आपको भी बुरी लगती है 9 से 5 की नौकरी? तो बस 2 मिनट निकाल कर इस भाई की दर्द भरी कहानी पढ़ लो, अच्छी लगने लगेगी!

ये दोस्त कभी मलाड में टेलीसेल्स की नौकरी करता था. सैलरी थी ₹26,000 और कुछ इंसेंटिव्स भी मिलते थे. हालांकि, उसका सपना था बड़ा आदमी बनने का, खुद का बिजनेस शुरू करने का. तो एक दिन उसने ठान लिया.. नौकरी छोड़ दी और मोबाइल की दुकान खोल ली.
आपको भी बुरी लगती है 9 से 5 की नौकरी? तो बस 2 मिनट निकाल कर इस भाई की दर्द भरी कहानी पढ़ लो, अच्छी लगने लगेगी!

यूं तो तमाम नौकरीपेशा लोग अपनी 9-5 वाली जॉब से परेशान हैं, लेकिन एक शख्स ने रेडिट पर ऐसी कहानी शेयर की है, जिसे पढ़कर लगेगा ये भी अच्छा है. मुंबई के रहने वाले एक रेडिट यूजर ने एक शख्स की दर्द भरी कहानी शेयर की है, जिसे अपने सपने पूरे करने के चक्कर में 40 लाख रुपये गंवाने पड़ गए. यह यूजर एक चाय बेचने वाले शख्स अली की टपरी पर बैठा था, जब अली ने अपने दोस्त के लिए नौकरी के मौके के बारे में पूछा और उस दोस्त की दर्दभरी कहानी बयां की.

ये दोस्त कभी मलाड में टेलीसेल्स की नौकरी करता था. सैलरी थी ₹26,000 और कुछ इंसेंटिव्स भी मिलते थे. हालांकि, उसका सपना था बड़ा आदमी बनने का, खुद का बिजनेस शुरू करने का. तो एक दिन उसने ठान लिया.. नौकरी छोड़ दी और मोबाइल की दुकान खोल ली. वो भी किसी आम जगह नहीं, एक हाई-प्रोफाइल लोकेशन में. दुकान के लिए Fancy Repairing मशीनें खरीदीं, स्टाफ हायर किया और अपने पूरे ₹40 लाख की जमा पूंजी उसमें झोंक दी. लेकिन जो होना था, वो हुआ नहीं.

ख्वाब बहुत महंगे पड़ सकते हैं

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कुछ ही महीनों में उसे समझ में आ गया कि सिर्फ सपना देखना काफी नहीं होता. दुकान पर कस्टमर नहीं आ रहे थे. स्टाफ को सैलरी देने के पैसे नहीं बचे. एक-एक करके सबको निकालना पड़ा. मशीनें धरी की धरी रह गईं. और उसके पूरे ₹40 लाख, उसकी सारी जिंदगी की सेविंग्स, खत्म हो गई. अब वही लड़का, जो कभी बिजनेस का सपना देखता था, किसी भी नौकरी की तलाश में है. वहीं अब अली, उसका दोस्त, लोगों से उसके लिए नौकरी मांग रहा है.

'जियो अपने सपने' की असली कीमत

Reddit पर ये पोस्ट करने वाले यूजर ने लिखा, “हमें हर जगह ये सुनने को मिलता है कि ‘Go big or go home’, यानी कुछ बड़ा करो या घर में बैठो, लेकिन शायद ही कोई उन लोगों की कहानियां बताता है, जो सब कुछ हार जाते हैं.”

वह लिखते हैं कि सपने जरूर देखो, लेकिन खुली आंखों से. रिस्क लेना ठीक है, लेकिन एक प्लान बी भी जरूरी है. सारी सेविंग्स एक साथ दांव पर मत लगाओ, वरना अगर प्लान फेल हुआ तो संभालने वाला कोई नहीं होता.

9 से 5 की नौकरी बुरी नहीं होती

अक्सर लोग '9 से 5' की नौकरी को बोरिंग मानते हैं, लेकिन अगर वही नौकरी आपकी जिंदगी और परिवार को सुरक्षा देती है, तो उसमें भी कोई बुराई नहीं है. खासकर तब जब आप परिवार के इकलौते कमाने वाले हों. हो सकता है कि आप धीरे-धीरे ग्रो करें, लेकिन आप स्टेबल होंगे. और वही स्टेबिलिटी आपको कभी आगे रिस्क लेने की ताकत दे सकती है, जब आपके पास बैकअप हो.

कोई कोस रहा, तो कोई जता रहा दुख

रेडिट पर शेयर की गई इस पोस्ट पर यूजर्स के अलग-अलग रिएक्शन आ रहे हैं. कोई इस शख्स की कहानी पर उसे कोस रहा है और कह रहा है कि एक ही बार बिजनेस में 40 लाख रुपये झोंकने की क्या जरूरत थी. वहीं कुछ लोग उसके इस असफल होने पर दुख जता रहे हैं.

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