2. सीड फंडिंग का मतलब क्या है?

Ans: शुरुआती दौर में स्टार्टअप को दिया गया निवेश.

Q3. प्रॉडक्ट-मार्केट फिट कैसे पता चलता है?

Ans: जब ग्राहक आपके प्रॉडक्ट को बार-बार चुनें और डिमांड स्थिर हो.

Q4. पिवट का मतलब क्या है?

Ans: बिजनेस मॉडल या स्ट्रेटेजी को बदलना.

Q5. EV स्टार्टअप्स को सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

Ans: चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल की कमी.

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