Shark Tank India-4: जब एक प्रोफेशनल हैकर पहुंचा शार्क टैंक पर, एक-दो नहीं.. चलाता है कई बिजनेस, मिले ₹1 करोड़

Shark Tank India-4: परफ्यूम का मार्केट भारत में तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में बहुत सारे स्टार्टअप भी परफ्यूम से जुड़े बिजनेस कर रहे हैं. ऐसा ही एक स्टार्टअप है EM5, जो अपने परफ्यूम लेकर पहुंचा शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में. इस स्टार्टअप (Startup) की शुरुआत की है इंदौर के रहने वाले शशांक चौरे ने.
Shark Tank India-4: जब एक प्रोफेशनल हैकर पहुंचा शार्क टैंक पर, एक-दो नहीं.. चलाता है कई बिजनेस, मिले ₹1 करोड़

Shark Tank India-4: परफ्यूम का मार्केट भारत में तेजी से बढ़ रहा है. ऐसे में बहुत सारे स्टार्टअप भी परफ्यूम से जुड़े बिजनेस कर रहे हैं. ऐसा ही एक स्टार्टअप है EM5, जो अपने परफ्यूम लेकर पहुंचा शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में. इस स्टार्टअप (Startup) की शुरुआत की है इंदौर के रहने वाले शशांक चौरे ने.

शशांक कहते हैं कि वह हमेशा ही कुछ नया करने के लिए उत्साहित रहते हैं. वह आईटी में प्रोफेशनल हैकिंग से लेकर डिजिटल मार्केटिंग और फिश फार्मिंग तक सब कर चुके हैं. उन्हें बचपन से ही परफ्यूम्स का काफी शौक था, इसीलिए उन्होंने EM5 नाम से एक परफ्यूम ब्रांड की शुरुआत की. इसकी मैन्युफैक्चरिंग इन-हाउस होती है. उन्होंने बहुत ही सिंपल पैकेजिंग के साथ परफ्यूम उतारे और कंपनी सिर्फ 2 साल में ही 1.70 करोड़ रुपये के मंथली रन रेट पर पहुंच गई

12वीं के बाद छोड़ी पढ़ाई, बने प्रोफेशनल हैकर

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शशांक इंदौर में ही पैदा हुए हैं और वहीं से उन्होंने स्कूलिंग भी की है. 12वीं के बाद से शशांक ने पढ़ाई छोड़ दी. वह इंजीनियरिंग करने गए थे, लेकिन एक साल भी पूरा कॉलेज नहीं गए. शशांक बताते हैं कि वह एक प्रोफेशनल हैकर हैं. अपनी पहली नौकरी में उन्होंने एक क्लाइंट की वेबसाइट को हैक कर उन्हें बताया कि उसमें क्या दिक्कत है, जिसे वह ठीक कर सकते हैं. करीब 9 महीने तक उन्होंने यह जॉब की.

शुरू किए हैं कई बिजनेस

जॉब छोड़ने के बाद शशांक ने अपनी आईटी कंपनी शुरू किया, जिसका नाम है इंडिया इंफोटेक, जो अभी 3 कंपनियों की पैरेंट कंपनी है. उन्होंने इस कंपनी को 2016 तक अच्छे से स्केल किया और फिर कुछ और करने की चाह में 2018 में फ्रेगरेंस के बिजनेस में घुस गए. कुछ ही वक्त में लॉकडाउन लग गया और फ्रेगरेंस का बिजनेस रुक गया.

इस बीच टेक कंपनी के लिए शशांक ने एक सीईओ रख लिया. धीरे-धीरे वो बिजनेस पूरी तरह से ऑटोमेट हो गया. शशांक बताते हैं कि उन्होंने कोविड के वक्त में एक फिश फार्मिंग का बिजनेस भी शुरू किया, जो इजराइल की तकनीक के हिसाब से मछली पालन का बिजनेस है. इसके बाद शशांक ने जून 2022 में स्लीप मोड में पड़े फ्रेगरेंस के बिजनेस को फिर से शुरू किया.

किस बिजनेस से कमाते हैं कितना?

इंडिया इंफोटेक से हर साल करीब 10-12 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जनरेट होता है, जिसमें 4-6 करोड़ रुपये का मुनाफा होता है. वहीं फिश फार्मिंग के बिजनेस से भी लगभग 1-1.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जनरेट होता है. शशांक की कंपनी EM5 कैंडल, बॉडी मिस्ट, बीयर्ड बाम, सॉलिड परफ्यूम और लिक्विड परफ्यूम बेचती है. उन्हें उम्मीद है कि वह 5 साल से पहले ही 500 करोड़ रुपये के टर्नओवर की कंपनी बना लेंगे.

2022-23 में कंपनी ने 1.69 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जनरेट किया, जिसमें उन्हें 3.25 लाख रुपये का नुकसान हुआ. वहीं अगले साल यानी 2023-24 में कंपनी का रेवेन्यू 8.35 करोड़ रुपये हो गया, जिसमें कंपनी को प्रॉफिट हुआ. इस साल कंपनी ने अक्टूबर तक 9.5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जनरेट किया है, जिसमें 44 लाख रुपये का मुनाफा हुआ है. वहीं उनका अनुमान है कि इस साल उनका कुल रेवेन्यू 21 करोड़ रुपये तक रह सकता है.

बूटस्ट्रैप्ड और प्रॉफिटेबल है कंपनी

अभी तक यह कंपनी बूटस्ट्रैप्ड है, जिसमें शशांक ने लगभग 2.3 करोड़ रुपये लगाए हैं. इसके अलावा कंपनी पर कोई लोन भी नहीं है. अगले कुछ महीनों में कंपनी यूके, यूएस, कनाडा और यूएई में बिजनेस फैलाने की प्लानिंग कर रही है. कंपनी की 70 फीसदी सेल खुद की वेबसाइट से होती है, जबकि 30 फीसदी मार्केट प्लेस से आती है. इसमें भी 25 फीसदी सेल तो सिर्फ एक मार्केटप्लेस अमेजन से ही आती है.

मिली 1 करोड़ रुपये की फंडिंग

फाउंडर ने अपने स्टार्टअप की 2 फीसदी हिस्सेदारी के बदले 70 लाख रुपये की फंडिंग मांगी. पीयूष और विनीता तो शुरू में ही इस डील से आउट हो गए. वरुण दुआ ने 5 फीसदी इक्विटी के बदले 70 लाख रुपये और 1 फीसदी रॉयल्टी का ऑफर दिया. वहीं अनुपम ने 3 ऑफर दिए. एक तो वरुण वाला ऑफर, दूसरा 70 लाख रुपये 6 फीसदी के लिए. वहीं तीसरा 1 करोड़ रुपये 10 फीसदी के लिए. वहीं अमन ने दो ऑफर दिए. पहला 70 लाख रुपये 6 फीसदी के लिए और दूसरा 1 करोड़ रुपये 10 फीसदी के लिए. आखिरकार फाउंडर ने अमन गुप्ता के ऑफर को स्वीकार कर लिया और 10 फीसदी के बदले 1 करोड़ रुपये दिए.

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