Shark Tank India 5: इंस्टाग्राम से खड़ा कर दिया Live कॉमर्स का बिजनेस, सारे जज हुए इंप्रेस, तो क्यों नहीं मिली Funding?

Shark Tank India Season 5 में TBFO नाम का एक स्टार्टअप सामने आया, जिसने Instagram reels और लाइव वीडियोज़ के दम पर करोड़ों का फैशन बिजनेस खड़ा कर दिया. भोपाल के पति-पत्नी अवनीश शर्मा और याशिका ग्यानचंदानी की यह कहानी दिखाती है कि सोशल मीडिया आज कैसे बिना फंडिंग के भी एक मजबूत ब्रांड बना सकता है.
Shark Tank India 5: इंस्टाग्राम से खड़ा कर दिया Live कॉमर्स का बिजनेस, सारे जज हुए इंप्रेस, तो क्यों नहीं मिली Funding?

Shark Tank India 5: क्या आपने भी कभी इंस्टाग्राम पर वीडियो देखकर कोई ड्रेस खरीदी है? यकीनन ये कोई बड़ी बात नहीं, बहुत सारे लोग ऐसा करते होंगे. लेकिन शार्क टैंक इंडिया के पांचवें सीजन में एक ऐसा स्टार्टअप आया, जिसने इंस्टाग्राम पर वीडियो बना-बनाकर ही अपना बिजनेस खड़ा कर दिया. यहां तक कि कंपनी की फाउंडर खुद इंस्टाग्राम पर लाइव आकर भी कपड़ों के बारे में बताती हैं, जिसके बाद सेल में एक उछाल देखने को मिलता है.

इस स्टार्टअप का नाम है TBFO यानी द ब्रांडेड फैक्ट्री आउटलेट, जिसकी शुरुआत की है भोपाल के रहने वाले पति-पत्नी अवनीश शर्मा और याशिका ग्यानचंदानी ने. जब वह शार्क टैंक इंडिया के मंच पर आए, तो उन्होंने अपनी पिच भी एक रील के फॉर्मेट में ही शुरू की. वहीं अवनीश के कंधे पर एक छोटा सा जू-जू (वोडाफोन के विज्ञापन वाला कैरेक्टर) बैठा हुआ दिखा. नमिता ने पूछा ये क्या है? जू-जू? अवनीश बोले- 'ये मेरा कंपेनियन है, मैं नर्वस हूं, लेकिन ये मुझे कॉन्फिडेंस दे रहा है.'

याशिका के लाइव का लोग करते हैं इंतजार!

Add Zee Business as a Preferred Source

फाउंडर्स का दावा है कि वह एक्सक्लूसिव लग्जरी क्लोदिंग बनाते हैं, जिनकी कीमत बहुत ही किफायती होती है. कंपनी के इंस्टाग्राम पर आज के वक्त में 3.6 लाख से भी ज्यादा फॉलोअर्स हैं. याशिका का लाइव लोग खूब पसंद करते हैं. वह अक्सर 3-4 बजे लाइव आती हैं, जब महिलाएं घर का काम कर के फ्री हो चुकी होती हैं. ऐसे में वह उनका लाइव खूब देखते हैं. लाइव के वक्त ट्रैफिक ही अलग दिखता है वेबसाइट पर.

अवनीश की कहानी कहां से हुई शुरू?

अवनीश के पिता का एक कंस्ट्रक्शन बिजनेस था, जो पहले अच्छा था, लेकिन बाद में उसकी हालत खराब हो गई. अवनीश ने पिता की मदद करने की सोची, लेकिन 2016 में उसे भी छोड़ दिया, क्योंकि उसमें मजा नहीं आ रहा था. वह बचपन से ही क्रिएटिव रहे हैं और फैशन में दिलचस्पी रखते हैं.

2017 में अवनीश से किसी ने कहा कि ऑर्कुट की तरह ही फेसबुक भी बंद हो जाएगा और इंस्टाग्राम आने वाला है. उस वक्त उनके एक दोस्त ने जूतों के बारे में बताया. फिर उन्होंने इंस्टाग्राम पर जूतों की वीडियो डालना शुरू कर दिया.

इंस्टाग्राम से ही मिले अवनीश और याशिका

इसी बीच उन्हें याशिका का एक वीडियो दिखा, जब डीएम किया तो दोनों में बात हुई. याशिका रिलेशनशिप में आना चाहती थीं, लेकिन अवनीश तैयार नहीं थे. तो पहले तो उन्होंने याशिका से बात करना बंद कर दिया, फिर चीजें आगे बढ़ी. दोनों ने देखा कि इंस्टाग्राम तेजी से आगे बढ़ रहा है तो याशिका ने वीडियो बनाना शुरू कर दिया.

जोबोंग से कपड़े मंगाकर बनाती थीं वीडियो

याशिका ने अपनी स्कूलिंग के दौरान की एक कहानी बताई. जब वह इंटरमीडिएट में थीं, तो ब्रेक टाइम में उस वक्त की एक वेबसाइट जोबोंग से कपड़े ऑर्डर करती थीं. इसके बाद उन कपड़ों का वीडियो बनाती थीं और फिर उसे वापस कर देती थीं. जब दोनों मिले तो उनकी इंट्रेस्ट मिल गया. शुरुआत में दोनों ने खुद से लोगों को घर-घर जाकर कपड़े बेचना शुरू किया.

कोरोना ने एक रास्ता किया बंद, दूसरा खोल दिया

कुछ टाइम बाद कोरोना महामारी आ गई. इसके बाद याशिका ने वीडियोज़ बनाने शुरू कर दिए. इसी बीच उनका एक वीडियो वायरल हो गया. उसके बाद लोगों की तरफ से खूब ऑर्डर आने लगे. उसके बाद दोनों ने 2023-24 के दौरान अपनी वेबसाइट बनाई, जिसके जरिए ऑर्डर लेना शुरू किया. इनके बिजनेस की एक बहुत अच्छी बात ये है इनके पास महज 4 फीसदी कपड़े ही वापस आते हैं.

क्या है कपड़ों की कीमत?

कंपनी के सबसे ज्यादा ग्राहक 25-35 साल की उम्र की लड़कियां हैं. अभी यह स्टार्टअप सिर्फ महिलाओं के लिए कपड़े बनाती है. इनके कपड़ों के दो सेगमेंट हैं. पहला है अफॉर्डेबेल, जो भारत में ही मैन्युफैक्चर होता है, जिसकी कीमत 1000-2000 रुपये के बीच होती है. दूसरा सेगमेंट है थोड़ा लग्जरी, जो अवनीश हांगकांग के डिजाइन से डिजाइन कराते हैं, जिनकी कीमत 2500-4500 के बीच होती है. यह कपड़े चीन में बनते हैं.

कितनी कमाई की है अब तक?

2021 में कंपनी रजिस्टर हुई थी तो 2021-22 में कंपनी की सेल 38 लाख रुपये थी. उसके अगले साल कंपनी ने 75 लाख रुपये की सेल की. उसके बाद 2023-24 में कंपनी की कमाई बढ़कर 1.21 करोड़ रही. 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू 3.55 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 16 फीसदी मुनाफा रहा. इस साल कंपनी ने सितंबर तक करीब 3.2 करोड़ का बिजनेस कर लिया है और साल के अंत तक 8 करोड़ रुपये की सेल्स का टारगेट है.

क्यों नहीं मिली फंडिंग?

फाउंडर्स ने 5 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये की फंडिंग मांगी. हर शार्क ने इस स्टार्टअप और फाउंडर्स की बहुत तारीफ की, लेकिन किसी भी शार्क ने कंपनी को कोई फंडिंग नहीं दी. कुणाल ने बोला कि अगर आप पैसे उठा लेते हैं तो आप पर निवेशक तगड़े रिटर्न का दबाव डालेंगे, तो मुझे नहीं लगता कि आपको पैसे उठाने चाहिए. अच्छा बिजनेस बना रहे हो, उसे ही आगे बढ़ाते चलो.

विनीता को निवेश करना रिस्की लगा, क्योंकि इस्टांग्राम पर निर्भरता, एआई की एंट्री और एल्गोरिद्म में बदलाव ने उन्हें पैसे लगाने से रोकने का काम किया. वहीं विराज ने कहा कि आप निवेश लो ही मत, खुद का बिजनेस मुनाफे का साथ बढ़ा रहे हो. हालांकि, उन्होंने भोपाल में वीबा के लिए एंडोर्समेंट का ऑफर दे डाला. नमिता ने कई सुझाव दिए, ताकि बिजनेस और बेहतर हो जाए. वहीं वरुण ने स्केलेबिलिटी में दिक्कत की वजह से फंडिंग नहीं दी.

Conclusion

TBFO की कहानी यह साबित करती है कि आज के दौर में बड़े बिजनेस के लिए बड़ी फंडिंग जरूरी नहीं है. सही कंटेंट, सही टाइमिंग और ग्राहकों से सीधा जुड़ाव एक मजबूत ब्रांड बना सकता है. Instagram को सेल्स चैनल की तरह इस्तेमाल कर TBFO ने एक नया रास्ता दिखाया है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. TBFO क्या है?

TBFO यानी The Branded Factory Outlet एक महिलाओं का फैशन ब्रांड है, जो Instagram के जरिए कपड़े बेचता है.

2. TBFO की शुरुआत किसने की?

इसकी शुरुआत भोपाल के अवनीश शर्मा और याशिका ग्यानचंदानी ने की.

3. कंपनी की सेल कितनी है?

2024-25 में कंपनी ने ₹3.55 करोड़ का रेवेन्यू किया और इस साल ₹8 करोड़ का टारगेट है.

4. शार्क टैंक में फंडिंग क्यों नहीं मिली?

शार्क्स को Instagram पर ज्यादा निर्भरता और स्केलेबिलिटी को लेकर जोखिम लगा.

5. TBFO की सबसे बड़ी ताकत क्या है?

Instagram Live के जरिए ग्राहकों से सीधा जुड़ाव और बहुत कम रिटर्न रेट (4%).

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6