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भारत में अंग्रेजी (English) सिर्फ एक भाषा नहीं, बल्कि नौकरी (Jobs), सम्मान (Respect) और आत्मविश्वास (Confidence) की पहचान बन चुकी है. यही जरूरत पहचानते हुए स्टार्टअप SpeakX AI ने लोगों को फर्राटे से अंग्रेजी बोलने में मदद करने के लिए AI (Artificial Intelligence) की ताकत का इस्तेमाल किया है.
अब इस कंपनी ने $16 मिलियन यानी करीब 140 करोड़ रुपये की प्री-सीरीज़ बी फंडिंग (Pre-Series B Funding) हासिल की है. इसमें WestBridge Capital, Elevation Capital और Goodwater Capital जैसे बड़े निवेशकों ने निवेश किया है. खास बात यह है कि कंपनी पहले से ही मुनाफे (Profit) में चल रही है और देशभर में 2 लाख से ज्यादा लोग इसके पेड यूजर हैं.
यह प्लेटफॉर्म एक AI इंग्लिश ट्यूटर (AI English Tutor) की तरह काम करता है, जो आपको असली बातचीत जैसे माहौल में प्रैक्टिस कराता है. जैसे- इंटरव्यू (Interview), वर्कप्लेस डिस्कशन (Workplace Discussion) या डेली कन्वर्सेशन (Daily Conversation).
इसका उद्देश्य सिर्फ ‘भाषा सिखाना’ नहीं, बल्कि ‘कॉन्फिडेंस बढ़ाना’ है, ताकि कोई भी व्यक्ति ऑफिस, स्कूल या समाज में खुलकर बात कर सके.
SpeakX.ai अब अपनी टेक्नोलॉजी को और एडवांस बनाने की दिशा में काम करेगा. साथ ही कंपनी अधिक से अधिक भाषाओं में अपने प्लेटफॉर्म को लॉन्च करेगी. इसके अलावा टीम एक्सपेंशन, AI अपग्रेड और रीजनल यूजर्स के लिए कस्टम फीचर्स पर भी फंड खर्च किया जाएगा.
कंपनी के पास 1 मिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर (Active Users) हैं और हर महीने लगभग $150,000 का प्रॉफिट (Profit) कमा रही है. इसका कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट (CAC) सिर्फ 1 दिन में रिकवर हो जाता है. 6 महीने में LTV/CAC रेशियो 3.7x है. 3 महीने की रिटेंशन रेट (Retention Rate) 35% है. यानी कम खर्च में तेजी से बढ़ने वाला, टिकाऊ और प्रॉफिटेबल मॉडल.
कंपनी के फाउंडर अर्पित मित्तल (Arpit Mittal) बोले, “हम चाहते हैं कि SpeakX इंग्लिश बोलने का दूसरा नाम बन जाए, जैसे Xerox फोटो कॉपी का बन गया था.” कंपनी का लक्ष्य है कि साल 2026 तक $100 करोड़ का वार्षिक EBITDA और अगले 2-3 सालों में $300-400 मिलियन का बिजनेस बनाना.
WestBridge Capital के संदीप सिंगल ने कहा, “भारत में भाषा स्किल्स अब इकॉनमिक ग्रोथ का सबसे बड़ा ड्राइवर बन गए हैं. SpeakX AI इस फील्ड में गेम चेंजर साबित हो सकता है.”
Elevation Capital के मनीष आडवाणी के मुताबिक, “यह सिर्फ एक एडटेक स्टार्टअप नहीं, बल्कि आत्मविश्वास देने वाला प्लेटफॉर्म है.”
SpeakX AI ने दिखा दिया है कि भारत के मिडिल क्लास को समझने वाला AI बिजनेस कितना बड़ा हो सकता है. यह सिर्फ इंग्लिश बोलने का टूल नहीं, बल्कि कैरियर ग्रोथ (Career Growth) और सोशल मोबिलिटी (Social Mobility) का रास्ता खोल रहा है. भारत में AI और भाषा सीखने का भविष्य अब पहले से कहीं ज्यादा उज्जवल दिख रहा है.
यह कंप्यूटर को इंसानों की तरह सोचने और सीखने की क्षमता देता है.
जब कोई निवेशक किसी कंपनी में पैसा लगाता है, उसे फंडिंग कहते हैं.
यह कंपनी की असली कमाई दिखाने वाला फाइनेंशियल मेट्रिक है.
Annual Recurring Revenue, यानी हर साल आने वाली तय इनकम.
यह यूजर की स्पीच सुधारता है और इंग्लिश सिखाता है.
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