Shark Tank: जिस बिजनेस को अमन ने किया बंद.. उसी से करोड़ों कमा रहे ये फाउंडर्स! रितेश ने दी ₹1 करोड़ की फंडिंग

Shark Tank India 5 में Kreo नाम का गेमिंग प्रोडक्ट स्टार्टअप पहुंचा, जिसने 3 साल में करीब 70 करोड़ रुपये की सेल का दावा किया. 84 SKU और तेजी से बढ़ते रेवेन्यू के बावजूद शार्क्स ने इसके मार्केट, नुकसान और बार-बार एक ही निवेशक से फंडिंग पर सवाल उठाए. आखिरकार सिर्फ रितेश अग्रवाल ने इसमें निवेश किया.
Shark Tank: जिस बिजनेस को अमन ने किया बंद.. उसी से करोड़ों कमा रहे ये फाउंडर्स! रितेश ने दी ₹1 करोड़ की फंडिंग

Shark Tank India 5: शार्क टैंक इंडिया में एक ऐसा स्टार्टअप पहुंचा, जिसका बिजनेस देख पहले तो जज हैरान हुए, लेकिन बाद में उनके बिजनेस पर कई सवाल भी उठा दिए. इस स्टार्टअप का नाम है Kreo, जो खासकर गेमर्स के लिए अच्छी क्वालिटी के कीबोर्ड, चेयर, मॉनिटर और अन्य तमाम चीजें बनाता है. अभी ये स्टार्टअप कॉन्टेंट क्रिएटर्स, डिजाइनर्स और कोडर्स तक को क्वालिटी प्रोडक्ट्स पहुंचा रहा है.

इस स्टार्टअप की शुरुआत नवंबर 2022 में हिमांशु गुप्ता और ईशान सुकुल ने साथ मिलकर की. पिछले 3 साल में इस स्टार्टअप ने करीब 70 करोड़ रुपये की सेल की दी है. यह सुनकर सभी शार्क काफी हैरान हो गए. बता दें कि कंपनी के पास करीब 84 एसकेयू हैं. सबसे ज्यादा बिजनेस कीबोर्ड, कुर्सी, मॉनिटर, माउस जैसे प्रोडक्ट से आता है. फाउंडर्स कहते हैं कि वह सिर्फ एक प्रोडक्ट नहीं, बल्कि पूरा सेटअप बेच रहे हैं.

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कैसे हुई को-फाउंडर्स के साथ मुलाकात?

हिमांशु गुप्ता का जन्म राजस्थान के नीम का थाना में हुआ था. इसके बाद उन्होंने आईआईटी रुढ़की से ग्रेजुएशन की पढ़ाई की. उसके बाद उन्होंने फ्लिपकार्ट में काम किया और फिर जेटवर्क में काम किया. वहां काम करने के दौरान ही उन्हें लगा कि कुछ अपना खुद का करना चाहिए. उसी दौरान उनकी मुलाकात हुई ईशान से, जो मध्य प्रदेश के माहू से हैं. ईशान ने मणिपाल से इंजीनियरिंग की है.

अमन ने भी आजमाया था हाथ, फिर बंद कर दिया बिजनेस

इस सेक्टर में बोट के को-फाउंडर अमन गुप्ता भी हाथ आजमा चुके हैं. उन्होंने कहा कि इस सेक्टर का बिजनेस उन्होंने इसलिए छोड़ा, क्योंकि यह एक गिरता हुआ मार्केट है. अब लोग मोबाइल गेमिंग पर शिफ्ट कर रहे हैं. ऐसे में मोबाइल गेमिंग इंडस्ट्री चल रही है. हालांकि, फाउंडर्स ने कहा कि पीसी गेमिंग तेजी से बढ़ रही है, जबकि अमन गुप्ता ने उनकी इस बात को सिरे से खारिज कर दिया. फाउंडर्स ने बताया कि ये मार्केट करीब 5000 करोड़ रुपये का मार्केट है.

कैंपस अंबेसडर प्रोग्राम.. गजब की मार्केटिंग टेक्नीक

फाउंडर्स ने बताया कि वह बहुत सारे कॉलेज के लोगों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. यह लोग या यूं कहें कि गेमर्स जब गेम खेलते हैं तो वहां चैट में अक्सर एक बात लिख देते हैं कि क्या आपने कभी क्रेयो को ट्राई किया है. इस तरह की टेक्नीक के जरिए वह अपने प्रोडक्ट्स लोगों तक पुश कर रहे हैं.

कितना है कंपनी का रेवेन्यू?

वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी ने 33 लाख रुपये की सेल की, जिसमें 59 लाख रुपये का नुकसान था. अगले साल कंपनी ने 8 करोड़ रुपये की सेल की, जिसमें कंपनी को 3.8 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था. 2024-25 में कंपनी का रेवेन्यू 32 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि नुकसान करीब 3.2 करोड़ रुपये हुआ. इस साल अक्टूबर तक 25.5 करोड़ रुपये की सेल हो चुकी है, जबकि 1.2 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है. फाउंडर्स का मानना है कि इस साल कंपनी की पूरी सेल 55 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगी और बिजनेस ब्रेक ईवन हो जाएगा.

कितनी फंडिंग मांगी, कितनी मिली?

कंपनी ने करीब 15 करोड़ का कर्ज लिया था, जिसमें से लगभग 10 करोड़ रुपये वापस भी चुका दिए हैं. कंपनी ने अगस्त 2022 में करीब 2.5 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई थी. इसके बाद मई 2023 में कंपनी ने 5.5 करोड़ रुपये जुटाए थे. वहीं मई 2024 में कंपनी ने 3 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई. इसके बाद सितंबर 2024 में कंपनी ने फिर से 3 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई.

शार्क टैंक में फाउंडर्स ने 200 करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर 1 फीसदी इक्विटी के बदले 2 करोड़ रुपये की फंडिंग मांगी है. हालांकि, अधिकतर जजों ने इसमें निवेश नहीं किया. इसकी एक बड़ी वजह ये रही कि एक ही निवेशक बार-बार स्टार्टअप को फंड कर रहा है. अमन ने कहा ये दिखाता है कि आपको दूसरे निवेशक नहीं मिल रहे, क्योंकि उन्हें बिजनेस अच्छा नहीं लग रहा. सिर्फ रितेश अग्रवाल ने इसमें पैसे लगाए. उन्होंने 1 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये की फंडिंग दी और साथ ही 3 साल के लिए 9 फीसदी की दर पर 1 करोड़ रुपये का कर्ज दिया.

Conclusion

Kreo की पिच ने यह दिखाया कि सिर्फ हाई सेल्स ही निवेश के लिए काफी नहीं होती. शार्क्स ने मार्केट साइज, लगातार नुकसान और एक ही निवेशक से बार-बार फंडिंग को रेड फ्लैग माना. हालांकि तेजी से बढ़ती सेल्स, मजबूत प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और ब्रेकईवन की योजना ने रितेश अग्रवाल को प्रभावित किया. यह केस बताता है कि ग्रोथ के साथ सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल और विविध निवेशक भरोसा भी उतना ही जरूरी होता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Kreo स्टार्टअप क्या करता है?

Kreo गेमर्स, कंटेंट क्रिएटर्स, डिजाइनर्स और कोडर्स के लिए कीबोर्ड, चेयर, माउस और मॉनिटर जैसे क्वालिटी सेटअप प्रोडक्ट बनाता है.

2. Kreo का कुल रेवेन्यू कितना रहा है?

फाउंडर्स के अनुसार पिछले 3 साल में कंपनी ने करीब 70 करोड़ रुपये की सेल की है.

3. शार्क्स ने निवेश करने से हिचकिचाहट क्यों दिखाई?

लगातार नुकसान, गिरते गेमिंग मार्केट पर बहस और एक ही निवेशक से बार-बार फंडिंग को लेकर जजों ने सवाल उठाए.

4. Shark Tank में Kreo ने कितनी फंडिंग मांगी थी?

कंपनी ने 200 करोड़ वैल्युएशन पर 1% इक्विटी के बदले 2 करोड़ रुपये की फंडिंग मांगी थी.

5. आखिर किस शार्क ने Kreo में निवेश किया?

सिर्फ रितेश अग्रवाल ने 1 करोड़ रुपये इक्विटी के बदले और 1 करोड़ रुपये 9% ब्याज पर कर्ज के रूप में निवेश की डील दी.

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