&format=webp&quality=medium)
Shark Tank India 5 के हालिया एपिसोड में दो स्टार्टअप आमने-सामने आए. दोनों ही स्टार्टअप स्टॉक मार्केट में पैसे लगाने वालों की मदद करते हैं और उन्हें तमाम कंपनियों के ढेर सारे डेटा में से जरूरी चीजें समराइज कर के बताते हैं. इन्हीं में से एक स्टार्टअप है Multibagg AI, जिसका बिजनेस मॉडल, फाउंडर आदित्य की कहानी और फाउंडर के विजन को देखकर सभी शार्क इंप्रेस हो गए.
Multibagg AI से तमाम जज कितने इंप्रेस हुए, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वह आपस में इसमें पैसे लगाने के लिए कॉम्पटीशन करने लगे. नतीजा ये हुआ कि फाउंडर जितने वैल्युएशन पर फंडिंग मांगने आए थे, उन्हें उसका दोगुना वैल्युएशन मिला. हालांकि, पैसे उन्होंने उतने ही लिए जितने उन्होंने मांगे थे. जज इस बात से भी बहुत खुश हुए कि आदित्य ने पहले घर संभालने के लिए पैसे कमाए और जब सब ठीक हो गया तो स्टार्टअप शुरू किया.
जब भी शेयर बाजार में निवेश करने की बारी आती है तो बहुत सारे ऐसे लोग हैं जो पैसे लगाने से पहले बहुत रिसर्च नहीं करते. करें भी कैसे, टाइम नहीं है. बहुत सारा डेटा पढ़ना और समझना सबके बस की बात नहीं होती. ऐसे में कई लोग सिर्फ टिप या अफवाहों के चक्कर में पड़ कर किसी शेयर में पैसे लगा देते हैं और अपना नुकसान कर बैठते हैं.
इसी समस्या को समझा बिहार के मुंगेर के रहने वाले आदित्य आनंद ने Multibagg AI नाम का स्टॉक नेटिव प्लेटफॉर्म बनाया है. यहां एनएसई और बीएसई की हजारों कंपनियों के लाखों दस्तावेजों को एनालाइज़ किया जाता है और लोगों को एक क्लीन और क्रिप्स डेटा दिया जाता है. फाउंडर ने इसमें एक स्मार्ट चैटबोट भी बनाया है, जिससे आप कोई भी सवाल पूछ सकते हैं और वह आपकी मदद करेगा और डेटा मुहैया कराएगा.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India में पहली बार.. आया 95% ग्रॉस मार्जिन वाला Startup, मामूली Idea को बना दिया करोड़ों का बिजनेस
फाउंडर का दावा है कि इस प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशक अपने स्टॉक आइडिया डिस्कवर कर सकते हैं. वह अपने पोर्टफोलियो को कनेक्ट कर के बेहतर समझ सकते हैं और साथ ही 10 गुना बेहतर रिसर्च कर सकते हैं. इस तरह लोग किसी भी शेयर में पैसे लगाने से पहले उसके बारे में जरूरी चीजें बहुत ही आसानी से जान सकते हैं.
एक वक्त था जब आदित्य की जिंदगी में पैसों की बहुत ज्यादा किल्लत थी. उन्होंने बताया कि उनके दादाजी का पूरा परिवार आजादी के वक्त के करीब प्लेग की चपेट में आ गया था, जिससे सभी की मौत हो गई. उनके बाद आदित्य के पिता की आर्थिक हालत खराब ही रही और जैसे-तैसे आदित्य ने अपनी पढ़ाई जारी रखी. आदित्य की मां एक स्कूल टीचर हैं. आदित्य उसी स्कूल में पढ़े, जिसमें उनकी मां पढ़ाती थीं, इसलिए उनका एजुकेशन फ्री था. आदित्य कहते हैं कि इसी वजह से वह पढ़ भी पाए.
आदित्य बताते हैं कि 10वीं के बाद उनका सुपर30 क्वालिफाई हो गया. इसके बाद वह 2 साल तक आनंद कुमार के सुपर30 में पढ़े. 12वीं में आदित्य ने अपने जिले में टॉप किया. उसके बाद पहली ही कोशिश में उन्हें आईआईटी कानपुर में एडमिशन मिल गया. सुपर30 की स्कॉलरशिप से उनके लिए जिंदगी काफी आसान हो गई. उन्होंने बताया कि अमेरिकन एक्सप्रेस एक पैन इंडिया हैकेथॉन मशीन लर्निंग एआई का कॉम्पटीशन करवाती है. उसमें आदित्य आईआईटी कानपुर में अव्वल आए.
इसके बाद उनका प्लेसमेंट अमेरिकन एक्सप्रेस में हो गया. वहां उन्होंने मशीन लर्निग और एआई मॉडल खूब बनाए. आदित्य को फाइनेंस बहुत पसंद था, जिसके चलते उन्हें गोल्डमैन सैक्स में काम करने का मौका मिला. वहां 2 साल तक हर रोज 12-14 घंटे काम किया और बहुत कुछ सीखा. 2023 में आदित्य ने गोल्डमैन सैक्स से इस्तीफा दिया और कुछ वक्त का ब्रेक लिया. इसके बाद 2024 की शुरुआत में Multibagg AI की शुरुआत की.
आदित्य कहते हैं कि जैसे कोई इंस्टीट्यूशनल निवेशक पैसे लगाता है और जैसे कोई रिटेल निवेशक पैसे लगता है, दोनों में जमीन आसमान का फर्क है. ऐसे में आदित्य ने सोचा कि भारत में रिटेल निवेशकों के लिए एक इंस्टीट्यूशनल ग्रेड का सॉल्यूशन बनाया जाए. आदित्य ने कहा कि निवेशक चार बड़ी दिक्कतों का सामना करते हैं-
आदित्य का दावा है कि उनका स्टार्टअप इन सभी समस्याओं का समाधान देता है. वहीं साथ में लोगों को चैटबॉट से बात करने की सुविधा मिलती है, क्योंकि आज के वक्त में इसकी जरूरत तेजी से बढ़ रही है. बता दें कि आदित्य की सिर्फ 3 लोगों की टीम है, जो सारा काम कर रही है. उनके प्लेटफॉर्म पर सब कुछ ऑटोमेटेड है.
मौजूदा वक्त में यह प्लेटफॉर्म कुछ फ्री फीचर्स देता है और कई फीचर्स के पैसे चार्ज करता है. अभी कंपनी के पास कुल 10,300 यूजर्स हैं. इनमें से 318 प्रीमियम लेने वाले लो हैं. वहीं एवरेज रेवेन्यू प्रति यूजर 2000 है.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India 5: क्रेडिट कार्ड की लिमिट से 3 साल पहले शुरू किया था ये बिजनेस, आज कर रहा ₹70 करोड़ की कमाई
आदित्य ने 2024 में एक छोटा सा फ्रेंड्स एंड फैमिली राउंड किया था, जिसके तहत उन्होंने करीब 13 करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर 65 लाख रुपये की फंडिंग उठाई थी. वहीं 2025 में उन्होंने 1.5 करोड़ रुपये का इंस्टीट्यूशनल राउंड किया है. यह राउंड उन्होंने 16.67 करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर किया है.
फाउंडर ने शार्क टैंक में तमाम जजों से 2 फीसदी इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये की फंडिंग मांगी थी. यानी उन्होंने कंपनी का 25 करोड़ रुपये का वैल्युएशन मांगा था. शुरुआत में सभी शार्क ने 2 फीसदी के बदले 50 लाख रुपये और 4 फीसदी के बदले 1 करोड़ रुपये का ऑफर दिया. इसी बीच जज कनिका टेकरीवाल ने 3.5 फीसदी के बदले 1 करोड़ रुपये का ऑफर दे दिया.
ये रेस इसी तरह आगे बढ़ती गई और फिर जजों ने 50 लाख के बदले 1.5 फीसदी का ऑफर दिया. आखिरकार अनुपम और अमन ने 1 फीसदी के बदले 50 लाख रुपये का ऑफर दिया. आदित्य ने अमन के साथ डील की और 1 फीसदी के बदले 50 लाख रुपये की फंडिंग ली. इस तरह उनकी कंपनी का वैल्युएशन 50 करोड़ रुपये हो गया, जबकि वह 25 करोड़ का वैल्युएशन मांगने आए थे.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India 5 में पहुंचा महज 13 साल का स्टार्टअप फाउंडर, सभी जज हो गए इंप्रेस, जितने पैसे मांगे उतने मिल भी गए
Multibagg AI की कहानी दिखाती है कि सही समस्या की पहचान, मजबूत टेक्नोलॉजी और ईमानदार विज़न के साथ छोटा-सा स्टार्टअप भी बड़े निवेशकों को आकर्षित कर सकता है. आदित्य आनंद ने रिटेल निवेशकों को इंस्टीट्यूशनल-ग्रेड रिसर्च देने का सपना देखा—और Shark Tank में उसी सोच ने उन्हें दोगुना वैल्युएशन दिला दिया.
Q1. Multibagg AI क्या करता है?
यह AI-आधारित प्लेटफॉर्म NSE-BSE कंपनियों के डेटा को समराइज़ कर निवेशकों को आसान रिसर्च देता है.
Q2. Multibagg AI के फाउंडर कौन हैं?
इसके फाउंडर आदित्य आनंद हैं, जो बिहार के मुंगेर से आते हैं.
Q3. Shark Tank India में कितनी फंडिंग मिली?
1% इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये, यानी 50 करोड़ रुपये का वैल्युएशन.
Q4. डील किस शार्क के साथ हुई?
आदित्य ने अमन गुप्ता के साथ डील की.
Q5. Multibagg AI के कितने यूजर्स हैं?
प्लेटफॉर्म पर 10,300 यूजर्स हैं, जिनमें 318 प्रीमियम सब्सक्राइबर शामिल हैं.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)