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शार्क टैंक इंडिया के चौथे सीजन (Shark Tank India Season 4) में एक ऐसा फैशन ब्रांड आया, जिसका नाम पढ़कर अधिकतर शार्क ये सोचने लगे कि वो कोई फूड स्टार्टअप (Startup) है. इस स्टार्टअप का नाम है Burger Bae. जी हां, लेकिन ये बर्गर नहीं बेचता, बल्कि बेचता है कपड़े. फाउंडर्स का दावा है कि इस स्टार्टअप के कपड़े बर्गर की तरह ही हॉट, स्पाइसी और जूसी होते हैं. यहां तक कि उनकी टैगलाइन है 'टेस्टी क्लोदिंग'.
इस स्टार्टअप की शुरुआत 2019 में लुधियाना के रहने वाले दो भाई-बहन रोहन कश्यप और ओजस्वी कश्यप ने की. कुछ सालों बाद 2023 में कोलकाता की जानवी सिकारिया भी कंपनी से को-फाउंडर की तरह जुड़ गईं. जानवी पहले इसी कंपनी की ग्राहक थीं, जिनके दूसरे ऑर्डर के साथ कुछ गड़बड़ हो गई और उन्हें उनका ऑर्डर मिला ही नहीं. इसके बाद जानवी ने कंपनी में फोन कर के कॉल अटैंड करने वाली इन्टर्न को बुरी तरह डांट दिया.
इसके बाद खुद कंपनी के फाउंडर रोहन ने उन्हें कॉल किया और वादा किया कि पूरी जिंदगी वह जब-जब कुछ ऑर्डर करेंगी, कंपनी की तरफ से उन्हें कुछ स्पेशल चीज अलग से दी जाएगी. जानवी को कंपनी का एक ग्राहक को हैंडल करने का तरीका बहुत अच्छा लगा. इसके बाद जानवी और रोहन में बातें होने लगीं, दोस्ती हुई और फिर दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई.
यह कंपनी इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर ट्रेंड करने वाले फैशन के हिसाब से कपड़े बनाते हैं. कंपनी का दावा है कि उनकी वायरेलिटी में तमाम इनफ्लुएंशर काफी मदद करते हैं. कंपनी अब तक 2.5 लाख से भी अधिक ग्राहकों को प्रोडक्ट बेच चुकी है. वहीं इनके पास करीब 2.67 लाख लोगों की एक मजबूत इंस्टाग्राम की कम्युनिटी है.
रोहन ने 2017-18 में एक सोशल मीडिया एजेंसी भी शुरू की थी. कुछ समय बाद रोहन ने बर्गर बे नाम से बिजनेस को पायलट प्रोजेक्ट की तरह चलाया और वह अच्छा चल पड़ा. रोहन कहते हैं कि उन्हें बर्गर अच्छे लगते हैं, ये सोचकर ही उन्होंने कंपनी का नाम बर्गर बे रख लिया. कंपनी की फैक्ट्री लुधियाना में है. वहीं चंडीगढ़ और गुरुग्रा में कॉन्टेंट क्रिएशन हब है.
सभी फाउंडर्स को लोगो स्टाइल काफी कूल लगा. वहां अमन ने कुछ कपड़े ऐसे भी उठाए, जिनकी पैकेजिंग शेक जैसे बॉक्स में थी. उन कपड़ों से कॉफी और स्ट्राबेरी जैसी खुशबू आ रही थी. फाउंडर्स का दावा है कि इन कपड़ों में यह खुशबू 20 बार धुलने तक बनी रहती है. शो आने के दौरान कंपनी के पास 6-7 लाख रुपये का बैंक बैलेंस था. जानवी अभी करीब 50 हजार रुपये की सैलरी ले रही हैं. वहीं रोहन और ओजस्वी 28-28 हजार रुपये की सैलरी ले रहे हैं.
इस कंपनी ने 2019-20 में 15 लाख रुपये कमाए. वहीं अगले साल यह कमाई करीब 4 गुना बढ़कर 56 लाख रुपये हो गई. 2021-22 में कंपनी ने 1.6 करोड़ रुपये की सेल की, जो उसके अगले साल बढ़कर 4.6 करोड़ रुपये हो गई. पिछले साल यानी 2023-24 में कंपनी की कमाई 11.8 करोड़ रुपये रही. इस साल कंपनी कुल 15 करोड़ रुपये कमाई का अनुमान लगा रही है और नवंबर तक 10 करोड़ रुपये कमा भी चुकी है.
2019 में अपने शुरुआती दौर में ही रोहन ने एक ऐसी गलती कर दी थी, जिसके चलते कंपनी दिवालिया होते-होते बची है. उन्होंने एक कंपनी को 33 फीसदी हिस्सेदारी महज 1 लाख रुपये में दे दी थी, जो एक स्ट्रेटेजिक पार्टनर भी थी. कंपनी का काम था फैक्ट्री और क्वालिटी का सारा काम देखना, लेकिन उनसे वह नहीं हुआ. आखिरकार रोहन ने कंपनी से 30-40 लाख रुपये लिए, मम्मी से करीब 2 करोड़ रुपये लिए और खुद की कुछ सेविंग मिलाकर 3 करोड़ रुपये में वह 33 फीसदी हिस्सेदारी वापस खरीदी.
कंपनी के फाउंडर्स ने 40 करोड़ रुपये के वैल्युएशन पर 2.5 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये मांगे. विराज और नमिता इस डील से शुरू में ही आउट हो गए. वहीं अनुपम, कुणाल और अमन ने दो-दो ऑफर दिए. पहला ऑफर था 10 फीसदी के बदले 1 करोड़ रुपये और दूसरा ऑफर था 20 फीसदी इक्विटी के बदले 2 करोड़ रुपये. आखिरकार अमन, अनुपम और कुणाल ने साथ मिलकर फाउंडर्स को 20 फीसदी के बदले 2 करोड़ रुपये दिए.