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कभी आपने चीफ एवरीथिंग ऑफिसर सुना या देखा है? शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में एक ऐसा स्टार्टअप आया, जिसकी फाउंडर ने जजों के सामने खुद को चीफ एवरीथिंग ऑफिसर कहा. इस स्टार्टअप (Startup) का नाम है Repeat Gud, जिसकी शुरुआत की है धमतरी (छत्तीसगढ़) की रहने वाली 23 साल की ईशा झवर ने.
यह स्टार्टअप गुड़ से बने सॉस, काजू से बनी म्योनीज जैसे प्रोडक्ट बेचता है. ईशा ने 172 बार ट्रायल के बाद ये प्रोडक्ट बनाए हैं, जिन्हें टेस्ट करने के बाद हर शार्क ने तारीफ की. कंपनी की फैक्ट्री धमतरी में है और वह इसे रायपुर में रहकर चलाती हैं. ईशा का दावा है कि उनके प्रोडक्ट में शुगर, प्रिजर्वेटिव या कोई कैमिकल नहीं हैं. इस कंपनी की शुरुआत तो ईशा ने 2022 में ही कर दी थी, लेकिन अपना पहला प्रोडक्ट अगस्त 2024 में लॉन्च किया.
ईशा का जन्म धमतरी में हुआ और शुरुआती शिक्षा वहीं हुई. ईशा पढ़ने में अच्छी थीं तो उनके पिता रायपुर शिफ्ट हो गए, ताकि अच्छी एजुकेशन मिल सके. रायपुर से ईशा ने 10वीं तक की पढ़ाई की. वहां से वह कोटा चली गईं आगे की पढ़ाई के लिए, जहां उन्हें हर खाना बहुत ज्यादा तीखा लगता था. ऐसे में वह रोटी-ब्रेड में सॉस लगाकर खाने लगीं, जिससे उनकी हेल्थ को बहुत नुकसान हुआ.
जब ईशा घर वापस गईं, तब तक महज 18 साल की उम्र में ही उनका वजन काफी बढ़ चुका था. उन्हें किडनी स्टोन की दिक्कत भी हो गई थी. फिर पता चला कि यह सब हुआ है उनकी खराब लाइफ स्टाइल की वजह से. ऐसे में ईशा ने खुद के लिए घर में ही हेल्दी चीजों से प्रोडक्ट बनाने शुरू किए. कोविड के दौरान उन्हें सोचने का वक्त मिला और उन्होंने तय किया कि इससे वह एक बड़ा बिजनेस बनाएंगी.
इस स्टार्टअप को प्रोडक्ट्स की शेल्फ लाइफ 6 महीने है. इनमें नेचुरल विनेगर, जैगरी विनेगर, हिमालयन सॉल्ट, गार्लिक जैसे इनग्रेडिएंट्स डालकर इसकी शेल्फ लाइफ 6 महीने तक की जाती है. कंपनी के प्रोडक्ट खुद की वेबसाइट और अमेजन के जरिए अभी सिर्फ ऑनलाइन बिकते हैं.
जजों ने इस स्टार्टअप के प्रोडक्ट्स की तारीफ तो की, लेकिन साथ ही उसकी कमियां भी गिनाईं. ईशा ने अपने प्रोडक्ट्स पर एफएसएसएआई का लेबल सही से नहीं लगाया था. इस पर विराज ने कहा कि अगली बार जो भी प्रोडक्ट बनाओ, मुझे लेबल भेज देना हम लेबल करेक्ट करवा देंगे. वहीं विराज ने ये भी कहा कि अगर गुड़ डाला है तो उस पर शुगर फ्री नहीं लिख सकते हैं.
इस कंपनी ने सितंबर 2024 में 52 हजार रुपये की सेल की, अक्टूबर में 47 हजार और नवंबर में कमाई बढ़कर 1.4 लाख रुपये हो गई. ईशा ने इस बिजनेस में खुद के 28 लाख रुपये निवेश किए हैं, जिनमें 20 लाख पापा से लिए और बाकी लोन लिया है. वहीं उन्हें 33 लाख रुपये का सरकारी ग्रांट भी मिला हुआ है. ईशा ने चैलेंज लिया है कि वह इस साल कंपनी की सेल्स को 1 करोड़ रुपये के एआरआर तक ले जाएंगी, यानी मार्च तक उनकी सेल 8 लाख रुपये महीना हो जाएगी.
ईशा ने अपने स्टार्टअप की 5 फीसदी इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. यह बिजनेस बहुत ही शुरुआती दौर में है, ये कहते हुए अमन, नमिता और कुणाल डील से आउट हो गए. विराज भी डील से आउट हो गए, लेकिन उन्होंने ईशा को अपना नंबर देते हुए कहा कि वह उनके साथ मिलकर सारी दिक्कतें दूर कर देंगे.
वहीं अनुपम बोले कि उनकी बेटी भी कैचअप खाती है. वह ऐसा ही कुछ ढूंढ रहे थे. उन्होंने एक कंडीशन के साथ 10 फीसदी के बदले 50 लाख रुपये देने का ऑफर दिया. कंडीशन ये रखी कि अगर मार्च-अप्रैल तक आप 8 लाख रुपये मंथली के रेट पर पहुंच गए तो और 5-10 फीसदी लेंगे, 50 लाख डालकर. इस डील को ईशा ने स्वीकार कर लिया.