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भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम (Startup Ecosystem) इन दिनों खूब तेजी पकड़ रहा है. हर हफ्ते कई नए सौदे (Deals) हो रहे हैं और शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप्स पर निवेशकों का भरोसा बढ़ रहा है. इस हफ्ते की रिपोर्ट बताती है कि शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स ने जबरदस्त फंडिंग हासिल की है. पिछले हफ्ते स्टार्टअप्स ने 48 मिलियन डॉलर यानी करीब 425 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई है.
5 स्टार्टअप्स ने सीरीज A (Series A) राउंड में 16.7 मिलियन डॉलर की फंडिंग पाई, जबकि 8 स्टार्टअप्स ने सीड स्टेज (Seed Stage) में 12.8 मिलियन डॉलर जुटाए. इसमें सबसे बड़ा नाम इंटीरियर डिजाइन स्टार्टअप फ्लिपस्पेसेस (Flipspaces) का रहा, जिसने अकेले 9 मिलियन डॉलर हासिल किए.
इस हफ्ते का बड़ा ट्रेंड यही रहा कि शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को सबसे ज्यादा पैसा मिला.
ये आंकड़े बताते हैं कि निवेशक अब उन स्टार्टअप्स में पैसा लगा रहे हैं, जिनके पास नया आइडिया और तेजी से बढ़ने की क्षमता है.
इस हफ्ते एंटरप्राइज सर्विसेज (Enterprise Services) सेक्टर ने सबसे ज्यादा निवेश खींचा. चार स्टार्टअप्स ने मिलकर 12.2 मिलियन डॉलर जुटाए. वहीं ई-कॉमर्स (Ecommerce) सेक्टर में भी चार डील हुईं, जिनमें कुल 7.2 मिलियन डॉलर आए. दिलचस्प बात ये रही कि सभी ईकॉमर्स डील्स डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) स्टार्टअप्स से जुड़ी रहीं.
इस हफ्ते का सबसे बड़ा सौदा फ्लिपस्पेसेस (Flipspaces) के नाम रहा. कंपनी ने 9 मिलियन डॉलर जुटाए और अपने सीरीज C (Series C) राउंड को 50 मिलियन डॉलर पर बंद किया.
इसी के साथ रियल एस्टेट टेक (Real Estate Tech) सेक्टर में भी हलचल दिखी. वीहाउस (WeHouse) ने सीरीज A (Series A) राउंड में 2.8 मिलियन डॉलर जुटाए. इस वजह से रियल एस्टेट टेक इस हफ्ते दूसरा सबसे ज्यादा निवेश पाने वाला सेक्टर रहा.
वीसी फर्म ए जूनियर वीसी (A Junior VC) ने अपना डेब्यू AIF फंड 200 करोड़ रुपये पर बंद किया. वेंचर कैटेलिस्ट्स (Venture Catalysts) ने 150 करोड़ रुपये जुटाए, जिसमें प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के ट्रांजैक्शन शामिल रहे. इस राउंड में कई बड़े नाम शामिल रहे जैसे आशिष कचोलिया, ऑथम इन्वेस्टमेंट्स, ऐश्वर्या राय, शाहरुख खान फैमिली ऑफिस आदि.
इस हफ्ते की फंडिंग रिपोर्ट बताती है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अभी भी बहुत मजबूत है. शुरुआती स्टार्टअप्स को निवेशकों का भरपूर सपोर्ट मिल रहा है. वहीं, आईपीओ मार्केट ने भी दिखा दिया कि निवेशकों का भरोसा भारतीय कंपनियों पर कायम है. आने वाले दिनों में ये ट्रेंड और भी तेज हो सकता है.
नए आइडिया पर बनी और तेजी से बढ़ने वाली कंपनी को स्टार्टअप कहते हैं.
सीड, सीरीज A, B, C और आगे प्री-IPO स्टेज तक.
जब कोई कंपनी अपने शेयर पहली बार जनता को बेचती है, उसे आईपीओ कहते हैं.
जो सीधे कस्टमर को बिना किसी बीचवाले के प्रोडक्ट बेचते हैं.
जिस स्टार्टअप की वैल्यू 1 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो जाती है.
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