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कहते हैं असली खिलाड़ी वो होता है जो हार मानने से इनकार कर दे. नागपुर (Nagpur) के 3 दोस्तों ने जब Shark Tank India (शार्क टैंक इंडिया) में अपना आइडिया पेश किया, तो जजों ने उसे रिजेक्ट कर दिया. लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. आज वही आइडिया एक बड़ी कंपनी Hoora बन चुका है, जिसने 5 करोड़ रुपये की फंडिंग (Rs 5 crore funding) हासिल की है.
Hoora का मकसद है लोगों को उनकी गाड़ियों से जुड़ी तमाम तरह की सेवाएं मुहैया कराना. पहले यह स्टार्टअप एक Car Wash Service (कार वॉश सर्विस) था, लेकिन आज यह Vehicle 360 Company बन चुका है, जो कार सर्विसिंग, इंश्योरेंस, एक्सेसरीज और डिजिटल सॉल्यूशंस सब कुछ एक ही प्लेटफॉर्म पर देता है.
Hoora की शुरुआत साल 2019 में 3 दोस्तों यशवंत बुधवानी (Yashwant Budhwani), हर्ष सोमानी (Harsh Somani) और खालिद अंसारी (Khalid Ansari) ने की थी.
शुरुआत में यह एक सिंपल कार वॉश सर्विस थी, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने इसे एक “Vehicle 360 Platform” में बदल दिया, जहां कार से जुड़ी हर जरूरत का समाधान मिलता है. कंपनी का कहना है कि उनका मॉडल Asset-Light है, यानी ये खुद कोई बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं बनाते, बल्कि टेक्नोलॉजी और नेटवर्क पर भरोसा करते हैं.
नए निवेश (Investment) के तहत कंपनी अब अगले कुछ महीनों में बड़े शहरों में एंट्री लेगी. Hoora का फोकस 1000 से ज्यादा Hoora Kits तैनात करने पर है. कंपनी इन पैसों से नए वर्टिकल्स में भी उतरने की योजना बना रही है, जैसे Direct-to-Consumer Products, Accessories Marketplace, Insurance Services. Hoora के CEO यशवंत बुधवानी कहते हैं, “हम भारत में वाहन स्वामित्व को आसान और टिकाऊ बनाने के मिशन पर हैं. यह फंडिंग हमारे विजन को और मजबूत करेगी.”
Hoora की सबसे बड़ी ताकत है इसका टेक-इनेबल्ड हार्डवेयर किट (Tech-Enabled Hardware Kit), जिसे Hoora Kit कहा जाता है. यह किट न सिर्फ कार वॉश प्रोसेस को आसान बनाती है, बल्कि पानी की खपत को भी बहुत कम करती है.
Hoora ने अब तक शानदार ग्रोथ दिखाई है. कंपनी का कहना है कि उनकी तकनीक और नेटवर्क ने ऑटोमोबाइल आफ्टरमार्केट (Automobile Aftermarket) में एक नई परिभाषा गढ़ी है. कंपनी के ऐप के 20 लाख से भी ज्यादा डाउनलोड हुए हैं. कंपनी का मंथली रिकरिंग रेवेन्यू 3 करोड़ रुपये है और एनुअल रेवेन्यू 36 करोड़ रुपये है. कंपनी के प्रोफेशनल नेटवर्क में 350 से भी ज्यादा लोग हैं.
Hoora का कहना है कि वह सिर्फ कार केयर नहीं, बल्कि ग्रीन टेक्नोलॉजी (Green Technology) को बढ़ावा दे रहे हैं. उनके वॉटर सेविंग सॉल्यूशंस ने अब तक लाखों लीटर पानी बचाया है. साथ ही, कंपनी अपने IND Green Kit जैसी इनिशिएटिव्स के जरिए पर्यावरण की सुरक्षा पर भी फोकस कर रही है.
आने वाले समय में Hoora खुद को भारत का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड व्हीकल मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म (Integrated Vehicle Management Platform) बनाना चाहता है. कंपनी की योजना है कि वो क्लीन टेक, प्रोफेशनल नेटवर्क और डिजिटल एक्सपीरियंस को मिलाकर एक सस्टेनेबल ओनरशिप एक्सपीरियंस दे.
CEO यशवंत बुधवानी का कहना है, “हम हर वाहन मालिक को स्मार्ट, ग्रीन और कनेक्टेड सॉल्यूशन देना चाहते हैं. हमारा मकसद है कि भारत में हर वाहन का बेहतर ख्याल रखने के लिए Hoora पहला नाम बने.”
Shark Tank India से रिजेक्शन के बाद भी Hoora ने दिखा दिया कि "ना" सुनना कभी हार नहीं होती. यह स्टार्टअप आज भारत में वाहन सर्विस और मैनेजमेंट को टेक्नोलॉजी के सहारे नया चेहरा दे रहा है. 5 करोड़ की फंडिंग के बाद, Hoora अब सिर्फ एक स्टार्टअप नहीं, बल्कि एक Movement बन चुका है- जो सस्टेनेबिलिटी, इनोवेशन और भारतीय उद्यमिता की ताकत का उदाहरण है.
स्टार्टअप एक नया इनोवेटिव बिजनेस आइडिया होता है, जो किसी समस्या का नया समाधान देता है.
निवेशक किसी स्टार्टअप में हिस्सेदारी लेकर पैसा लगाते हैं.
किसी बिजनेस को शुरू करने के लिए मिलने वाली शुरुआती फंडिंग को सीड फंडिंग कहते हैं.
यह एक टीवी शो है जहां निवेशक नए बिजनेस आइडिया में पैसा लगाते हैं.
रेवेन्यू कुल कमाई होती है, जबकि प्रॉफिट में खर्च निकालने के बाद की बचत होती है.
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