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AI स्टार्टअप Lovable बिना परफॉर्मेंस रिव्यू के साल पूरा करने वाले कर्मचारियों को दे रहा 10% सैलरी हाइक! प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT))
एआई की दुनिया में 'लवेबल' (Lovable) नाम का यह स्टार्टअप रातों-रात चर्चा का विषय बन गया है. इसकी वजह कोई नया टूल नहीं, बल्कि कर्मचारियों के प्रति इसका नजरिया है. टेक इंडस्ट्री में जहां परफॉर्मेंस रिव्यू, रेटिंग्स और 'स्कोरकार्ड' के चक्कर में कर्मचारियों की रातों की नींद उड़ जाती है, वहीं एक एआई (AI) स्टार्टअप ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है.
स्टॉकहोम (स्वीडन) के इस स्टार्टअप ने घोषणा की है कि वह कंपनी में 1 साल पूरा करने वाले अपने हर कर्मचारी को बिना किसी तामझाम के 10% सैलरी हाइक देगा. न मैनेजर से मिन्नतें करने की जरूरत, न ही फीडबैक का डर- बस एक साल पूरा करो और अपनी बढ़ी हुई सैलरी ले जाओ.
कंपनी के को-फाउंडर और सीईओ एंटन ओसिका (Anton Osika) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि 'लवेबल' में हर उस कर्मचारी को 10% की निश्चित सैलरी हाइक मिलेगी जो एक साल पूरा कर चुका है और अपनी उम्मीदों पर खरा उतर रहा है. ओसिका का कहना है, "लोग जितने लंबे समय तक रुकते हैं, वे उतने ही अधिक मूल्यवान होते जाते हैं. उन्हें इस बात की चिंता नहीं करनी चाहिए कि उन्हें हाइक मिलेगी या नहीं."

आमतौर पर टेक कंपनियों में अप्रेजल का समय काफी तनावपूर्ण होता है. कर्मचारियों को 'नीड्स विजिबिलिटी' जैसे अस्पष्ट फीडबैक मिलते हैं. लवेबल की यह नीति सीधे तौर पर उस पुराने और थका देने वाले कल्चर को चुनौती दे रही है. यह उन इंजीनियरों और प्रोडक्ट बिल्डर्स को रोकने की एक स्मार्ट रणनीति (Retention Strategy) भी है, जिन्हें अक्सर अन्य कंपनियां लुभाती रहती हैं.
लवेबल को इसके 'वाइब-कोडिंग' (Vibe-coding) प्लेटफॉर्म के लिए जाना जाता है. यह प्लेटफॉर्म यूजर्स को बिना किसी कोडिंग ज्ञान के सिर्फ साधारण अंग्रेजी में अपनी जरूरत बताकर ऐप्स बनाने की सुविधा देता है. 2024 के अंत में लॉन्च होने के बाद से कंपनी ने जबरदस्त विकास किया है. एक समय तो ऐसा भी आया जब कंपनी ने महज एक महीने में अपने 'एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू' (ARR) में $100 मिलियन की बढ़ोतरी की.
कंपनी की वर्तमान ताकत लगभग 200 कर्मचारियों की है और इस साल के अंत तक इसे दोगुना यानी 400 करने की योजना है. ऐसे समय में जब बड़ी टेक कंपनियां "एआई एफिशिएंसी" के नाम पर छंटनी कर रही हैं, लवेबल की यह नीति बेहतरीन टैलेंट को अपनी ओर खींचने का काम करेगी.
'लवेबल' की यह पहल कॉरपोरेट दुनिया में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. अगर कोई कंपनी अपने कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा और मानसिक शांति देती है, तो वह न केवल अपने टैलेंट को बचा सकती है बल्कि अपनी ग्रोथ को भी पंख लगा सकती है. लवेबल ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य की कंपनियां सिर्फ डेटा से नहीं, बल्कि अपने लोगों के भरोसे और खुशी से चलेंगी.
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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 'लवेबल' किस देश की कंपनी है?
यह स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में स्थित एक एआई स्टार्टअप है.
Q2 'वाइब-कोडिंग' (Vibe-coding) क्या है?
यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें यूजर बिना कोडिंग सीखे, सिर्फ बोलकर या लिखकर (Plain English में) सॉफ्टवेयर या ऐप बनवा सकता है.
Q3 स्टार्टअप (Startup) क्या होता है?
एक नई कंपनी जो नवाचार के माध्यम से किसी समस्या का समाधान करती है.
Q4 स्टार्टअप्स को फंडिंग कैसे मिलती है?
मुख्य रूप से वेंचर कैपिटल, एंजेल इन्वेस्टर्स या सरकारी ग्रांट्स के माध्यम से.
Q5 ARR क्या होता है?
एनुअल रिकरिंग रेवेन्यू (ARR) कंपनी की सालाना कमाई का एक पैमाना है.