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भारत में स्टार्टअप (Startup) कल्चर लगातार तेजी पकड़ रहा है. सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है. यही वजह है कि आज छोटे कस्बों से भी बड़े और सफल बिजनेस खड़े हो रहे हैं. लेकिन किसी भी बिजनेस को बढ़ाने के लिए सबसे जरूरी चीज होती है पैसा. ये पैसा या तो निवेशकों से आता है या फिर बैंक लोन से. इन दोनों के लिए आपको चाहिए एक पक्का बिजनेस प्लान (Business Plan).
अब सवाल उठता है कि ये बिजनेस प्लान आखिर बनता कैसे है. इसका जवाब है कि यह उतना मुश्किल नहीं.. जितना लगता है. बस आपको 6 आसान काम करने होंगे और पैसा अपने आप आपके पास आने लगेगा. आपके स्टार्टअप को भी फंडिंग मिल जाएगी और आप उसे तेजी से स्केल कर पाएंगे.
किसी भी बिजनेस प्लान की शुरुआत एग्जिक्युटिव समरी से होती है. यही वो हिस्सा है जिससे निवेशक आपके आइडिया और कंपनी की सोच समझते हैं. इसमें आपको अपना विजन और मिशन, टारगेट ग्राहक (Target Market) और प्रतिस्पर्धा (Competition) के बारे में लिखना चाहिए. यह समरी पढ़ने के बाद कोई भी आपके बिजनेस की तस्वीर साफ समझ सकेगा और उसी हिसाब से आगे का फैसला करेगा.
बिजनेस प्लान में अपनी कंपनी का ब्योरा देना बेहद जरूरी है. इसमें बताएं कि आप किस तरह का बिजनेस कर रहे हैं, उसकी लोकेशन कहां है और उसका कानूनी ढांचा (Legal Structure) क्या है. अपने प्रोडक्ट और सर्विस की खासियत लिखें और यह भी बताएं कि आपकी पेशकश ग्राहकों की जरूरतें कैसे पूरी करती है. साथ ही, अपनी टीम के बारे में भी जानकारी दें कि कौन किस क्षेत्र का विशेषज्ञ है और कंपनी को आगे बढ़ाने में किसका क्या रोल होगा.
किसी भी स्टार्टअप को मार्केट की समझ होना बेहद जरूरी है. इसके लिए आपको बाजार की रिसर्च करनी होगी. टारगेट ऑडियंस, उनकी खरीदारी की आदतें और फीडबैक को समझें. मौकों के साथ-साथ चुनौतियों की भी पहचान करें. इसके अलावा प्रतिस्पर्धियों की ताकत और कमियों को जानना भी जरूरी है. ये सब जानकारी आपके लिए नई और अलग रणनीति बनाने में मदद करेगी और निवेशक को भरोसा दिलाएगी कि आप बाजार को हल्के में नहीं ले रहे.
एक स्टार्टअप की रीढ़ उसकी टीम होती है. इसलिए बिजनेस प्लान में टीम का जिक्र करना अनिवार्य है. इसमें हर सदस्य की जिम्मेदारियां, उनका अनुभव और पढ़ाई की जानकारी लिखें. अगर आपके पास कोई मेंटर या एडवाइजरी बोर्ड है तो उनकी भूमिका भी साफ करें. निवेशक सबसे पहले टीम को देखते हैं, क्योंकि वही तय करती है कि आइडिया सफल होगा या नहीं.
निवेशक को यह पता होना चाहिए कि आप ग्राहकों तक पहुंचने के लिए क्या तरीके अपनाएंगे. बिजनेस प्लान में अपनी मार्केटिंग और सेल्स की स्ट्रेटेजी को विस्तार से समझाएं. इसमें सोशल मीडिया, डिजिटल कैंपेन, विज्ञापन, कंटेंट मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल जैसी बातें शामिल हों. साथ ही बिक्री का अनुमान (Sales Forecast) भी बताएं. इससे यह साफ हो जाएगा कि आप ग्राहकों तक पहुंचने और सेल्स बढ़ाने की क्या प्लानिंग कर रहे हैं.
बिजनेस प्लान का सबसे अहम हिस्सा होता है फाइनेंशियल सेक्शन. इसमें यह बताया जाता है कि आने वाले 3-5 साल में कंपनी का रेवेन्यू कितना हो सकता है, खर्चे कितने होंगे और मुनाफा कहां तक पहुंचेगा. निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर इसी हिस्से पर होती है. इसलिए इसमें कोई कंफ्यूजन नहीं होना चाहिए. अगर आपको लगता है कि आप इसे खुद अच्छे से नहीं बना पाएंगे तो किसी प्रोफेशनल की मदद लें. क्योंकि एक छोटी सी गलती भी निवेशकों को आपसे दूर कर सकती है.
बिजनेस प्लान निवेशकों और बैंकों को आपके आइडिया और कमाई की संभावनाओं का भरोसा दिलाता है.
नहीं, अगर आप 6 बेसिक स्टेप्स फॉलो करेंगे तो इसे आसानी से बना सकते हैं.
अधिकतर निवेशक कंपनी की टीम और फाइनेंशियल प्लानिंग पर ध्यान देते हैं.
क्योंकि इससे आपको बाजार की जरूरत, मौके और चुनौतियों का अंदाजा लगता है.
हां, लेकिन अगर आपको फाइनेंशियल सेक्शन में दिक्कत हो तो प्रोफेशनल की मदद लेना बेहतर है.
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