Shark Tank India-4: इस Startup ने बनाई एक खास पैंटी, देखते ही खुश हो गए शार्क, हुई 4 शार्क डील, मिले ₹2 करोड़

दुनिया में हर महीने 180 करोड़ महिलाओं को पीरियड होते हैं, लेकिन उनकी इस समस्या से निपटने के लिए जो प्रोडक्ट बनाए गए हैं, वह उनकी जरूरत को पूरा नहीं कर पाते हैं. इसी गैप को देखा असम के कीर्ति बिक्रम आचार्य, सौरव चक्रबर्ती और सत्‍यजीत चक्रबर्ती ने और शुरू किया हेल्‍थफैब (Healthfab).
Shark Tank India-4: इस Startup ने बनाई एक खास पैंटी, देखते ही खुश हो गए शार्क, हुई 4 शार्क डील, मिले ₹2 करोड़

दुनिया में हर महीने 180 करोड़ महिलाओं को पीरियड होते हैं, लेकिन उनकी इस समस्या से निपटने के लिए जो प्रोडक्ट बनाए गए हैं, वह उनकी जरूरत को पूरा नहीं कर पाते हैं. इसी गैप को देखा असम के कीर्ति बिक्रम आचार्य, सौरव चक्रबर्ती और सत्‍यजीत चक्रबर्ती ने और शुरू किया हेल्‍थफैब (Healthfab). शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में आया यह स्टार्टअप (Startup) ऐसी पैंटी बनाता है, जिसमें इनबिल्ड पैड जैसा फैब्रिक होता है, जो 30 एमएल से भी ज्यादा लिक्विड सोख सकता है.

फाउंडर्स ने अपने इस प्रोडक्ट को नाम दिया है गो पैड फ्री (Go Pad Free). इसमें 2 इन 1 वाला फीचर. यह पैंटी भी है और पैड भी. दावा है कि इसे 50 बार तक रीयूज किया जा सकता है. यह लीकप्रूफ है और इसके साथ किसी मेंसट्रुअल कप, सैनिटरी पैड या टैंपून लगाने की जरूरत नहीं होती है. इसे कॉटन से बनाया गया है और इसकी मैन्युफैक्चरिंग इनहाउस की जाती है.

पैड की तुलना में 5 गुना लिक्विड सोखने की क्षमता

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तीनों फाउंडर्स की एक दूसरे से मुलाकात पुणे में नौकरी के दौरान हुई और फिर वहीं से तीनों ने इसे शुरू करने का फैसला किया. इनका प्रोडक्ट पैंटी जैसा है, जो नॉर्मल सैनिटरी पैड की तुलना में करीब 5 गुना ज्यादा लिक्विड सोख सकता है. सारे फाउंडर्स ने इन पैंटी को देखा, कुछ ने पानी डालकर चेक भी किया और तारीफ की. हालांकि, नमिता को यह कुछ खास पसंद नहीं आया. विनीता तो यहां तक कह दिया- ऐसा प्रोडक्ट बनाने के लिए थैंक्यू.

11 करोड़ की सेल्स!

इस स्टार्टअप ने पहले साल यानी 2019-20 में 3 लाख रुपये की सेल की. अगले साल कंपनी की सेल बढ़कर 73 लाख रुपये हो गई. उसके अगले साल कंपनी ने 1.1 करोड़ रुपये की सेल की. 2022-23 में कंपनी की सेल 3.3 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 8.34 करोड़ रुपये पर पहुंच गई. इस साल सितंबर 2024 तक कंपनी 4.8 करोड़ रुपये कमा चुकी है और पूरे साल में 11 करोड़ रुपये की सेल का टारगेट है.

क्या कीमत है प्रोडक्ट की?

कंपनी पिछले साल तक मुनाफे में थी, लेकिन इस साल प्रोडक्ट की कीमत घटा दी है, जिसके चलते कंपनी को थोड़ा नुकसान हो रहा है. पिछले साल तक कंपनी ये प्रोडक्ट 799 रुपये में बेचती थी, लेकिन अब कंपनी का ये प्रोडक्ट महज 500 रुपये में बिक रहा है. वहीं अगले कुछ सालों में कंपनी प्रोडक्ट की कीमत इतनी कम कर देना चाहती है कि 500 रुपये में 3 पैंटी आ सकें.

फाउंडर्स ने मांगे 1 करोड़ रुपये

फाउंडर्स ने अपने स्टार्टअप की 3 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये मांगे. इससे पहले वह 2022 में 2.17 करोड़ रुपये की फंडिंग उठा चुके हैं. उन्होंने बताया कि अभी उनका 5 करोड़ का फंडिंग राउंड चल रहा है, जिसके तहत ही शार्क टैंक इंडिया की फंडिंग भी उठाने का प्लान है. फाउंडर्स ने बताया कि उन्हें 4 करोड़ रुपये की टर्मशीट भी मिल चुकी है.

हुई 4 शार्क डील, मिले 2 करोड़

इस डील से नमिता आउट हो गईं, क्योंकि उन्हें प्रोडक्ट कुछ खास पसंद नहीं आया. वहीं विनीता ने 1.75 फीसदी इक्विटी के बदले 50 लाख रुपये और 50 लाख रुपये 3 साल के लिए 9 फीसदी की दर पर कर्ज के तौर पर देने का ऑफर दिया. बाद में वह अमन के साथ जुड़ गईं और दोनों ने मिलकर 3 फीसदी के बदले 1 करोड़ रुपये देने का ऑफर दिया. वहीं पीयूष ने भी 3 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ देने का ऑफर दिया. अनुपम ने 2 करोड़ के बदले 6 फीसदी का ऑफर दिया, जिसमें 3 शार्क आते. आखिरकार 7 फीसदी के बदले 2 करोड़ रुपये की डील फाइनल हुई, जिसमें अमन, अनुपम, पीयूष और विनीता ने 50-50 लाख रुपये यानी कुल 2 करोड़ रुपये लगाए.

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