Shark Tank India 5: 'आज हम आपको आपकी दादी याद दिला देंगे', जानिए मंच पर पहुंचते ही ऐसा क्यों बोलीं 65 साल की फाउंडर

Shark Tank India 5 में Mama Nourish नाम का अनोखा स्टार्टअप आया, जो दादी-नानी की पारंपरिक रेसिपी को क्लीन लेबल स्नैक्स के रूप में बेचता है. 65 वर्षीय ऊषा श्रोत्रिया द्वारा शुरू किया गया यह ब्रांड बिना प्रिजर्वेटिव और किचन इनग्रेडिएंट्स से बने लड्डू बार जैसे प्रोडक्ट्स बेचता है, लेकिन बढ़ती सेल्स के बावजूद कंपनी अभी नुकसान में है.
Shark Tank India 5: 'आज हम आपको आपकी दादी याद दिला देंगे', जानिए मंच पर पहुंचते ही ऐसा क्यों बोलीं 65 साल की फाउंडर

Shark Tank India 5: शार्क टैंक इंडिया के मंच पर एक ऐसा स्टार्टअप आया, जिसकी को-फाउंडर ने आते ही कहा- शार्क.. आज हम आपको आपकी दादी याद दिला देंगे. फाउंडर्स का कहना था कि आज की व्यस्त जिंदगी में हम तेजी से अपनी दादी-नानी के हाथ का स्वाद भूलते जा रहे हैं, ऐसे में उन्हें याद करना जरूरी है. इस स्टार्टअप का नाम है Mama Nourish, जिसकी शुरुआत की है मुंबई की एक दादी ऊषा श्रोत्रिया ने. इस बिजनेस में उनका साथ दे रहे हैं कुणाल गोयल और यश पराशर.

यह स्टार्टअप खुद को क्लीन लेबल स्नैकिंग ब्रांड की तरह पोजीशन कर रहा है. इसके तहत लोगों तक दादियों की असली रेसिपी पहुंचाई जा रही है, जो बनते हैं किचन के क्लीन इनग्रेडिएंट्स से. साथ ही इसमें ना तो कोई प्रिजर्वेटिव पड़ता है, ना ही कोई कैमिकल. कंपनी ने एनर्जी बार की तरह ही दादी के हाथों के स्वाद वाले लड्डू बार भी बनाए हैं.

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हर रेसिपी पर एक दादी की फोटो

इस स्टार्टअप की खास बात ये है कि इसके जो भी अलग-अलग प्रोडक्ट हैं, वह किसी ना किसी दादी की रेसिपी हैं. यह स्टार्टअप उस दादी की फोटो भी पैकिंग पर देता है, जिनकी रेसिपी से वह बने हैं. ऐसी ही दो दादियां मंच पर पहुंची थीं, जिन्होंने अपने प्रोडक्ट्स जजों को टेस्ट कराए, जो जजों को बहुत अच्छे लगे.

कैसे आया ये बिजनेस आइडिया?

65 साल की ऊषा श्रोत्रिया यूपी के संभल की रहने वाली हैं. 2021 में उनका पोता हुआ मुंबई में. तब वह नोएडा से मुंबई गईं और अपने हाथों से सभी के लिए लड्डू बनाए. जब वह वापस नोएडा आ गईं तो कुछ दिन बाद उनकी बहू ने फोन कर के उन लड्डुओं की रेसिपी पूछी, ताकि वह भी उन्हें बना सकें. कोशिश तो अच्छी थी, लेकिन उनकी बहू वैसे टेस्टी लड्डू नहीं बना पाईं, जैसे ऊषा दादी बनाती हैं. तब उन्होंने सोचा कि आगे की पीढ़ी के लिए इस विरासत को बचाना जरूरी है और इसी सोच के साथ शुरुआत हुई इस स्टार्टअप की.

कुणाल गुरुग्राम के रहने वाले हैं, जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की हुई है. कुणाल और यश इंजीनियरिंग के वक्त से ही दोस्त हैं. दोनों ने साथ में ही प्लेसमेंट भी हासिल किया. 2022 में कुणाल ने आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए किया और एक डी2सी ब्रांड के साथ काम करना शुरू किया. 2023 में यश ने कुणाल को फोन कर के इस बिजनेस के बारे में बताया और सितंबर 2023 में कुणाल इस स्टार्टअप से को-फाउंडर की तरह जुड़ गए.

कंपनी के तीसरे को-फाउंडर हैं यश, जो ऊषा दादी के बेटे हैं. वह उत्तराखंड के बाजपुर के रहने वाले हैं. उन्होंने इस बिजनेस से पहले पंतनगर में टाटा मोटर्स में भी काम किया है. इसके बाद 2023 में इस स्टार्टअप की शुरुआत हुई और 1 जनवरी 2024 को पहला प्रोडक्ट मार्केट में लॉन्च हो गया.

हर प्रोडक्ट में हैं ये 3 खासियतें

1- हर प्रोडक्ट एक दादी की रेसिपी है.
2- हर रेसिपी किचन इनग्रेडिएंट से बनी है.
3- कन्वेनिएंस (जैसे लड्डू का टेस्ट एक बार जैसे पैकेट में)

6 रेसिपी.. 14 एसकेयू

मौजूद वक्त में कंपनी के पास कुल 6 रेसिपी हैं और 14 एसकेयू हैं. अलग-अलग दादियों की रेसिपी के लिए यह स्टार्टअप कॉन्टैस्ट कराता है, जिससे उन्हें दादियों के कॉन्टैक्ट मिलते हैं. हर दादी के साथ कंपनी एक खास तरह का एग्रीमेंट करती है.

कितनी कमाई कर रही है कंपनी?

वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का रेवेन्यू 6.64 लाख रुपये रहा. अगले साल 2024-25 में कंपनी ने 1.2 करोड़ रुपये की सेल की. इस साल कंपनी अभी तक 1.2 करोड़ रुपये की सेल कर चुकी है और पूरे वित्त वर्ष में करीब 3 करोड़ रुपये की सेल का टारगेट है. अभी कंपनी भारी नुकसान झेल रही है, जिस पर जजों ने सवाल भी उठाए.

कितनी मांगी फंडिंग, कितनी मिली?

इस स्टार्टअप ने अप्रैल 2024 में 1.8 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई थी. उसके बाद अक्टूबर 2025 में भी कंपनी ने 1.8 करोड़ रुपये की फंडिंग कन्वर्टिबल नोट पर उठाई है. इस स्टार्टअप में ऊषा दादी के पास 6 फीसदी, कुणाल के पास 36 फीसदी और यश के पास 41 फीसदी का स्टेक है. बाकी निवेशकों, एडवाइजर और ईशॉप में है. को-फाउंडर्स ने 1.5 फीसदी इक्विटी के बदले 60 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. विनीता, कुणाल, नमिता और रितेश इस डील से बाहर हो गए. हालांकि, अमन गुप्ता ने 20 फीसदी इक्विटी के बदले 2 करोड़ रुपये की डील ऑफर की, जिसे फाउंडर्स ने स्वीकार कर लिया.

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Conclusion

Mama Nourish सिर्फ एक स्नैक ब्रांड नहीं, बल्कि दादी-नानी की रेसिपी को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की एक भावनात्मक और अनोखी पहल है. क्लीन इनग्रेडिएंट्स, पारंपरिक स्वाद और मॉडर्न पैकेजिंग का यह कॉम्बिनेशन इसे अलग बनाता है. हालांकि सेल्स तेजी से बढ़ रही हैं, लेकिन भारी नुकसान कंपनी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है, जिस पर फोकस करना जरूरी है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Mama Nourish क्या है?

यह एक क्लीन लेबल स्नैकिंग ब्रांड है जो दादी-नानी की पारंपरिक रेसिपी से बने स्नैक्स बेचता है.

2. इस स्टार्टअप की शुरुआत किसने की?

मुंबई की 65 वर्षीय ऊषा श्रोत्रिया ने, साथ में कुणाल गोयल और यश पराशर को-फाउंडर हैं.

3. इसके प्रोडक्ट्स की खासियत क्या है?

हर प्रोडक्ट दादी की रेसिपी से बना, किचन इनग्रेडिएंट्स से तैयार और बिना प्रिजर्वेटिव के होता है.

4. कंपनी का रेवेन्यू कितना है?

FY 2023-24 में 6.64 लाख, FY 2024-25 में 1.2 करोड़ और इस साल 3 करोड़ का टारगेट है.

5. क्या कंपनी प्रॉफिट में है?

नहीं, फिलहाल कंपनी भारी नुकसान में है, जिस पर शार्क्स ने भी सवाल उठाए.

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