किसी भी बिजनेस (Business) की सफलता में सबसे बड़ा रोल होता है उसकी टीम का. हालांकि, तमाम कंपनियों में ये देखने को मिलता ही है कि वहां से टैलेंट दूसरी कंपनियों की ओर चला जाता है. कई बार ये टैलेंट खुद से दूसरी कंपनी में जाने का फैसला करता है तो कई बार दूसरी कंपनियां ही इन टैलेंट को बेहतर ऑफर देकर बुला लेती हैं. अगर आप भी एक स्टार्टअप फाउंडर (Startup Founder) हैं और चाहते हैं कि आपकी कंपनी में कर्मचारी लंबे वक्त तक टिके रहें, तो आपको अपने कर्मचारियों के ये 5 काम करने चाहिए.
1/5जब कर्मचारियों को लगता है कि उनके काम की तारीफ की जा रही है और उन्हें तवज्जो मिल रही है, तो वह खुद को कंपनी के लिए अधिक वैल्यू वाला मानते हैं. उन्हें ये दिखता है कि उनकी मेहनत को ध्यान में रखते हुए कंपनी सम्मान दे रही है. इसके लिए एम्प्लॉई ऑफ द मंथ या कुछ तरह के दूसरे अवॉर्ड दिए जा सकते हैं. अवॉर्ड को मॉनिटरी इंसेंटिव से भी जोड़ा जा सकता है.
2/5कई बार एक कर्मचारी अपनी नौकरी ये सोचकर बदलता है कि जहां पर वह काम कर रहा है वहां उसकी पर्सनल ग्रोथ नहीं हो रही. हर स्टार्टअप फाउंडर को यह बात ध्यान में रखनी चाहिए. सिर्फ कंपनी के फायदे के बारे में ही नहीं सोचना चाहिए, बल्कि ये भी सोचना चाहिए कि किस तरह कर्मचारियों की ग्रोथ हो सकती है. बता दें कि कुछ बेहतर पाने या नए चैलेंज स्वीकार करने के लिए अधिकतर कर्मचारी तैयार रहते हैं, ताकि उनकी ग्रोथ हो सके. कुछ कंपनियां तो कर्मचारियों की ग्रोथ के प्रोग्राम भी चलाती हैं. ग्रोथ के मौके मिलते रहेंगे तो कोई भी कर्मचारी जल्दी नौकरी छोड़ने की नहीं सोचेगा.
3/5अधिकतर स्टार्टअप फाउंडर्स हर वक्त अपनी कंपनी के लिए काम करते रहते हैं. वह अपने स्टार्टअप के लिए काम करते वक्त ये नहीं देखते कि दिन है या रात या वह कितने घंटों से काम कर रहे हैं. कई फाउंडर्स ने तो एक दिन में 20-20 घंटे तक काम करने का भी दावा किया है. अगर आप भी एक फाउंडर हैं तो अपने कर्मचारियों से भी ऐसा ही करने की अपेक्षा ना करें. कर्मचारियों को उनके काम के घंटे के हिसाब से काम दें, फ्लेक्सिबल वर्किंग और हाइब्रिड वर्किंग का विकल्प भी दें. इससे कर्मचारियों को वर्क लाइफ बैलेंस करने में मदद मिलती है और वह अपनी नौकरी से अधिक संतुष्ट रहते हैं.
4/5अब वो सब पुरानी बात हो गई है, जब कंपनी के मालिक अपने कर्मचारियों से डांट-डांट कर काम करवाते थे. आज के वक्त में अगर आप सिर्फ ऑर्डर देकर अपने मन से कर्मचारियों से काम करवाना चाहेंगे, तो आपको विरोध झेलने को मिल सकता है. इसका नतीजा ये हो सकता है कि कर्मचारी नौकरी ही छोड़कर चला जाए. ऐसे में कर्मचारियों से जब भी कोई काम करने को कहें तो साथ ही उनका फीडबैक भी लें. उन्हें ये लगना चाहिए कि कंपनी में उनकी बात भी सुनी जाती है.
5/5कई बार कंपनियों में ये देखने को मिलता है कि वह बहुत ही मामूली सैलरी पर लोगों को हायर करने लगती हैं. इनमें अधिकतर फ्रेशर होते हैं. यहां तक तो एक बार के लिए ठीक है, लेकिन जैसे-जैसे कर्मचारी का अनुभव और काम की जिम्मेदारी बढ़ती जाए, उसी के साथ उसकी सैलरी में भी इजाफा जरूर करें. यह इजाफा भी इंडस्ट्री स्टैंडर्ड के हिसाब से होना चाहिए, ना कि मनमर्जी से. कोई भी शख्स नौकरी कर ही इसीलिए रहा है, क्योंकि उसे पैसा चाहिए. ऐसे में अगर कोई दूसरी कंपनी उसे अधिक पैसे ऑफर करती है तो वह नौकरी छोड़ने से पहले शायद ही सोचे.