Shark Tank India 5: 'डॉक्टर' पर हुआ शक, जज बोले- 'ये फ्रॉड है', अनुपम ने 3 बार कहा- 'I am out', लगा दी क्लास!

'चेहरा ही नहीं, पूरे शरीर को चमका देगा ये नेचुरल पाउडर, दोगुना तेजी से बढ़ेंगे बाल, बिना किसी तेल या शैंपू के, हफ्ते में एक बार ये कर डाला तो स्किन बनेगी झिंगालाला.' कुछ इसी तरह से शार्क टैंक इंडिया के मंच पर पहुंचे एक स्टार्टअप फाउंडर ने अपनी पिच की शुरुआत की.
Shark Tank India 5: 'डॉक्टर' पर हुआ शक, जज बोले- 'ये फ्रॉड है', अनुपम ने 3 बार कहा- 'I am out', लगा दी क्लास!

Photo Credit- Lewisia Wellness

Shark Tank India 5: 'चेहरा ही नहीं, पूरे शरीर को चमका देगा ये नेचुरल पाउडर, दोगुना तेजी से बढ़ेंगे बाल, बिना किसी तेल या शैंपू के, हफ्ते में एक बार ये कर डाला तो स्किन बनेगी झिंगालाला.' कुछ इसी तरह से शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) के मंच पर पहुंचे एक स्टार्टअप फाउंडर ने अपनी पिच की शुरुआत की. फाउंडर ने बताया कि वह आंत्रप्रेन्योर बनने से पहले एक कॉन्टेंट क्रिएटर थे. वह बोले कि असली खूबसूरती कैमिकल्स में नहीं, बल्कि प्रकृति में छुपी होती है.

इस स्टार्टअप का नाम है लेवीसिया वेलनेस (Lewisia Wellness), जिसकी शुरुआत की है जयपुर के रहने वाले मनोज दास ने. वह एक एरोमा थेरेपिस्ट और नेचुरल थेरेपिस्ट हैं. उनका दावा है वह नेचुरल इनग्रेडिएंट से स्किन केयर, हेयर केयर और हेल्थकेयर सॉल्यूशन बनाते हैं. मनोज ने अपने स्टार्टअप की 1 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये की मांग रखी, यानी 100 करोड़ रुपये का वैल्युएशन. हालांकि, किसी भी फाउंडर ने इसमें पैसे नहीं डाले.

2003 से शुरू हुआ सफर

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इस सफर की शुरुआत हुई 2003 में, जब मनोज ने अपना ब्यूटी कल्चर का सर्टिफिकेशन कोर्स किया. तमाम ब्यूटीशियन उन्हें हायर करते थे और मनोज उनके लिए एक ट्रेनर की तरह सेमिनार ऑर्गेनाइज करते थे. 2017 तक उन्होंने ये सब किया.

2017 में बन गए कॉन्टेंट क्रिएटर

उसके बाद उन्होंने लोगों को ब्यूटी के लिए जागरूक करने के मकसद से यूट्यूब वीडियोज़ बनाने शुरू किए. वह बोले कि हमारे चेहरे पर जो दिखता है, उसका 80 फीसदी हमारी अंदरूनी सेहत की वजह से होता है. उनके वीडियोज़ देखकर लाखों लोग उनसे जुड़े और उनके वीडियो करोड़ों बार देखे गए.

2020 में शुरू कर दिया खुद का ब्रांड

2020 में उन्होंने सोचा कि क्यों ना खुद का एक ब्रांड बनाया जाए. इसके बाद उन्होंने लेवीसिया वेलनेस (Lewisia Wellness) की शुरुआत की. इसमें उनके 4 तरह के ब्रांड हैं. स्किन अफेयर्स, लेवीसिया इन-ऑर्गेनिक्स, वेलनेस बीट और तत्वम. ये अलग-अलग कैटेगरी को कैटर करते हैं. हालांकि उन्होंने कहा आगे चलकर ये सभी ब्रांड लेवीसिया वेलनेस के अंदर आ जाएंगे.

अमन गुप्ता ने पकड़ी पहली गड़बड़ी

इस स्टार्टअप में पहली खामी पकड़ी अमन गुप्ता ने, जिन्होंने मनोज से कहा- आप तो कह रहे थे कि कैमिकल्स से परेशान था, लेकिन इसमें तो कैमिकल्स हैं. इस पर फाउंडर का जवाब था कि यह सभी नेचुरल चीजों से निकाले गए हैं. उस पर मोहित ने कहा कि इसमें सोडियम बेंजोएट है, जिस पर फाउंडर बोले कि इसे तो राइस स्टार्च से भी निकाला जा सकता है. हालांकि, मनोज अपनी बात को ठीक से साबित नहीं कर पाए.

90 फीसदी लोग सिर्फ वीडियो देखकर खरीद लेते हैं प्रोडक्ट

अपनी वेबसाइट पर यह स्टार्टअप ऑनलाइन कंसल्टेशन भी मुहैया कराता है. ऐसे में सबसे पहले लोग इनके बनाए गए किसी वीडियो को देखते हैं और फिर उसके बाद कंसल्ट करते हैं. 90 फीसदी लोग वेबसाइट से बिना कंसल्ट किए प्रोडक्ट ऑर्डर कर देते हैं सिर्फ वीडियो देखने के बाद, वहीं महज 10 फीसदी लोग ही कंसल्ट करते हैं. कंसल्ट के बाद ना सिर्फ प्रोडक्ट बल्कि डाइट चार्ट भी बताया जाता है.

बिना क्लीनिकल स्टडी के ही बेचे जा रहे थे प्रोडक्ट

अनुपम मित्तल बोले- मुझे आपकी क्रेडिबिलिटी पर डाउट आ रहा है. वह बोले आपने क्लेम किया है- हेयर ग्रोथ स्कैल्प टोनर. दुनिया में दो-तीन ही एक्टिव इनग्रेडिएंट हैं, जो हेयर ग्रोथ में हेल्प करते हैं, जैसे मिनॉक्सिडिल, फिनास्ट्राइड. वहीं आप बोल रहे हैं कि रोज एक्सट्रैक्ट, एलोवेरा जूस, थाइम ऑयल, सिनेमेन ऑयल लगाने से बाल उगेंगे. इस पर फाउंडर बोले कि एरोमा थेरेपी बताती है कि सिनेमेन ऑयल मदद करता है बाल उगाने में. हालांकि, जब अनुपम मित्तल ने पूछा कि क्या आपने इसकी क्लीनिकल स्टडी कराई है तो वह मनोज ने कहा- नहीं.

तगड़ा मुनाफा कमा रहा ये स्टार्टअप

2021 में ऑपरेशन शुरू किए. 2021-22 में कंपनी की 90 लाख रुपये की सेल रही, जिसमें मुनाफा 22 फीसदी रहा. वहीं 2022-23 में कंपनी की सेल बढ़कर 1.6 करोड़ रुपये हो गई और मुनाफा 11 फीसदी रहा. इसके अगले साल 2023-24 कंपनी ने 3.4 करोड़ रुपये का बिजनेस किया, जिसमें उन्हें करीब 17 फीसदी का मुनाफा हुआ. 2024-25 में 10 करोड़ रुपये की सेल की, जिसमें मुनाफा (PAT) रहा 41 फीसदी.

41% प्रॉफिट सुनते ही अमन गुप्ता के खड़े हो गए कान!

ये सुनते ही अमन गुप्ता के कान खड़े हो गए और वह तपाक से बोल पड़े- 4 करोड़ रुपये का प्रॉफिट था आपका? वहीं इस साल वह 15 करोड़ की सेल करने का टारगेट कर रहे हैं और मुनाफा 35-40 फीसदी रहने का अनुमान है. कुणाल बहल को कंपनी के प्रॉफिट पर शक हुआ, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाया. उन्होंने बताया कि 55 फीसदी सेल खुद की वेबसाइट से होती है, जबकि 45 फीसदी सेल मार्केटप्लेस से होती है.

जजों ने देखीं रील्स, गलत दावों पर उठाए सवाल

अनुपम मित्तल बोले आपका जादू है आपका कॉन्टेंट क्रिएशन. आपने रील्स बनाई हैं, जो लोगों को बहुत ज्यादा आकर्षिक करती हैं और वहीं से आपका ये बिजनेस चल रहा है. उन्होंने मनोज से अपनी कुछ रील्स भी दिखाने के लिए कहा. जब उन्होंने रील्स दिखाईं तो उन पर मिलियन्स में व्यूज़ थे. उन रील्स में जजों ने देखा कि जिस तरह के दावे वह रील्स में कर रहे हैं, वह पूरी तरह से निराधार और गलत हैं. अनुपम बोले कि हर कोई सुंदर दिखना चाहता है और पतला होना चाहता है, आपके वीडियो देखकर लोग वही सोचते हैं और प्रोडक्ट खरीद लेते हैं.

नाम में 'डॉक्टर' लगाने पर भी हुआ शक

अनुपम मित्तल ने इसके बाद एक बड़ा सवाल उठाया और पूछा कि आप अपने नाम में जो डॉक्टर लगाते हैं, क्या वह लगा सकते हैं? इस पर मनोज ने कहा कि बैचलर्स इन एरोमा साइंस करने के बाद आप डॉक्टर लिख सकते हैं. इस पर अनुपम ने तुरंत कहा कि ऐसा नहीं हो सकता है, अगर हो गया तो मेरा नाम बदल देना.

अमन बोले- 'ये तो फ्रॉड का केस हो जाता है'

इसी बीच अमन गुप्ता ने कहा कि ये तो फ्रॉड का केस हो जाता है, आप डॉक्टर नहीं हैं और डॉक्टर लगाते हैं. हालांकि, मनोज ने कहा कि वह डॉक्टर लगा सकते हैं, सर्टिफिकेशन में ये साफ है. अगली बात आई रेटिंग की, तो उन्होंने बताया कि उनके प्रोडक्ट्स को 3.5 की रेटिंग मिली है, जो सिर्फ 50 रिव्यू से आई है. इस पर अनुपम ने सवाल उठाया कि 5 करोड़ का माल बेचकर भी आपको सिर्फ 50 रिव्यू मिले हैं, भाई तुम क्या कांड करने आए हो. अमन बोले कुछ गड़बड़ है सर.

लेस साइंटिफिट प्रोडक्ट.. अनएथिकल.. फ्रॉड..

जब जजों ने लेवीसिया वेलनेस की वेबसाइट देखी तो वहां दावा किया जा रहा था कि आप नेचुरोपैथी और एरोमा थेरेपी की मदद से ना सिर्फ अपनी स्किन को बेहतर बना पाएंगे, बल्कि अपने शरीर की सभी बीमारियों को ठीक कर सकते हैं. कुणाल बहल ने कहा कि सारी बीमारियां सही करने का दावा बहुत गलत है, ऐसा नहीं कर सकते. मोहित यादव ने कहा कि आप यूजर्स इनसिक्योरिटी पर क्लिपबैट कॉन्टेंट बना रहे हैं और उस पर अपने लेस साइंटिफिक प्रोडक्ट बेच रहे हैं. उन्होंने ये भी कहा कि नाम में डॉक्टर का इस्तेमाल करना अनएथिकल है, फ्रॉड है.

नमिता बोलीं- 'कंज्यूमर्स को कर रहे मिसलीड, कर्मा भी एक चीज होती है'

नमिता ने भी कहा कि आप कंज्यूमर्स को मिसलीड कर रहे हैं, अनएथिकल है ये. ऐसे में उन्होंने कहा कि वह इस डील में आगे नहीं बढ़ सकतीं. उन्होंने तो ये भी कह दिया कि आप फिर से तय करें कि इसमें आगे जाना है या नहीं, क्योंकि एक चीज होती है कर्मा, तो उसे ध्यान रखें. कुणाल बहल बोले कि आपकी इस पिच ने एक अवेयरनेस बढ़ाने का काम किया है कि लोगों को सिर्फ एक वीडियो देखकर प्रोडक्ट नहीं खरीदने चाहिए कि उससे प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगी. डर पैदा कर के प्रोडक्ट नहीं बेचे जाते.

अमन ने गिना दीं सारी खामियां

अमन गुप्ता बोले कि आपकी डॉक्टर की डिग्री गलत है, आपको प्रोडक्ट गलत हैं, आपकी मार्केटिंग स्ट्रेटेजी गलत है, आपकी फाइनेंस स्ट्रेटेजी गलत है, कस्टमर एक्विजिशन स्ट्रेटेजी गलत है. वह बोले कि अगर मैंने इसमें पैसे डाल दिए तो मैं खुद के साथ, अपने पैसों के साथ और यहां तक कि देश के लोगों के साथ गलत करूंगा.

अनुपम ने 3 बार कहा- 'I am out.'
अनुपम मित्तल ने कहा कि आप जो कर रहे हैं वो गलत है. अभी सोशल मीडिया पर हो, इसलिए नजर में नहीं आए हो, लेकिन अगर नजर में आओगे तो जेल जाओगे. अनुपम मित्तल ने एक दो नहीं बल्कि तीन बार कहा आई एम आउट (I am out). नमिता ने पूछा तीन बार क्यों, तो बोले कभी-कभी किसी पिच से 3 बार निकलने का मन करता है और ये वैसी ही पिच थी.

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