Shark Tank India की इस जज ने Repo Rate Cut पर कहा- 'RBI का सही फैसला, मिलेगी विकास को रफ्तार'

एडलवाइज एसेट मैनेजमेंट की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ), राधिका गुप्ता (Radhika Gupta) ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती पर कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा सही समय पर उचित फैसला लिया गया है.
Shark Tank India की इस जज ने Repo Rate Cut पर कहा- 'RBI का सही फैसला, मिलेगी विकास को रफ्तार'

एडलवाइज एसेट मैनेजमेंट की चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ), राधिका गुप्ता (Radhika Gupta) ने शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में 25 आधार अंक की कटौती पर कहा कि केंद्रीय बैंक द्वारा सही समय पर उचित फैसला लिया गया है. इससे देश के विकास को रफ्तार मिलेगी. बता दें कि शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के तीसरे सीजन में राधिका गुप्ता एक जज की भूमिका में दिख चुकी हैं.

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए गुप्ता ने कहा कि आरबीआई द्वारा परिस्थितियों को देखते हुए सही फैसला लिया गया है. इससे लोन पर ब्याज दर कम होगी और देश की अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा.

आरबीआई द्वारा रेपो रेट को 25 आधार अंक कम करके 6.25 प्रतिशत कर दिया गया है. बीते पांच वर्षों में यह पहला मौका है, जब केंद्रीय बैंक द्वारा रेपो रेट को घटाया गया है. इससे पहले मई 2020 में ब्याज दरों में कमी की गई थी.

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गुप्ता ने बजट 2025-26 पर कहा कि यह आम आदमी के लिए एक ड्रीम बजट था. इनकम टैक्स छूट की सीमा 12 लाख रुपये तक किए जाने से आम आदमी के हाथ में अधिक पैसा बचेगा. इससे लोग अधिक खरीदारी और निवेश करेंगे. देश में खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को बूस्ट मिलेगा. साथ ही इसका आने वाले समय में अर्थव्यवस्था पर मल्टीप्लायर इफेक्ट आएगा.

उन्होंने आगे कहा कि दुनिया में अस्थिरता के बीच हमारी अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. ऐसे में बजट में इनकम टैक्स छूट को बढ़ाए जाने और अब रेपो रेट में कटौती सही दिशा में लिए जा रहे फैसले हैं. इससे देश के विकास को बढ़ावा मिलेगा.

गुप्ता ने आगे बताया कि रेट कट और बजट में इनकम टैक्स में छूट जैसे फैसले विकसित भारत के सपने को पूरा करने के लिए जरूरी वृद्धि दर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण होंगे. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा एक फरवरी को पेश किए गए बजट में नई टैक्स रिजीम के तहत इनकम टैक्स छूट की सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया था, जो कि पहले 7 लाख रुपये थी.