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Shark Tank India 5: शार्क टैंक इंडिया के पांचवें सीजन में एक से बढ़कर एक स्टार्टअप आ रहे हैं. मंच पर फाउंडर्स की पिच और जजों के तीखे सवाल, लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं. ये मामला और दिलचस्प तब हो गया, जब शार्क टैंक के मंच पर ही कुत्ते और बिल्ली के पेट फूड बनाने वाले स्टार्टअप पहुंचे. इन स्टार्टअप्स के पिच की खास बात ये थी कि इनका फेसऑफ हुआ, यानी दोनों स्टार्टअप ने एक के बाद एक अपनी पिच दी और खुद को दूसरे से बेहतर दिखाने की कोशिश की.
पिच की शुरुआत होने से पहले ही शो के होस्ट ने मंच पर आकर कहा- आज यहां कुत्ते बिल्ली की लड़ाई होगी. ये सुनकर पहले तो सारे जज हैरान हो गए, लेकिन चंद सेकेंड में यह साफ हो गया कि कुत्ते और बिल्ली के पेट फूड बनाने वाले स्टार्टअप्स के बीच फेसऑफ होगा. आइए जानते हैं इन स्टार्टअप्स के बारे में और देखते हैं किस स्टार्टअप ने तमाम जजों किया इंप्रेस.
जिन दो स्टार्टअप्स के बीच फेसऑफ हुआ, उनका नाम है Smylo और Nootie. पहला मौका Smylo को मिला, जिसमें टस्की नाम का एक सुंदर सा बिल्ला भी था. उसकी खूबसूरती और सेहत की तारीफ करते हुए कंपनी के फाउंडर्स ये दिखाने की कोशिश की कि उनके प्रोडक्ट कितना शानदार हैं. इस स्टार्टअप की शुरुआत की है कार्तिकेय गुत्ता (कानपुर) और अभिषेक अग्रवाल (जयपुर) ने दिसंबर 2022 में की. हालांकि, इसे नवंबर 2024 में लॉन्च किया.
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कंपनी का दावा है कि वह 100 फीसदी नेचुरल और प्रिजर्वेटिव फ्री फूड बनाते हैं. यहां तक कि उन्होंने खुद उसे खाते हुए कहा कि इसे इंसान भी खा सकता है. साल भर में कंपनी ने 4 लाख से ज्यादा हेल्दी कैट मील बेची हैं. कंपनी ने 1 फीसदी इक्विटी के बदले 68 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. बता दें कि कुणाल बहल इस स्टार्टअप में पहले ही निवेशक हैं. वहीं कंपनी ने दोनों फाउंडर्स कुणाल बहल की कंपनी टाइटन्स कैपिटल में काम भी कर चुके हैं.
साल 2022 में फाउंडर्स ने अपनी बिल्ली माइलो को खो दिया था. इसके बाद उन्होंने देखा कि बाजार में बिल्ली के लिए पेट फूड काफी खराब क्वालिटी के और प्रिजर्वेटिव वाले होते हैं, जिनसे पेट्स को दिक्कत होती है. इसका बाद दोनों ने पेट फूड्स में एक बिजनेस शुरू किया और बिल्लियों के लिए पेट फूड का बिजनेस शुरू किया. बता दें कि कंपनी की पैकेजिंग की तमाम शार्क ने खूब तारीफ की.
कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 में 21 लाख रुपये की सेल की थी. वहीं इस वित्त वर्ष में अक्टूबर 2025 तक कंपनी 2.3 करोड़ रुपये की सेल्स कर चुकी है. हालांकि, अभी कंपनी नुकसान में है. अभी तक कंपनी वेट फूड बनाती है और जल्द ही कंपनी ड्राई फूड में भी जाने वाली है.हर महीने करीब 1200 ग्राहक ऐसे हैं, जो सब्सक्रिप्शन वाले हैं. 45 फीसदी सेल खुद की वेबसाइट, करीब 50 फीसदी सेल अमेजन से और बची हुई 5 फीसदी क्विक कॉमर्स से आती है.
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इस स्टार्टअप के फाउंडर्स ने मंच पर आते ही कहा कि उनका परिवार पिछले करीब 27 सालों से पेट केयर इंडस्ट्री में बिजनेस कर रहा है. एक वक्त पर फाउंडर्स के पापा ने घर-घर जाकर भी प्रोडक्ट्स बेचे. अभी इनके दिल्ली में 8 स्टोर हैं. कंपनी का दावा है कि उनके प्रोडक्ट्स काफी किफायती हैं. इस स्टार्टअप की शुरुआत की है दिल्ली के अक्षय महेंद्रु और करन महेंद्रू ने, जो मंच पर अपने पिता अनिल महेंद्रु के साथ आए थे. उनके साथ क्लोई नाम का एक डॉग भी था. फाउंडर्स ने बताया कि वह पिछले 5 सालों से शार्क टैंक में आने की कोशिश कर रहे थे. एक फाउंडर ने तो अपने प्रोडक्ट को खा कर भी दिखाया.
यह स्टार्टअप फूड से लेकर ग्रूमिंग और रोजाना इस्तेमाल की तमाम चीजें बेचता है. यह स्टार्टअप डॉग और कैट के लिए पेट फूड्स बनाता है. कंपनी ने 1.2 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये की फंडिंग मांगी. 1998 में अनिल महेंद्रु ने इस बिजनेस में कदम रखा, तब तक वह दूसरे ब्रांड्स के साथ काम करते थे. 2000 के बाद उन्होंने खुद का बिजनेस शुरू किया. 2022 में अक्षय और करन ने मिलकर नूटी की शुरुआत की. उसी वक्त जेप्टो ने खुद इनवाइट किया और कंपनी को ऑनबोर्ड किया. अभी हर प्लेटफॉर्म पर नूटी के प्रोडक्ट बिकते हैं.
अगर आप पेट फूड्स की करें तो ये 10-15 हजार करोड़ रुपये का मार्केट है, जिसमें 1200-1800 करोड़ रुपये का मार्केट कैट फूड का है और 8200-14000 हजार करोड़ रुपये का मार्केट डॉग फूड का है.
फाउंडर्स ने दावा किया कि वह मार्केटिंग पर अभी एक भी रुपया खर्च नहीं करते हैं. उन्होंने बताया कि नूटी एक बूटस्ट्रैप्ड कंपनी है और साथ ही प्रॉफिटेबल भी है. कंपनी की सेल की बात करें तो वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी ने 6.5 करोड़ रुपये की सेल की थी, जो 2023-24 तक बढ़कर 11.5 करोड़ रुपये हो गई. पिछले साल यानी 2024-25 में कंपनी ने 18.5 करोड़ रुपये की सेल की थी. अगर बात करें इस साल की 30 करोड़ रुपये का टारगेट है.
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अगर बात स्मायलो की करें तो उन्होंने 1 फीसदी इक्विटी के बदले 68 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. इस डील से विनीता और नमिता आउट हो गए. वहीं अनुपम, वरुण और कुणाल ने 75 करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर 1-1 फीसदी इक्विटी के बदले 75 लाख रुपये दिए. वहीं 2-2 फीसदी एडवाइजरी इक्विटी ली.
वहीं नूटी की बात करें तो उन्होंने 1.2 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये मांगे. विनीता, वरुण और कुणाल तो इस डील से बाहर हो गए. वहीं अनुपम और नमिता ने 25 करोड़ रुपये के वैल्युएशन 4 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये और 1 करोड़ रुपये वापस मिलने तक 1 फीसदी रॉयल्टी का ऑफर दिया, जिसे फाउंडर्स ने स्वीकार कर लिया.
Shark Tank India 5 का यह एपिसोड दिखाता है कि भारत में पेट केयर और पेट फूड इंडस्ट्री तेजी से परिपक्व हो रही है. Smylo ने प्रोडक्ट क्वालिटी और इमोशनल स्टोरी से शार्क्स को आकर्षित किया, जबकि Nootie ने मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन, प्रॉफिटेबिलिटी और फैमिली बिजनेस की ताकत दिखाई. दोनों डील्स यह साबित करती हैं कि आने वाले समय में पेट फूड सेक्टर निवेशकों का फेवरेट बनने वाला है.
Nootie एक बूटस्ट्रैप्ड और प्रॉफिटेबल कंपनी है, जबकि Smylo अभी नुकसान में है.
Smylo 100% नेचुरल और प्रिज़र्वेटिव-फ्री कैट फूड बनाता है, खासतौर पर वेट फूड.
Nootie की मजबूत ऑफलाइन मौजूदगी, किफायती प्रोडक्ट्स और लगातार बढ़ती सेल इसकी बड़ी ताकत हैं.
भारत में पेट फूड मार्केट करीब ₹10,000–15,000 करोड़ का है, जिसमें डॉग फूड का हिस्सा सबसे बड़ा है.
Smylo को ₹75 लाख और Nootie को ₹1 करोड़ की फंडिंग मिली, अलग-अलग शर्तों और वैल्युएशन पर.
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