Shark Tank India-3: 80 बार Fail हुआ ये शख्स, ₹2.25 करोड़ लगाकर खड़ी की ₹33 करोड़ की कंपनी

Shark Tank India का तीसरा सीजन शुरू हो चुका है. राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को ही शार्क टैंक इंडिया के तीसरे सीजन का पहला एपिसोड आया है. पहले एपिसोड में कुल 3 स्टार्टअप आए और सबसे पहले Honest Home Company ने अपना स्टार्टअप आइडिया पिच किया.
Shark Tank India-3: 80 बार Fail हुआ ये शख्स, ₹2.25 करोड़ लगाकर खड़ी की ₹33 करोड़ की कंपनी

Shark Tank India का तीसरा सीजन शुरू हो चुका है. राम मंदिर (Ram Mandir) की प्राण प्रतिष्ठा के दिन 22 जनवरी को ही शार्क टैंक इंडिया के तीसरे सीजन का पहला एपिसोड आया है. पहले एपिसोड में कुल 5 जज दिखे, जो अमन गुप्ता, नमिता थापर, अनुपम मित्तल, विनीता सिंह और अमित जैन हैं. इस सीजन में जोमैटो के दीपेंदर गोयल भी आने वाले हैं और अन्य निवेशक भी कुछ एपिसोड के लिए आएंगे. पहले एपिसोड में कुल 3 स्टार्टअप आए और सबसे पहले Honest Home Company ने अपना स्टार्टअप आइडिया पिच किया.

प्लास्टिक फ्री पैकेजिंग पर फोकस

इस स्टार्टअप की शुरुआत मयंक सिसौदिया ने 2019 के अंत में की थी, जो यूपी के एक छोटे से शहर धामपुर में रहते हैं. उनकी कंपनी प्लास्टिक फ्री पैकेजिंग पर काम कर रही है. इस स्टार्टअप की शुरुआत करने से पहले मयंक एक आयुर्वेदा स्टार्टअप में काम कर रहे थे, जहां उनसे लोगों ने कहा कि आप प्रोडक्ट तो आयुर्वेद का बेच रहे हैं, लेकिन उन्हें प्लास्टिक की पैकेजिंग में क्यों दे रहे हैं? इसके बाद ही मयंक ने प्लास्टिक से दूर हटने की सोची और ऑनेस्ट होम कंपनी की शुरुआत की.

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यह कंपनी फूड रैप, टिश्यू पेपर, क्लीनिंग प्रोडक्ट, किचन टॉअल, टॉयलेट क्लीनर, फ्लोर क्लीनर जैसे प्रोडक्ट बेचती है. इनके क्लीनर पाउच में आते हैं, जिन्हें पानी में मिलाकर बनाया जा सकता है. यहां एक बात ध्यान रखने की है कि उनके प्रोडक्ट कैमिकल फ्री नहीं है, सिर्फ पैकेजिंग प्लास्टिक फ्री है. इस कंपनी को शुरू करने से पहले मयंक ने पार्ले में नौकरी की थी. उसके बाद 7 साल तक यूनीलीवर में भी काम किया. इसके बाद ही उन्होंने एक आयुर्वेदा स्टार्टअप में काम किया, जिसे एक साल में जीरो से 1 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंचाया.

2.25 करोड़ रुपये से किया शुरू, अब 14 करोड़ का टर्नओवर

मयंक ने सिर्फ 2.25 करोड़ रुपये से इस कंपनी की शुरुआत की थी और अब उसे 14 करोड़ रुपये के रेवेन्यू तक पहुंचा दिया है. मयंक ने इस बिजनेस के शुरुआत सिर्फ ऑफलाइन सेल से की थी और कोविड से पहले तक वह 25 लाख रुपये प्रति महीने के रेवेन्यू तक पहुंच गए थे. हालांकि, कोविड ने उन्हें सिखाया कि ऑनलाइन बिजनेस होना भी बहुत जरूरी है. उन्होंने दोस्तों से सीखा कि कैसे ऑनलाइन बिजनेस करना है और फिर उनका बिजनेस तेजी से चल पड़ा.

अमित जैन ने दिए 1 करोड़, 33 करोड़ का वैल्युएशन

शार्क टैंक इंडिया में मयंक ने 2 फीसदी इक्विटी के लिए 1 करोड़ रुपये का निवेश मांगा, यानी अपने बिजनेस का वैल्युएशन 50 करोड़ रुपये लगाया. उनके प्रोडक्ट्स को तमाम शार्क ने काफी सराहा. अंत में मयंक ने अमित जैन के ऑफर को स्वीकार किया. अमित ने मयंक को 3 फीसदी इक्विटी के बदले 1 करोड़ रुपये का ऑफर दिया और साथ ही 1 फीसदी की रॉयल्टी मांगी, जब तक 1.5 करोड़ रुपये पूरे नहीं हो जाते. इस तरह उनकी कंपनी की वैल्यू करीब 33 करोड़ रुपये लगी. बता दें कि रॉयल्टी के तहत उन्हें हर साल अपनी सेल का 1 फीसदी अमित को देना होगा, जब तक 1.5 करोड़ रुपये पूरे नहीं हो जाते.

कितनी कमाई कर रही है ये कंपनी?

ऑनेस्ट होम कंपनी इस वक्त 14 करोड़ रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुकी है. शार्क टैंक इंडिया में मयंक ने बताया कि उनकी कंपनी ने 2019-20 में 1.82 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल किया था, जबकि 2020-21 में 2.89 करोड़ का रेवेन्यू कमाया. 2021-22 में यह कमाई बढ़कर 4.9 करोड़ रुपये हो गई और 2022-23 तक उनकी कंपनी का रेवेन्यू 13.8 करोड़ रुपये हो गया. बता दें कि इन 14 करोड़ रुपयों में मयंक ने करीब 60 लाख रुपये का मुनाफा भी कमाया है, यानी कंपनी अभी मुनाफे में है. मयंक कहते हैं कि 2025 तक उनका टारगेट कंपनी के टर्नओवर को 80-100 करोड़ रुपये तक पहुंचाना है.

80 वीसी ने ठुकराया, कोई नहीं दे रहा लोन

कोविड के दौरान मयंक का हालत बहुत खराब हो गई थी. इसकी वजह से वह अपने घर और गाड़ी की करीब 3-4 ईएमआई नहीं चुका पाए. ईएमआई डिफॉल्ट होने की वजह से उनका सिबिल स्कोर बहुत खराब हो गया है. इसके चलते अब अगर वह कहीं से लोन लेना चाहते हैं तो उन्हें इनकार का सामना करना पड़ता है. मयंक ने बताया कि वह 80 वीसी (वेंचर कैपिटलिस्ट) के पास भी गए, लेकिन कहीं से उन्हें फंडिंग नहीं मिली. कोई कहता कि प्रोडक्ट बहुत ही कमोडिटाइज है, तो कोई कहता कि आप सेल्समैन है, ब्रांड नहीं बना सकते. हालांकि, अब शार्क टैंक इंडिया से उन्हें फंडिंग मिल गई है.