आए दिन आप कई स्टार्टअप्स (Startup) के बारे में सुनते रहते होंगे. कई ऐसे स्टार्टअप होते हैं, जिनका आइडिया (Business Idea) सुनकर यकीन ही नहीं होता कि कोई ये भी सोच सकता है. कुछ ऐसे ही स्टार्टअप हमें दिखे हाल ही में भारत मंडपम में हुए स्टार्टअप महाकुंभ (Startup Mahakumbh) में. आइए जानते हैं ऐसे ही 10 स्टार्टअप्स के बारे में, जिनका आइडिया आपका दिमाग घुमा देगा.
1/15आपने देखा होगा कि जो दिव्यांग लोग सुन-बोल नहीं पाते हैं, वह साइन लैंग्वेज के जरिए बात करते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि अगर वह आपसे साइन लैंग्वेज में बात करने लगें तो आप उसने बात कैसे करेंगे? ऐसा ही एक स्टार्टअप है DITU Innovation, जिसने एक ऐसा डिवाइस बनाया है, जो साइन लैंग्वेज को आसान सी लैंग्वेज में बदल सकता है. यहां क्लिक कर डिटेल में जानिए कैसे काम करता है ये डिवाइस.
2/15एलोवेरा से तमाम तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट बनने की बात तो आपने सुनी होगी, लेकिन एक स्टार्टअप ऐसा भी है जो एलोवेरा से रिमोट कंट्रोल के सेल बना रहा है. इस स्टार्टअप का नाम है Aloe E-Cell. इस सेल की खासियत ये है कि यह पूरी तरह से बायोडीग्रेडेबल और ईकोफ्रेंडली है. वहीं ये स्टार्टअप आपके पास मौजूदा पुराने सभी तरह के सेल लेता है और उन्हें रीसाइकिल करता है. यहां क्लिक कर समझिए कैसे काम करता है ये सेल.
3/15स्टार्टअप महाकुंभ में एक ऐसा स्टार्टअप भी पहुंचा, जिसने एलन मस्क की याद दिला दी. इस स्टार्टअप का नाम है OM Space, जिसने खास तरह का रॉकेट बनाया है. इस कंपनी का रॉकेट 100 किलो तक का वजह 500 किलोमीटर तक ले जा सकता है और फिर जमीन पर वापस आ सकता है. 24 घंटे के बाद इस रॉकेट को फिर से इस्तेमाल में लाया जा सकता है. यहां क्लिक कर देखिए रॉकेट के काम करने का तरीका.
4/15ड्रोन से खेतों में दवा का छिड़काव करना, सामान की डिलीवरी करना या शादी-ब्याज में वीडियोग्राफी करने की बात तो आपने कई बार सुनी होगी. स्टार्टअप महाकुंभ में एक स्टार्टअप ऐसा ड्रोन लेकर पहुंचा, जो फायरफाइटर का काम करता है यानी आग लगने पर वहां पहुंच कर आग बुझा सकता है. इस स्टार्टअप का नाम है Spectron. इसकी एक बड़ी खासियत ये है कि यह सीधे सैटेलाइट से कनेक्ट रहता है और हर 7 मिनट में डेटा लेता है. जैसे ही इसे आग की खबर मिलती है, यह बिना किसी ह्यूमन के खुद से ऑटोमेटिक तरीके से वहां पहुंच कर आग बुझा कर वापस आ सकता है. यहां क्लिक कर जानिए इसकी पूरी फंक्शनिंग.
5/15एक ऐसा भी रोबोट स्टार्टअप महाकुंभ में दिखा, जो एक वेटर या असिस्टेंट की तरह काम कर सकता है. इस स्टार्टअप का नाम है अल्फाड्रॉएड (Alpha Droid). इस कंपनी के रोबोट के रेस्टोरेंट, इवेंट्स, बड़े ऑफिस या स्टोर्स में इस्तेमाल किया जा सकता है. रोबोट कई तरह के सामान डिलीवर कर सकता है और सामने जो भी आएगा, उससे बचकर अपना रास्ता बदलते हुए निकल सकता है. यहां क्लिक कर देखें कैसे चलता है ये रोबोट.
6/15जी नहीं, ये स्टार्टअप खुद से आपकी डेट ऑफ बर्थ के नोट नहीं छापता, बल्कि उन नोटों को आप तक पहुंचाने में मदद करता है, जिन पर आपकी डेट ऑफ बर्थ हो. बता दें कि यह डेट ऑफ बर्थ आपके नोट पर लिखा नंबर होता है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई नोट है तो उसे आप इस स्टार्टअप पर लिस्ट कर सकते हैं और उसके बदले में आपको तगड़ी कमाई हो सकती है. यहां क्लिक कर देखिए कैसे ढूंढे और बेचें डेट ऑफ बर्थ वाला नोट.
7/15आज के वक्त में स्विगी-जोमैटो से आप लोग तमाम रेस्टोरेंट से तो खाना मंगवा सकते हैं, लेकिन स्ट्रीट फूड खाने के लिए पास वाले ठेले या कार्ट पर जाना ही पड़ता है. अगर आप चाहते हैं कि स्ट्रीट फूड वाला खाना भी सीधे आपके घर पहुंच जाए तो आप इस कंपनी के ऐप से खाना मंगवा सकते हैं. इस स्टार्टअप का नाम है रासा (RAASA), जो स्ट्रीट फूड की डिलीवरी करता है. आपको भी मंगवाना है स्ट्रीट फूड तो यहां क्लिक कर समझें पूरी प्रोसेस.
8/15एक स्टार्टअप है Bharat Smart Services, जिसने बिजली बचाने के लिए एक खास तरह का डिवाइस बनाया है. इस डिवाइस के साथ-साथ कंपनी ने एक स्मार्ट प्लग भी बनाया है, जिसकी मदद से आप अपने घर के उपकरणों को कहीं से भी कंट्रोल कर सकते हैं. स्टार्टअप दावा करता है कि अगर इनके डिवाइस इस्तेमाल करने का बाद आपके बिजली का बिल जरूर कम हो जाएगा. यहां क्लिक कर देखिए क्या है ये डिवाइस जो बचाता है बिजली का बिल.
9/15जी हां, स्टार्टअप महाकुंभ में एक ऐसा स्टार्टअप आया था, जिसने 3डी प्रिंटर बनाया है. इस कंपनी का नाम है पाईक्राफ्ट टेक्नोलॉजी. इसमें आप जो चाहे वो प्रिंट कर सकते हैं. आपको बस एक 3डी डिजाइन बनवाना होगा और फिर उसे इस प्रिंटर पर डालकर कमांड दे देनी है. कुछ घंटों में बिल्कुल वैसा 3डी मॉडल प्रिंट हो जाएगा, जैसा आपने सोचा था. यहां क्लिक कर देखिए कैसे प्रिंट होता है 3डी मॉडल.
10/15एक स्टार्टअप ऐसा भी है, जिसने ऑक्सीजन वाला कैप्सूल बनाया है. जी हां, आपने अब तक यही सुना होगा कि ऑक्सीजन सिर्फ गैस के रूप में होती है, लेकिन इस स्टार्टअप ने उसे कैप्सूल में भर दिया है. इस स्टार्टअप का नाम है डाएटोमिक हेल्थकेयर. इस स्टार्टअप ने ऑक्सीजन वाले कई स्किन प्रोडक्ट भी बनाए हैं. ऑक्सीजन वाला कैप्सूल कैसे बना, यहां क्लिक कर जानिए.
11/15आम तौर पर हर घर में किचन से बहुत सारा कचरा निकलता है. यूं तो हर कोई उसे फेंक देता है, लेकिन HarithAvani की शुरुआत करने वाले फाउंडर्स ने एक मिनी बायोगैस प्लांट बनाया है. इसे लोग अपने घर में लगा सकते हैं और हर रोज अपने घर के किचन के कचरे से ही खाना पकाने के लिए गैस पा सकते हैं. इससे एक तो आपके घर से कचरा नहीं निकलेगा, वहीं दूसरी ओर आपको मुफ्त में खाना पकाने के लिए गैस भी मिलेगी. इतना ही नहीं, आपको अपने घर में गमलों में लगे पौधों में डालने के लिए लिक्विड मैन्योर भी मिलता है. यहां क्लिक कर देखिए कैसे काम करता है ये बायोगैस मिनी प्लांट.
12/15दरअसल, ये कोई बना बनाया रोबोट नहीं है, बल्कि इसे खुद बच्चे ही बनाते हैं. जी हां, यह स्टार्टअप कुछ ऐसी डीआईवाई किट मुहैया करता है, जिसे जोड़कर बच्चे खुद से ही रोबोट बना सकते हैं. बच्चों के बनाए ये रोबोट देखकर आपको इस बात पर यकीन नहीं होगा कि इन्हें बच्चों ने बनाया है. एजुकेशन के डीआईवाई किट वाले रोबोट कैसे काम करते हैं, यहां क्लिक कर देखिए.
13/15एक ऐसा स्टार्टअप (Air X), जो ऑक्सीजन बनाने वाला डिवाइस बनाता है. सुनने में भले ही यह मुश्किल लगे, लेकिन यह मुमकिन है. इस स्टार्टअप ने एक डिवाइस बनाया है, जिसमें एक सॉल्यूशन के साथ एल्गी को डाला जाता है, जिसमें नीचे से लाइट जल रही होती है. यह डिवाइस तेजी से आपके घर में मौजूद कार्बन डाई ऑक्साइड को तेजी से ऑक्सीजन में बदलता है. यहां क्लिक कर देखिए इस डिवाइस के काम करने का तरीका.
14/15एक स्टार्टअप है एलीफेंट (Elephant), जो खिलौने का सब्सक्रिप्शन मॉडल लेकर आया है. अब बच्चों को लंबे वक्त तक सिर्फ एक ही तरह के खिलौने से खेलने पर मजबूर नहीं होना होगा, बल्कि वह बदल-बदल कर खिलौनों से खेल सकते हैं. यहां क्लिक कर जानिए कैसे काम करता है ये स्टार्टअप.
15/15स्टार्टअप महाकुंभ में एक स्टार्टअप सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज़ भी आया था, जो अपने हाथ में पकड़ने योग्य एआई-ईसीजी मशीनों के लिए जाना जाता है. यह स्टार्टअप शार्क टैंक में भी आ चुका है, जहां तमाम जज ने इसकी काफी तारीफ की. इस स्टार्टअप का प्रोडक्ट कितना शानदार है, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसे स्टार्टअप महाकुंभ 2025 में हेल्थ और बायो ट्रैक के तहत "स्टार्टअप महारथी" का सम्मान प्राप्त हुआ. खुद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सनफॉक्स के को-फाउंडर्स को यह पुरस्कार दिया. सनफॉक्स टेक्नोलॉजीज़ का उद्देश्य उन्नत स्वास्थ्य उपकरणों को सभी के लिए सुलभ बनाना है. इनका प्रमुख उत्पाद, स्पंदन ईसीजी, एक पोर्टेबल और किफायती ईसीजी डिवाइस है जो विशेष रूप से दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में हृदय स्वास्थ्य की निगरानी में क्रांतिकारी बदलाव ला रहा है. नवाचार और सामाजिक प्रभाव पर केंद्रित रहते हुए, सनफॉक्स का लक्ष्य है स्वास्थ्य सेवाओं की खाई को पाटना और अधिक से अधिक जीवन बचाना.