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भारत में पीरियड दर्द (Period Pain) को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है. लेकिन 3 इंजीनियरों- सुदीप, गजानन और सौरव ने इस दर्द को समझा और उसे कम करने का ठोस तरीका ढूंढ निकाला. इन तीनों ने मिलकर बनाया एक ऐसा प्रोडक्ट, जो महिलाओं को पीरियड्स के दिनों में आराम दे सके.
फाउंडर्स ने अपने इस स्टार्टअप का नाम रखा "राहतो (Rahato)". ये सिर्फ एक हीटिंग पैड (Heating Pad) नहीं, बल्कि एक स्मार्ट वीयरेबल डिवाइस (Smart Wearable Device) है, जो मोबाइल ऐप से कंट्रोल होता है और पूरी तरह मेड इन इंडिया है.
फाउंडर सौरव ने बताया कि राहतो की शुरुआत एक रात हुई, जब उनकी गर्लफ्रेंड को पीरियड का बहुत दर्द हो रहा था. उन्होंने कहा- “एक रात की बात है वो तकलीफ में थी, लेकिन मैं कुछ नहीं कर सका. तभी लगा, कुछ ऐसा बनाना चाहिए जो महिलाओं के लिए ऐसी स्थिति में वाकई मददगार हो.”
मार्केट में जो प्रोडक्ट्स थे, वह न तो पोर्टेबल (Portable) थे, न ही वीयरेबल (Wearable). इसलिए उन्होंने खुद से एक प्रोटोटाइप बनाया, वो भी बिना फैक्ट्री, बिना निवेश, बस अपने हाथों से.
"राहतो" एक स्मार्ट हीटपैड (Smart Heatpad) है, जिसे महिलाएं बेल्ट की तरह पेट पर पहन सकती हैं. यह बेहद स्किन-फ्रेंडली (Skin-Friendly) है और किसी को सुनाई नहीं देता, क्योंकि इसका मसाज सिस्टम बहुत साइलेंट (Silent) है. इसकी कीमत ₹1,999 रुपये रखी गई है ताकि यह सुलभ और किफायती रहे.
राहतो का पहला ट्रायल सौरव ने अपनी गर्लफ्रेंड पर ही किया. वो बताते हैं- “रात में उसका फोन आया, वह गुस्से में थी. बोली कि स्किन जल गई है.” सौरव ने तुरंत डिजाइन बदला, हीट लेवल मॉडिफाई किया और फिर दोबारा टेस्ट किया. इस बार रिजल्ट परफेक्ट रहा. वहीं से शुरुआत हुई "राहतो" की असली यात्रा.
फैक्ट्री नहीं थी, इसलिए सौरव और टीम ने कॉलेज के कुछ छात्रों को ट्रेनिंग दी कि यह प्रोडक्ट कैसे बनाना है. उन्होंने बताया- “हमने उन्हें इक्विपमेंट्स दिए, रॉ मटीरियल दिया और हर पीस के हिसाब से भुगतान करना शुरू किया.” इस तरह राहतो एक छोटे से कमरे से लेकर अब एक बड़े मिशन में बदल गया- हर महिला को पीरियड के दिनों में राहत देना.
टीम ने Ideabaaz शो में ₹60 लाख की फंडिंग मांगी थी, 20% डिस्काउंट पर कनवर्टिबल इक्विटी के रूप में. इन पैसों से वह नए लोगों को हायर करना और प्रोडक्शन इक्विपमेंट खरीदना चाहते हैं.
शो में मौजूद 85% दर्शकों ने प्रोडक्ट के पक्ष में वोट किया, जबकि 15% ने ना कहा. पहले लिबर्टी शूज (Liberty Shoes) के अनुपम बंसल ने निवेश से मना कर दिया, लेकिन जब उन्होंने बाकी टाइटन्स को निवेश करते देखा, तो उन्होंने भी ₹10 लाख रुपये का निवेश कर दिया.
| निवेशक (Titan) | निवेश राशि (Investment) | कमेंट |
|---|---|---|
| जिम्मी मिस्त्री (Della Group) | ₹10 लाख | “ये लोग खाली हाथ नहीं जाने चाहिए.” |
| प्रियंका (The Sleep Company) | ₹10 लाख | “हमारे रिसोर्स इस्तेमाल करें, R&D साथ में करें.” |
| संदेश और अर्जुन वैद्य | ₹10-10 लाख | प्रोडक्ट की तारीफ की और सहयोग का वादा किया. |
| अनुपम बंसल | ₹10 लाख | शुरुआती हिचक के बाद निवेश किया. |
| प्रतीक गांधी (शो होस्ट) | ₹10 लाख | अर्जुन वैद्य के कहने पर निवेश किया. |
कुल निवेश: ₹60 लाख रुपये.
द स्लीप कंपनी की प्रियंका ने कहा, “आप हमारे R&D रिसोर्स का इस्तेमाल करें. इसका मार्केट छोटा है, लेकिन रिसर्च से इसे स्केल किया जा सकता है.” उनकी इस पेशकश से राहतो टीम को एक बड़ी टेक्निकल बैकअप मिल गई, जो उन्हें भविष्य में तेजी से आगे बढ़ा सकती है.
राहतो टीम का मकसद सिर्फ एक प्रोडक्ट बेचना नहीं है, बल्कि पीरियड दर्द को सामान्य बातचीत का हिस्सा बनाना है. जैसा कि सौरव कहते हैं, “हम दर्द को भुलाने की बजाय, उसे समझने की कोशिश कर रहे हैं.”
“राहतो” सिर्फ एक स्टार्टअप नहीं, एक भावना है. 3 दोस्तों का सपना जो एक रात की परेशानी से शुरू हुआ और अब लाखों महिलाओं की राहत का कारण बन सकता है. बिना किसी संसाधन, निवेश या फैक्ट्री के, उन्होंने दिखा दिया- “जुनून हो तो कोई भी राह मुश्किल नहीं.”
यह एक स्मार्ट वीयरेबल हीटिंग पैड है जो पीरियड दर्द में आराम देता है.
सुदीप, गजानन और सौरव.
₹1,999 रुपये.
मोबाइल ऐप से टेंपरेचर और मसाज फीचर कंट्रोल किए जा सकते हैं.
हां, पूरी तरह से मेड इन इंडिया प्रोडक्ट है.
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