&format=webp&quality=medium)
Startup Day: आज से एक दशक पहले 2016 में मोदी सरकार ने Startup India की शुरुआत की थी. उस मुहिम ने भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम को तेजी से आगे बढ़ने में काफी मदद की. तब से लेकर अब तक 10 सालों में स्टार्टटअप की दुनिया में काफी कुछ बदल चुका है. स्टार्टअप्स की संख्या आज इतनी ज्यादा हो गई है कि आंकड़े आपको हैरान कर सकते हैं. आज के वक्त में भारत का स्टार्टअप ईकोसिस्टम दुनिया में तीसरे नंबर पर है.
वहीं दूसरी ओर, पिछले 10 सालों में स्टार्टअप्स की वजह से बहुत सी नौकरियां भी पैदा हुईं. आइए जानते हैं इस एक दशक में स्टार्टअप ईकोसिस्टम में क्या-क्या बदल गया. जानिए इन 10 सालों में कितने स्टार्टअप शुरू हुए, कितने बंद हुए, कितने यूनिकॉर्न बन गए और सरकार ने इन स्टार्टअप्स को प्रमोट करने के लिए क्या-क्या किया.
डीपीआईआईटी के आंकड़ों के अनुसार 2016 में भारत में स्टार्टअप्स की संख्या करीब 500 थी, जिस वक्त स्टार्टअप इंडिया की शुरुआत हुई थी. वहीं अगर 10 साल बाद स्टार्टअप्स की संख्या की बात करें तो अब ये आंकड़ा 2,09,487 (15 जनवरी, दोपहर 2.40 बजे तक) पर पहुंच चुका है. यानी पिछले 10 सालों में स्टार्टअप्स की संख्या में करीब 420 गुना का इजाफा हुआ है.
ये भी पढ़ें- जब Shark Tank India के मंच पर हुई 'कुत्ते-बिल्ली की लड़ाई', जानिए कौन जीता! किसने किया जजों को इंप्रेस
साल 2016 में भारत में यूनिकॉर्न की संख्या 4-5 थी, जो अब 120 से भी ज्यादा हो चुकी है. बेंगलुरु के नियोबैंकिंग स्टार्टअप Open देश का 100वां यूनिकॉर्न बना था, तब पीयूष गोयल ने इसे लेकर एक ट्वीट भी किया था, जिसमें उन्होंने लिखा था कि भारत ने एक अलग स्टाइल में सेंचुरी मार दी है.
पिछले 10 सालों में भारत के स्टार्टअप ईकोसिस्टम ने बहुत सारी नौकरियां पैदा की हैं. भारत के स्टार्टअप्स ने 9 सालों में (31 अक्टूबर 2024 तक ) 16.67 लाख नौकरियां पैदा की थीं. यानी अभी ये आंकड़ा 20 लाख के करीब पहुंच गया होगा. सबसे ज्यादा नौकरियां आईटी और हेल्थकेयर सेक्टर में पैदा हुई हैं.

स्टार्टअप इंडिया का मकसद सिर्फ इतना नहीं था कि नए-नए स्टार्टअप खुलें, बल्कि महिलाओं को भी इसके तहत प्रोत्साहित किया जाता रहा है. अगर पिछले 1 दशक की बात करें तो करीब 75 हजार स्टार्टअप ऐसे हैं, जिनमें कम से कम एक महिला डायरेक्टर जरूर है.
पिछले 10 सालों में भारत सरकार की तरफ से बहुत सारी स्कीमें शुरू की गई हैं. इनका मकसद यही था कि स्टार्टअप्स को प्रमोट किया जा सके.
यह 19 प्वाइंट का एक्शन प्लान था, जिसे रेगुलेशन्स को आसान करने, टैक्स से जुड़े फायदे देने और बिजनेस शुरू और बंद करने की प्रोसेस आसान करने के मकसद से लाया गया था.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India 5: Credit Card वालों को स्मार्ट बना रहा ये Startup, कर दे रहा Travel से लेकर Hotel तक सब Free!
इसके तहत सरकार ने ₹10,000 करोड़ का कॉर्पस (SIDBI की तरफ से मैनेज) बनाया, ताकि AIFs के जरिए स्टार्टअप्स को इक्विटी मदद मिले. बता दें कि इस फंड को सीधे स्टार्टअप्स को नहीं दिया जाता है, बल्कि इनक्युबेटर्स या सेबी रजिस्टर्ड AIFs को दिया जाता है, जो स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं.
सरकार ने इस 2021 में लॉन्च किया था, जिसके तहत करीब ₹945 करोड़ रुपये का कॉर्पस बनाया गया. इसके जरिए स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रूफ-ऑफ-कॉन्सेप्ट और प्रोटोटाइप बनाने के लिए फंडिंग की जाती है.
स्टार्टअप इंडिया के तहत रजिस्टर होने वाले स्टार्टअप्स को 3 साल के लिए टैक्स छूट मिलती है, ताकि वह अपने बिजनेस को बेहतर बना सकें. यह फायदा किसी स्टार्टअप के शुरू होने की तारीख से 10 सालों तक लगातार किसी भी 3 साल के लिए मिल सकता है.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India 5: फंडिंग के लिए जमीन पर बैठा फाउंडर, बिजनेस इतना शानदार सभी जजों ने दिए ऑफर, किसे मिली डील?
वहीं लेबर लॉ और पर्यावरण लॉ के तहत सेल्फ सर्टिफिकेशन की सुविधा भी सरकार ने शुरू की. इसके तहत 6 लेबर लॉ और 3 पर्यावरण लॉ को रखा गया है.
सरकार ने स्टार्टअप्स के लिए पेटेंट हासिल करने की प्रोसेस को भी आसान किया है, ताकि इनोवेशन को बढ़ावा मिल सके.
हर साल राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम ने स्टार्टअप महाकुंभ का आयोजन किया जाता है. इस आयोजन में हजारों स्टार्टअप, निवेशक और स्टार्टअप ईकोसिस्टम से जुड़े तमाम लोग पहुंचते हैं. इससे इन सभी लोगों को एक मंच मिलता है, जिस पर वह अपने स्टार्टअप को प्रमोट कर सकते हैं और साथ ही बिजनेस के लिए नए-नए क्लाइंट और सप्लायर से मिल सकते हैं.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India 5:स्पेस के पास खड़ा रहेगा ये Drone, पलक झपकते दुश्मन को करेगा नेस्तनाबूत, नहीं पकड़ पाएगा रडार!
Startup India ने पिछले एक दशक में भारत को आइडिया-ड्रिवन इकॉनमी से इनोवेशन-ड्रिवन इकॉनमी की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभाई है. स्टार्टअप्स की संख्या, यूनिकॉर्न, नौकरियां और महिला भागीदारी- हर मोर्चे पर जबरदस्त ग्रोथ दिखी है. सरकारी स्कीम्स और आसान नियमों ने इस इकोसिस्टम को मजबूती दी है, जिससे आने वाले सालों में भारत और तेज रफ्तार पकड़ सकता है.
Startup India की शुरुआत 16 जनवरी 2016 को की गई थी.
स्टार्टअप्स की संख्या 500 से बढ़कर करीब 2.10 लाख हो गई है.
भारत में अब 120 से ज्यादा यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं.
पिछले 10 सालों में स्टार्टअप्स ने करीब 20 लाख नौकरियां पैदा की हैं.
Startup India Action Plan, Fund of Funds, Seed Fund Scheme, टैक्स छूट, कंप्लायंस आसान करना और पेटेंट सपोर्ट जैसी कई स्कीमें शुरू की गईं.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)