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भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम में IPO का क्रेज तेजी से बढ़ता जा रहा है. ऐसे में अब इन नए जमाने की कंपनियों को पब्लिक मार्केट में उतरने में मदद देने के लिए एक नया सेंटर बनाया गया है. इसके लिए Startup Policy Forum (SPF) ने Centre for New-age Public Companies (CNPC) की शुरुआत की है. इसका मकसद उन स्टार्टअप्स को मदद करना है जो पहले से लिस्टेड हैं या फिर आने वाले वक्त में IPO लाने की तैयारी कर रहे हैं.
इसका ऐलान मुंबई में SEBI के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे और करीब 20 स्टार्टअप फाउंडर्स और सीनियर एग्जीक्यूटिव्स की बैठक के दौरान हुआ. इस बैठक में OYO के रितेश अग्रवाल, Swiggy के रोहित कपूर, Pine Labs के अमरीश राउ और Cred, Practo, Bluestone जैसी कंपनियों के बड़े अधिकारी मौजूद थे.
Startup Policy Forum के मुताबिक, आने वाले वक्त में करीब 40 स्टार्टअप अपना आईपीओ लाने की तैयारी में हैं. इनकी कुल वैल्यू 90 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा आंकी जा रही है. ऐसे में CNPC उन सभी कंपनियों को रेगुलेटरी गाइडलाइन, गवर्नेंस और इनवेस्टर से जुड़े मामलों में सपोर्ट करेगा.
यह सेंटर SEBI और दूसरे रेगुलेटर्स के साथ मिलकर स्टार्टअप फ्रेंडली नीतियां बनाने में मदद करेगा. इसके अलावा, यह कंपनियों के लिए टूलकिट, पॉलिसी नोट्स और गवर्नेंस गाइड्स भी तैयार करेगा.
आने वाले दिनों में Lenskart, Wakefit, Meesho, Boat, Shiprocket, Pine Labs, PhysicsWallah, Zetwerk जैसी कंपनियां IPO लाने की प्लानिंग कर रही हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक एक दर्जन से भी ज्यादा कंपनियां ड्राफ्ट पेपर फाइल कर चुकी हैं और 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने की तैयारी में हैं.

Startup Policy Forum की CEO श्वेता राजपाल कोहली ने कहा, “भारत के कैपिटल मार्केट में अब नए जमाने की टेक कंपनियों का बोलबाला है. ये पहल निवेशकों में भरोसा बढ़ाने, गवर्नेंस सुधारने और पारदर्शिता लाने में मदद करेगी.” NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर अशीष चौहान ने कहा कि “पब्लिक मार्केट में इन कंपनियों का आना एक बड़ी तरक्की है. इससे भारत की इकोनॉमी और निवेशकों दोनों को फायदा होगा.”