Shark Tank India-4:'खुद कमाएगी तो पता चलेगा', बेटी ने 12वीं में शुरू किया बिजनेस, कमाए ₹18 लाख, रो पड़े पापा!

शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन के कैंपस स्पेशल एपिसोड में एक 21 साल की युवा आंत्रप्रेन्योर पहुंची. पिच शुरू होते ही सारे शार्क के चेहरे पर मुस्कान दिखने लगी. इस आंत्रप्रेन्योर का नाम है खुशी मंडलिक (Khushi Mandlik), जो मुंबई में रहती हैं और अभी एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं.
Shark Tank India-4:'खुद कमाएगी तो पता चलेगा', बेटी ने 12वीं में शुरू किया बिजनेस, कमाए ₹18 लाख, रो पड़े पापा!

शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) के कैंपस स्पेशल एपिसोड में एक 21 साल की युवा आंत्रप्रेन्योर अपना स्टार्टअप (Startup) लेकर पहुंची. पिच शुरू होते ही सारे शार्क के चेहरे पर मुस्कान दिखने लगी. इस आंत्रप्रेन्योर का नाम है खुशी मंडलिक (Khushi Mandlik), जो मुंबई में रहती हैं और अभी एमबीए की पढ़ाई कर रही हैं.

खुशी के पिता एक आर्ट टीचर हैं. 12वीं में पापा ने खुशी को साइंस दिला दी, लेकिन उनका मन पढ़ाई में नहीं लगा. उसके लिए पिता ने करीब 2.5 लाख रुपये भी खर्च किए, तब जाकर एडमिशन कराया. हालांकि, खुशी का पढ़ाई में मन नहीं लगता था. ये देखकर खुशी के पापा ने उनसे 12वीं के दौरान कहा- 'जब खुद पैसे कमाओगी, तो पता चलेगा कि पैसे खर्च होते हैं तो कैसा लगता है.' इसके बाद खुशी ने अपना खुद का बिजनेस शुरू कर लिया.

10 हजार से भी ज्यादा ऑर्डर किए शिप

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खुशी के स्टार्टअप का नाम है Pretty Little Shopp (PLS), जिसके तहत वह कस्टमाइज गिफ्ट बेचती हैं. इसकी शुरुआत उन्होंने दिसंबर, 2021 में लॉकडाउन के दौरान की थी. अक्टूबर 2024 तक उन्होंने 10 हजार से भी ज्यादा ऑर्डर शिप किए हैं. खुशी ने बताया कि वह इस बिजनेस को अभी अकेले चला रही हैं और ऑर्डर से लेकर शिपिंग तक सब कुछ अकेले ही करती हैं. उनके अधिकतर ग्राहक 18-35 साल की उम्र के हैं.

कैसे प्रोडक्ट बेचती हैं खुशी?

खुशी ने सभी जज को एक 3डी मिनिएचर फ्रेम दिया, जिसे देखते ही सारे जज बहुत खुश हो गए. सभी ने कहा कि डीटेल पर बहुत ज्यादा ध्यान दिया गया है. खुशी ने अपने बिजनेस की शुरुआत पोलराइड्स से की थी. एक प्रोडक्ट ऐसा भी है, जिसमें फोटो के साथ एक बारकोड होता है, जिसे स्कैन करते ही एक गाना भी बजता है. इनके प्रोडक्ट्स की कीमत 6 रुपये से लेकर 2500 रुपये तक है. वह महीने भर में करीब 5000 पोलराइड्स खुद से बनाती हैं और बेचती हैं. पोलराइड्स की कीमत 6 रुपये है.

इंस्टाग्राम से ही खड़ा कर दिया बिजनेस

खुशी ने इंस्टाग्राम से ही धीरे-धीरे इस बिजनेस को बढ़ाया है. वह अकेले ही सारा काम करती हैं, लेकिन कभी कभी अपने छोटे भाई की मदद भी ले लेती हैं, जो अभी 8वीं में पढ़ता है. वह सब कुछ इंस्टाग्राम से ही करती हैं, ना तो उनकी कोई वेबसाइट है ना ही कोई ई-कॉमर्स है. खुशी कहती हैं कि उनके प्रोडक्ट्स की डिमांड तो खूब आ रही है, लेकिन वह उन्हें समय से पूरा नहीं कर पा रही हैं.

मांगी 30 लाख रुपये की फंडिंग

अपने बिजनेस के लिए खुशी ने 10 फीसदी इक्विटी के बदले 30 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. बता दें कि अभी तक ये कंपनी पूरी तरह से बूटस्ट्रैप्ड है. इस बिजनेस से आज तक वह करीब 18 लाख रुपये का बिजनेस कर चुकी हैं, जिसमें 65-70 फीसदी का मुनाफा है. अभी खुशी अपने बेड के पास की टेबल से ही सारा काम करती हैं, लेकिन अगर उन्हें फंडिंग मिल जाती है तो वह अपना वेयरहाउस बनाएंगी.

नहीं मिली फंडिंग

इस बिजनेस से वह अक्टूबर 2024 तक औसतन 85-90 हजार रुपये हर महीने की सेल करने लगी हैं. उनका बिजनेस प्रॉफिटेबल है, जो जानकर सभी जज बहुत खुश हुए. किसी भी जज ने खुशी को फंडिंग नहीं दी. सभी का ये मानना था कि यह अभी बहुत ही शुरुआती चरण में है. हालांकि, विनीता सिंह और अमन गुप्ता ने खुशी को अपना फोन नंबर दिया और कहा कि वह उनसे मदद ले सकती हैं.

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