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उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ अब एक नए बदलाव की दहलीज पर खड़ा है. यहां सिर्फ इमामबाड़ा और भूलभुलैया ही पहचान नहीं होंगे, बल्कि आने वाले समय में यह शहर विज्ञान, तकनीक और स्टार्टअप्स की दुनिया में भी चमकेगा.
सीएसआईआर स्टार्टअप कॉन्क्लेव 2025 के समापन अवसर पर केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह (Dr. Jitendra Singh) ने साफ किया कि लखनऊ जल्द ही स्टार्टअप हब बनने जा रहा है. यहां बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्रियल पार्क और एक नया साइंस म्यूजियम स्थापित किया जाएगा. इसके साथ ही शहर के बॉटेनिकल गार्डन और स्वास्तिक लोटस गार्डन को टूरिज्म हब बनाने की योजना भी है.
लखनऊ में स्टार्टअप्स को लेकर वही पोटेंशियल है जो कभी हैदराबाद और दक्षिण भारत के शहरों में दिखा था. मंत्री ने कहा कि यहां के युवा इनोवेशन और विज्ञान में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. स्टार्टअप्स के लिए बायोटेक पार्क और साइंस म्यूजियम सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि नए आइडियाज और निवेश का गढ़ बनेंगे.
लखनऊ में नया बायोटेक्नोलॉजी इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जाएगा. यहां रिसर्च, स्टार्टअप्स और कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा. एक बड़ा साइंस म्यूजियम भी स्थापित होगा जो बच्चों और युवाओं को विज्ञान से जोड़ने का काम करेगा.
डॉ. जितेंद्र सिंह ने याद दिलाया कि 1977 में देश का पहला सोलर सेल यहीं यूपी से बना था. उन्होंने बताया कि साहिबाबाद की सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड जो घाटे में थी, सीएम योगी आदित्यनाथ के सहयोग से अब मुनाफे में है.
लखनऊ का बॉटेनिकल गार्डन भारत का सबसे पुराना है. यहां बना स्वास्तिक लोटस गार्डन दुनिया भर के कमल के फूलों से भरा है. मंत्री ने कहा कि भविष्य में यह जगह एक बड़े टूरिज्म हब के रूप में विकसित हो सकती है.
यहां सीडीआई (Central Drug Institute) में कैंसर और फैटी लिवर की दवा पर रिसर्च हो रही है. मंत्री ने कहा कि लखनऊ को अब सिर्फ इमामबाड़ा या भूलभुलैया से नहीं पहचाना जाएगा, बल्कि यह शहर अपनी वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं और रिसर्च प्रॉडक्ट्स के लिए भी जाना जाएगा.
मंत्री ने कहा कि अब वन थीम वन वीक अभियान शुरू किया जाएगा. यानी हर हफ्ते एक नया वैज्ञानिक या टेक्नोलॉजी थीम लेकर काम होगा. इससे लगातार रिसर्च, नए विचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा.
विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले 5-10 सालों में लखनऊ देश के टॉप स्टार्टअप हब में शामिल हो सकता है. यहां बायोटेक, हेल्थटेक, फार्मा और साइंस बेस्ड स्टार्टअप्स का मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा.
लखनऊ अब सिर्फ तहज़ीब और स्वाद का शहर नहीं रहेगा, बल्कि विज्ञान, स्टार्टअप और इनोवेशन का नया हब बनकर उभरेगा. बायोटेक पार्क, साइंस म्यूजियम और रिसर्च हब के साथ यह शहर युवाओं को नए मौके देगा और देश की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा.
किसी इनोवेशन के साथ शुरू हुआ नया बिजनेस, जिसे स्केल किया जा सके.
विज्ञान की वह शाखा जिसमें जीव विज्ञान को तकनीक से जोड़ा जाता है.
बच्चों और युवाओं को विज्ञान के करीब लाने के लिए.
रिसर्च, प्रयोग और नए प्रॉडक्ट्स की डेवलपमेंट.
ऐसी जगह जहां नए बिजनेस और इनोवेशन को बढ़ावा दिया जाए.
यहां शिक्षा, रिसर्च और पोटेंशियल तीनों मौजूद हैं.
हाँ, यह आम जनता के लिए खुला होगा.
यह भारत का सबसे पुराना गार्डन है और इसमें दुनिया भर के कमल के फूल हैं.
हर हफ्ते एक नया वैज्ञानिक थीम पर काम करना.
हाँ, स्टार्टअप्स और रिसर्च से बड़ी संख्या में रोजगार पैदा होंगे.
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