Shark Tank India-4: लोगों को चांद-तारे और आकाश गंगा दिखा रहे ये दो भाई, अनुपम ने सुनाई अपनी दुख भरी कहानी!

शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में एक ऐसा स्टार्टअप (Startup) आया, जो आपको फिर से वो चांद-तारे और आकाश गंगा बेहद करीब से देखने का मौका दे रहा है. इस स्टार्टअप का नाम है पाई मैट्रिक्स (Pie Matrix), जो टेलिस्कोप और बाइनोकुलर बेचता है.
Shark Tank India-4: लोगों को चांद-तारे और आकाश गंगा दिखा रहे ये दो भाई, अनुपम ने सुनाई अपनी दुख भरी कहानी!

क्या आपको पुराना वक्त याद है, जब आप आसमान की तरफ नजर उठाते थे तो वहां आपको चांद-तारे समेत आकाश गंगा तक दिखा करती थी? आज के वक्त में वह सब देख पाना एक सपने जैसा हो गया है. शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में एक ऐसा स्टार्टअप (Startup) आया, जो आपको फिर से वो चांद-तारे और आकाश गंगा बेहद करीब से देखने का मौका दे रहा है. इस स्टार्टअप का नाम है पाई मैट्रिक्स (Pie Matrix), जो टेलिस्कोप और बाइनोकुलर बेचता है.

Pie Matrix की शुरुआत दिल्ली के रहने वाले दो भाइयों अमन चौधरी (24) और आकाश चौधरी (26) ने की है. उन्होंने पाया कि यूनिवर्स के बारे में जानने को लेकर लोगों में दिलचस्पी तो है, लेकिन उन्हें बताने या समझाने के लिए ना तो कोई टीचर है ना ही कोई एक्सपर्ट. ऐसे में उन्होंने अप्रैल 2023 में पाई मैट्रिक्स की शुरुआत की.

4 हजार से लेकर 2 लाख तक के टेलिस्कोप

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इस कंपनी के तहत दोनों भाई 4 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक के टेलिस्कोप बेचते हैं. यह टेलिस्कोप आसानी से असेंबल हो सकते है. कंपनी के प्रोडक्ट ऑनलाइन के अलावा 120 से भी ज्यादा ऑफलाइन स्टोर में उपलब्ध हैं. फाउंडर्स ने तमाम शार्क को टेलिस्कोप से चांद भी दिखाया.

अनुपम ने सुनाई अपनी दिख भरी कहानी

अनुपम मित्तल ने तो अपनी दुख भरी कहानी भी सुनाई कि एक बार उन्होंने टेलिस्कोप खरीदा, जो टूट गया. फिर एक दोस्त ने उन्हें टेलिस्कोप दिया और वो भी कुछ वक्त में टूट गया. वह बोल अब ये टेलिस्कोप देखकर मुझे एक्साइटमेंट हो रही है.

लद्दाख गए तो आया आइडिया

दोनों भाई जब पहली बार लद्दाख गए, तो देखा वहां पर बहुत सारे होटल में टेलिस्कोप था, जिससे लोग आसमान में देख सकते थे. वहां फाउंडर्स ने सोचा कि इस पर काम करना चाहिए और ये स्टार्टअप शुरू किया. फाउंडर्स का दावा है कि इसके अलावा अभी भारत में ऐसा कोई ब्रांड नहीं है. बता दें कि फाउंडर्स का एक फैमिली बिजनेस भी है, जो उनके पिता चलाते हैं. कंपनी के 80 फीसदी टेलीस्कोप बिकते हैं और 20 फीसदी बाइनोकुलर बेचे जाते हैं.

अगले साल 15 करोड़ तक पहुंच जाएगा बिजनेस

कंपनी नवंबर 2022 में ही रजिस्टर हो गई थी, लेकिन काम अप्रैल 2023 में शुरू किया. अक्टूबर 2024 तक कंपनी ने 1.65 करोड़ रुपये कमाए. वहीं इस पूरे साल में कंपनी का अनुमान है कि वह 3 करोड़ रुपये कमा लेंगे. वहीं 2025-26 में कंपनी का टारगेट करीब 15 करोड़ रुपये की सेल करने का है. बता दें कि अभी वह 22 फीसदी नेट प्रॉफिट के साथ बिजनेस कर रहे हैं.

खाली हाथ लौटे फाउंडर्स

फाउंडर्स ने अपने स्टार्टअप की 3 फीसदी इक्विटी के लिए 1 करोड़ रुपये की फंडिंग मांगी. इस डील से पीयूष, अमन, विनीता और नमिता आउट हो गए. हालांकि, अनुपम ने 5 फीसदी के लिए 25 लाख रुपये का ट्रैकिंग चेक और 12 फीसदी की दर पर 75 लाख रुपये का कर्ज देने का ऑफर दिया. फाउंडर्स ने उन्हें 5 फीसदी के बदले 75 लाख रुपये देने का ऑफर दिया, लेकिन अनुपम ने मना कर दिया. आखिरकार फाउंडर्स बिना किसी डील के ही वहां से चले गए.

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