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कभी-कभी शार्क टैंक में ऐसे बिजनेस आते हैं, जिन्हें कोई फंडिंग नहीं मिलती. शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में भी एक ऐसा ही स्टार्टअप (Startup) आया. इस स्टार्टअप का नाम है Nexera.health, जिसकी शुरुआत जयपुर के रहने वाले हिमांशु राजपुरोहित ने की है. बता दें कि हिमांशु की उम्र अभी सिर्फ 19 साल है और उन्होंने अपना पहले बिजनेस 12.5 साल की उम्र में किया था.
हिमांशु कहते हैं कि आज के वक्त में करीब 45 फीसदी लोग अनहेल्दी हैं. ऐसे में हमने ये स्टार्टअप शुरू किया, जिसके तहत हम मेडिकल से जुड़ी तमाम सुविधाओं को एक जगह ऑफर करते हैं. अभी तक यह स्टार्टअप करीब 6500 कर्मचारियों को सर्विस दे चुका है. हिमांशु की एनर्जी देखकर सभी शार्क काफी खुश हुए. हिमांशु का कहना है कि उन्होंने हाईस्कूल तो किया, लेकिन कभी कॉलेज नहीं गए.
हिमांशु ने 12.5 साल की उम्र में पहला बिजनेस शुरू किया. उन्होंने एक आइडिया को प्रोडक्ट बनाया और फिर उसे एक बिजनेस बना दिया. उस वक्त उनके साथ 5 को-फाउंडर्स भी थे. बाद में हिमांशु ने तो बिजनेस करना चाहा, लेकिन बाकी के को-फाउंडर्स ने आगे की पढ़ाई को चुना.
इसके बाद हिमांशु ने तीन और दोस्तों के साथ मिलकर एक नई कंपनी शुरू की, जिसका नाम था एसएलएसई. यह कंपनी सप्लाई चेन से जुड़ी समस्याएं सॉल्व कर रही थीं. उसे 1 लाख रुपये मंथली के रेवेन्यू पर पहुंचाने के बाद 14.5 साल की उम्र में उसे 35 लाख में बेच दिया.
इसके बाद उन्होंने ए साथी नाम से एक बी2बी फर्नीचर एक्सपोर्ट कंपनी शुरू की. एक साल में ही इस बिजनेस से 2.7 मिलियन डॉलर तक का रेवेन्यू जनरेट किया. यह कंपनी दुबई में रजिस्टर थी, जिसके जरिए वह अमेरिका फर्नीचर सप्लाई करते थे. 16.5 साल की उम्र में उन्होंने यह कंपनी भी 1.5 मिलियन डॉलर में बेच दी.
Nexera की शुरुआत जून 2024 में हुई. हिमांशु ने देखा कि कंपनियों को प्राइसिंग इश्यू आ रहे हैं, डेटा सेंट्रलाइज नहीं है, ये सब देखकर ये बिजनेस शुरू किया. इसमें कंपनी के एचआर को एक डैशबोर्ड मिल जाता है, जिससे वह रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट देख सकते हैं. उन्होंने कहा कि बिजनेस को बढ़ाने के लिए उन्होंने एक पॉडकास्ट शुरू किया, जिसमें वह कंपनियों के सीएफओ, सीएचआरओ को बुलाते हैं और उसी में उन्हें कोई इन्टर्न आकर प्रोडक्ट भी बेच देता है.
अभी इस कंपनी में करीब 70 लोग काम कर रहे हैं. जो भी डॉक्टर या डाग्यनोस्टिक टीम है, वह सब असेट लाइट मॉडल पर कंपनी के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि 4 महीने में 4.5 करोड़ की सेल की. उन्होंने 2 महीने पहले ही जून 2024 में पॉडकास्ट शुरू किया और सिर्फ 3-4 लोगों को अब तक लाए. सारे जज यहां पर नाराज दिखे. उन्हें लगने लगा कि हिमांशु उनसे झूठ बोलने की कोशिश कर रहे हैं.
अपने प्रोडक्ट का डेमो देते वक्त हिमांशु ने कुणाल बहल और अमन गुप्ता के सवाल को इग्नोर भी किया, जो किसी भी शार्क को अच्छा नहीं लगा. वहीं उनकी वेबसाइट पर लिखा था कि 10 हजार यूजर्स ने हम पर भरोसा किया है, जिसके नीचे पार्टनर्स के लोगो लगाए थे. कुणाल बोले कि भरोसा जीतना बड़ी बात है, जो एक झटके में टूट जाता है. आपकी होम स्क्रीन पर पहले ही पेज पर भरोसा टूट गया. हिमांशु ने कहा कि शार्क टैंक से महज 2 दिन पहले ही वेबसाइट बनाई थी और ये बात भी शार्क्स को बुरी लगी.
हिमांशु ने 1 फीसदी इक्विटी के बदले 75 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. नमिता बोलीं आप कुछ अलग नहीं कर रहे, बस कुछ बेटर कर रहे हैं, ऐसे में वह आउट हो गईं. वहीं अमन से बात करते वक्त हिमांशु बोल पड़े- 'मैं यहां सिर्फ पैसे के लिए नहीं आया, मैं इससे भी बड़ा राउंड बाहर कर सकता था.' उनकी इस बात ने आग में घी डालने का काम किया. ये सब सुनकर विनीता भी आउट हो गईं.
रितेश बोले कि मैं यहां आपके बिजनेस को कोई सपोर्ट नहीं कर सकता हूं, लेकिन अगर आज शार्क टैंक में नहीं होते तो आपके जैसे लोगों को सपोर्ट जरूर करता. बाहर मिलकर अगर कुछ हो पाए तो करेंगे, लेकिन आपके बिजनेस के साथ कुछ बैठा नहीं. अमन ने कहा कि आपने जो 2 बिजनेस बेचे हैं, आप पर उसका हैंगओवर है. पुराने बिजनेस का हैंगओवर मत लेकर जाओ, अपनी सोच को बदलो, आप ओवरकॉन्फिडेंट हैं. ये कहते हुए वह भी आउट हो गए और किसी भी शार्क ने हिमांशु को फंडिंग नहीं दी.