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Shark Tank India 5: शार्क टैंक इंडिया पर कई ऐसे स्टार्टअप आते हैं, जो ना सिर्फ मुनाफा कमाने पर फोकस करते हैं, बल्कि एक बदलाव भी लाना चाहते हैं. एक ऐसा ही स्टार्टअप है Me-Meraki, जो देश भर के आर्टिस्ट को ग्लोबल नक्शे पर जगह दे रहा है. इसकी शुरुआत योशा गुप्ता ने 2020 में की थी. इस स्टार्टअप का मकसद है उन प्रोफेशनल आर्टिस्ट को बड़ा मार्केट देना, जिन्हें कम ही लोग जानते हैं. योशा का सपना है- 'हमारे देश के ट्रैडिशनल आर्ट को गांव से ग्लोबल लेकर जाना है.'
देश में 1 करोड़ से भी ज्यादा आर्टिस्ट हैं, जिनके पास टैलेंट तो है, लेकिन टेक्नोलॉजी नहीं. Me-Meraki ऐसे ही लोगों को बड़े मौके देता है. यह स्टार्टअप एक कल्चर टेक प्लेटफॉर्म है, जहां उन्हें इनकम और रिकॉग्निशन दोनों मिलती हैं. इसके जरिए यह आर्टिस्ट अपनी कला को बेच भी सकते हैं और दूसरों को सिखा भी सकते हैं.
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योशा ने करीब 15 सालों तक फिनटेक सेक्टर में काम किया है और अब भारत लौटी हैं. हालांकि, हमेशा से ही उनका मन आर्ट में लगा रहा. उन्होंने इस सेक्टर में बहुत सारा काम भी किया है और वॉलिंटियर भी किया है. योशा ने वर्ल्ड बैंक के साथ काम भी किया है. कोरोना के दौरान उन्हें बहुत सारे आर्टिस्ट ने संपर्क किया, क्योंकि वह आर्ट से जुड़े प्रोजेक्ट्स को वॉलिंटियर भी करती थीं. उस वक्त योशा ने एक ऑनलाइन आर्ट वर्कशॉप की शुरुआत की. शुरुआत में यह सिर्फ एक कनेक्टिंग प्लेटफॉर्म था, लेकिन अब डिजाइन इंटरवेंशन भी होता है यानी बहुत सारा को-क्रिएशन भी किया जाता है.
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कंपनी का 60 फीसदी बिजनेस बी2सी है, जबकि 40 फीसदी बी2बी है. यह स्टार्टअप आर्टिस्ट के लिए सब मैनेज करता है, जैसे लिस्टिंग, कंटेंट राइटिंग, फोटोग्राफी सब कुछ. सितंबर 2025 में कंपनी ने दिल्ली में अपना एक स्टोर भी खोला है. कंपनी के साथ 500 से ज्यादा आर्टिस्ट जुड़े हैं और इनके प्लेटफॉर्म पर 10 हजार से भी ज्यादा प्रोडक्ट लिस्ट हैं.
कंपनी के 75 फीसदी ग्राहक भारत के हैं, जबकि बाहर के 25 फीसदी ग्राहक हैं. बता दें कि आर्ट जितने भी रुपये का बिकता है, उसका 50 फीसदी आर्टिस्ट को मिलता है और 50 फीसदी कंपनी अपने पास रख लेती है. कंपनी ने 2024-25 में 4 करोड़ रुपये का बिजनेस किया, जो इससे पहले 2023-24 में 2 करोड़ रुपये था. उससे पहले यह 2022-23 में 1 करोड़ रुपये था. यानी बिजनेस हर साल करीब डबल हो रहा है. 2025-26 में कंपनी का बिजनेस करीब 9-10 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है. अभी तक कंपनी नुकसान में थी, लेकिन इस साल कंपनी ब्रेकइवन हो सकती है.
फाउंडर ने अपने स्टार्टअप की 1.66 फीसदी इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. स्टार्टअप ने हाल ही में 2 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई है, जो 22 प्री-मनी वैल्युएशन पर हुई है. इस डील से विनीता तो बाहर हो गईं, लेकिन बाकी चारों शार्क, नमिता, वरुण, कुणाल और शैली ने बिजनेस में निवेश किया. सभी ने साथ मिलकर 4 फीसदी इक्विटी के बदल 1 करोड़ रुपये की फंडिंग दी यानी 25 करोड़ रुपये का वैल्युएशन.
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Me-Meraki सिर्फ एक स्टार्टअप नहीं, बल्कि भारतीय पारंपरिक कला को डिजिटल युग में पहचान दिलाने का मिशन है. तेजी से बढ़ता रेवेन्यू, मजबूत बिजनेस मॉडल और शार्क्स का भरोसा दिखाता है कि कल्चर-टेक सेक्टर में बड़ी संभावनाएं हैं. यह प्लेटफॉर्म आने वाले समय में लाखों आर्टिस्ट की आय और पहचान दोनों बदल सकता है.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 Me-Meraki स्टार्टअप क्या करता है?
A. यह एक कल्चर-टेक प्लेटफॉर्म है जो भारतीय आर्टिस्ट को अपनी कला बेचने और सिखाने का ग्लोबल मार्केट देता है.
Q2 Me-Meraki की शुरुआत किसने और कब की?
A. इस स्टार्टअप की शुरुआत योशा गुप्ता ने 2020 में की थी.
Q3 कंपनी का बिजनेस मॉडल क्या है?
A. कंपनी 60% B2C और 40% B2B मॉडल पर काम करती है और आर्ट की बिक्री में 50% हिस्सा आर्टिस्ट को देती है.
Q4 कंपनी का रेवेन्यू कितना है?
A. 2024-25 में कंपनी ने लगभग ₹4 करोड़ का बिजनेस किया और 2025-26 में 9–10 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है.
Q5 Shark Tank में Me-Meraki को कितनी फंडिंग मिली?
A. नमिता, वरुण, कुणाल और शैली ने मिलकर 4% इक्विटी के बदले ₹1 करोड़ निवेश किया, जिससे कंपनी का वैल्युएशन ₹25 करोड़ हो गया.