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कभी ना कभी हर किसी के मन में अपना बिजनेस शुरू करने का ख्याल जरूर आता है. बहुत से लोग जब बिजनेस के बारे में सोचते हैं तो सबसे पहले अपना रेस्टोरेंट, क्लाउड किचन, ढाबा या खाने से जुड़ा कोई और बिजनेस. ऐसे ही लोगों को अपना खुद का क्लाउड किचन खोलने में मदद करता है Speed Kitchen. इसकी शुरुआत मार्च 2021 में पौरव रस्तोगी और शामिन कपूर ने की थी, जो दिल्ली के रहने वाले हैं.
फाउंडर्स का दावा है कि उनके साथ जुड़कर कोई भी महज 4 दिन में अपना बिजनेस शुरू कर सकता है. यह एक तरह से क्लाउड किचन का को-वर्किंग स्पेस है. इससे ब्रांड्स को ये फायदा होता है कि उन्हें ना तो सेफ्टी, फायर, वॉटर जैसे तमाम लाइसेंस की जरूरत पड़ती है, ना ही अपना किचन खोलने पर भारी निवेश करना पड़ता है. अभी यह स्टार्टअप 4 शहरों में 15 से भी अधिक लोकेशन पर 130 से भी ज्यादा किचन में 50 से भी ज्यादा ब्रांड्स के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं.
दोनों ही फाउंडर काफी फूडी हैं और एक ही कॉलोनी में साथ पले-बढ़े हैं. वह हर रोज क्रिकेट खेला करते थे और उसके बाद छोले-भटूरे खाने जाते थे. जब वह बड़े हुए तो उन्होंने भी एक ऐसा ब्रांड बनाने का सपना देखा, जो दूसरों को फूड ब्रांड शुरू करने में मदद कर सके.
पौरव इससे पहले ओयो के साथ काम कर चुके हैं और लंदन, इंडोनेशिया, बैंकॉक, अमेरिका, की जगहों पर कंपनी की तरफ से जा चुके हैं. उन्होंने 2012 में वीआईटी, वेल्लोर से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है. उनकी पहली जॉब दुबई में एन एंड टी में लगी थी. उन्होंने सारा ग्रुप के साथ कोरिया में 3 महीने ट्रेनिंग भी की है. 2017 में वह ओयो से जुड़े थे और मार्च 2020 में उन्होंने ओयो की नौकरी छोड़कर कुछ अपना शुरू करने की सोची.वहीं शामिन ने एमबीए किया है और फिर आईटी कंपनी में कुछ वक्त काम भी किया है.
दोनों ने मिलकर दिसंबर 2020 में ही कंपनी बना ली थी और मार्च 2021 में इंदिरापुरम में पहला क्लाउड किचन का सेटअप शुरू किया. फाउंडर्स कहते हैं कि यह क्लाउड किचन का वीवर्क है. सबसे पहले इसके लिए एक रीयलएस्टेट लोकेशन देखी जाती है. वहां की पॉपुलेशन और डिमांड को समझा जाता है. फिर उसी डेटा के आधार पर ब्रांड्स को अप्रोच किया जाता है. जो भी ब्रांड कंपनी के साथ जुड़ते हैं वह रेंट नहीं देते, बल्कि रेवेन्यू शेयर करते हैं.
यह कंपनी मुनाफे में काम कर रही है. 2021-22 में कंपनी ने 26.5 लाख रुपये की सेल की. उसके अगले साल 1.51 करोड़ की सेल की और फिर 2023-24 में कंपनी की सेल 3.25 करोड़ रुपये हो गई. इस साल कंपनी ने अभी तक 3 करोड़ की सेल कर ली है और इस साल करीब 5.5 करोड़ रुपये की सेल होने का टारगेट है. दरियागंज, चायोस, हल्दीराम जैसे ब्रांड भी इनके क्लाइंट हैं.
इस स्टार्टअप ने अभी तक 2.5 करोड़ रुपये की फंडिंग उठाई है. वहीं कंपनी के पास करीब 3.5 करोड़ रुपये बैंक में हैं. बता दें कि फाउंडर्स ने इस बिजनेस की शुरुआत अपने खुद के 1-1.5 करोड़ रुपये लगाकर की थी. फाउंडर्स ने अपने स्टार्टअप की 3 फीसदी इक्विटी के बदले 2 करोड़ रुपये की मांग रखी. बता दें कि पौरव के पास कंपनी का 70 फीसदी स्टेक है, जबकि शामिन के पास करीब 13 फीसदी स्टेक है.
इस डील से विनीता पहले ही आउट हो गईं. वहीं रितेश और अजहर ने साथ मिलकर 10 फीसदी के बदले 2.5 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया. कुणाल ने भी 10 फीसदी के बदले 2.5 करोड़ का ऑफर दिया. वहीं अमन गुप्ता ने 10 फीसदी के बदले 2 करोड़ रुपये का ऑफर दिया. हालांकि, काफी नेगोशिएशन के बाद रितेश, अजहर और कुणाल ने साथ मिलकर इस कंपनी में 2 करोड़ रुपये निवेश किए और बदले में 6 फीसदी हिस्सेदारी ली.