Smart Ring बनाता है ये Startup, रणबीर कपूर और बादशाह ने भी लगाए हैं पैसे

हेल्थ टेक स्टार्टअप गैबिट (Gabit) ने हाल ही में नई फंडिंग हासिल की है, जिसमें बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर (Ranbir Kapoor) और म्यूजिक आर्टिस्ट बादशाह (Badshah) ने निवेश किया है. गैबिट का प्रमुख प्रोडक्ट स्मार्ट रिंग (Smart Ring) है, जो स्लीप, फिटनेस, न्यूट्रिशन और स्ट्रेस जैसी हेल्थ मेट्रिक्स को ट्रैक करता है. भारत का स्मार्ट वेयरेबल मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और गैबिट इसका अहम हिस्सा बनने की तैयारी में है.
Smart Ring बनाता है ये Startup, रणबीर कपूर और बादशाह ने भी लगाए हैं पैसे

हेल्थ टेक स्टार्टअप गैबिट (Gabit) की ताजा फंडिंग राउंड में बॉलीवुड एक्टर रणबीर कपूर और सिंगर-रैपर बादशाह ने निवेश किया है. खास बात यह है कि रणबीर कपूर को गैबिट ने तीन महीने पहले ही अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया था. इस राउंड में कुछ अन्य एंजल इन्वेस्टर्स ने भी भाग लिया.

गैबिट की शुरुआत 2022 में हुई थी. इसके को-फाउंडर हैं गौरव गुप्ता, जो पहले जोमैटो (Zomato) के को-फाउंडर रह चुके हैं और अपर्णा शाही, जो स्किलटैप (SkillTap) की फाउंडर और सीईओ रह चुकी हैं. कंपनी खुद को एक ऐसा हेल्थ और वेलनेस प्लेटफॉर्म मानती है, जहां लोगों की लगभग सारी ज़रूरतें पूरी हो सकती हैं.

स्मार्ट रिंग: गैबिट का फ्लैगशिप प्रोडक्ट

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गैबिट का सबसे चर्चित प्रोडक्ट है गैबिट स्मार्ट रिंग (Smart Ring). यह रिंग स्लीप, फिटनेस, न्यूट्रिशन और स्ट्रेस जैसे कई हेल्थ मेट्रिक्स को ट्रैक करती है. इसके साथ एक मोबाइल ऐप भी दी जाती है, जिसमें एआई ड्रिवन इनसाइट्स, पर्सनलाइज्ड फिटनेस रूटीन, न्यूट्रिशन प्लान और हैबिट कोचिंग जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

पहले भी जुटाई थी बड़ी फंडिंग

गैबिट ने इससे पहले 2023 में सीड राउंड में 9.5 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाई थी. इसमें नॉरवेस्ट वेंचर पार्टनर्स (Norwest Venture Partners), डीपिंदर गोयल (Eternal Founder), और कुणाल शाह (Cred Founder) जैसे नामी इन्वेस्टर्स शामिल थे.

भारतीय स्मार्ट रिंग मार्केट में बढ़ती दिलचस्पी

भारत का स्मार्ट रिंग मार्केट तेजी से बढ़ रहा है. अल्ट्राह्यूमन (Ultrahuman) जैसी कंपनियों ने जबरदस्त ग्रोथ दिखाई है. FY25 में अल्ट्राह्यूमन ने 71.5 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया, जबकि पिछले साल उसे 37.7 करोड़ का घाटा हुआ था. यह दिखाता है कि लोग अब स्मार्ट रिंग्स और हेल्थ वेयरेबल्स को अपनाने लगे हैं.

स्मार्ट वीयरेबल मार्केट

भारतीय स्मार्ट वीयरेबल मार्केट का साइज 2025 में करीब 2.94 बिलियन डॉलर था. उम्मीद है कि 2030 तक यह बढ़कर 8.64 बिलियन डॉलर हो जाएगा. इसका मतलब है कि मार्केट हर साल लगभग 23.9% की दर से ग्रोथ करेगा.

क्यों पसंद की जा रही हैं स्मार्ट रिंग्स?

स्मार्ट रिंग्स का ट्रेंड इसलिए भी बढ़ रहा है क्योंकि ये स्मार्ट वॉच या फिटनेस बैंड की तुलना में ज्यादा हल्की और स्टाइलिश होती हैं. इन्हें पहनना आसान है और ये ज्यादा आकर्षक भी लगती हैं.

मार्केट में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा

गैबिट अकेला स्टार्टअप नहीं है जो इस मार्केट में काम कर रहा है. भारत में म्यूज़ वेयरेबल्स (Muse Wearables) और बोनाट्रा (Bonatra) जैसी कंपनियां भी स्मार्ट रिंग्स पेश कर रही हैं. वहीं, ग्लोबल दिग्गज कंपनियां जैसे ओउरा (Oura) और सैमसंग (Samsung) भी इस कैटेगरी में एंट्री कर चुकी हैं.

Conclusion

गैबिट का फोकस हेल्थ और वेलनेस सेक्टर में इनोवेशन लाने पर है. स्मार्ट रिंग जैसे प्रोडक्ट्स लोगों की लाइफस्टाइल बदलने में मदद कर सकते हैं. मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और प्रतिस्पर्धा भी मजबूत है, लेकिन सही रणनीति और ब्रांड वैल्यू के सहारे गैबिट इस दौड़ में आगे निकल सकता है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. स्टार्टअप क्या होता है?

नई और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया पर आधारित कंपनी को स्टार्टअप कहते हैं.

2. फंडिंग राउंड का मतलब क्या है?

कंपनी द्वारा निवेशकों से पैसा जुटाने की प्रक्रिया को फंडिंग राउंड कहते हैं.

3. स्मार्ट वेयरेबल्स क्या होते हैं?

ऐसे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट जो शरीर पर पहने जा सकें और हेल्थ या एक्टिविटी ट्रैक करें.

4. एंजल इन्वेस्टर कौन होते हैं?

वे निवेशक जो शुरुआती स्टेज के स्टार्टअप में पैसा लगाते हैं.

5. ब्रांड एंबेसडर का काम क्या होता है?

किसी कंपनी या प्रोडक्ट को प्रमोट करने वाला व्यक्ति.

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