Yuva Sahakar स्कीम से शुरू करें खुद का बिजनेस, मोदी सरकार ने लॉन्च की 100 करोड़ की योजना

सरकार इन कोऑपरेटिव्स (Cooperative) को आसान लोन भी देगी. लोन 5 साल के लिए होगा जिस पर 2 साल तक मूलधन चुकाने में मोरेटोरियम यानी चुकाने में छूट होगी.
Yuva Sahakar स्कीम से शुरू करें खुद का बिजनेस, मोदी सरकार ने लॉन्च की 100 करोड़ की योजना

Yuva Sahakar योजना के लिये सरकार हर साल 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था युवाओं के इन्नोवेटिव कोऑपरेटिव के लिए करेगी.

अगर आप नौजवान हैं और को-ऑपरेटिव सोसाइटी बना कर सोशल एन्टरप्रन्योरशिप में हाथ आजमाना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है. सरकार एग्री कोऑपरेटिव्स (Agri Cooperative) के लिये नई योजना लेकर आ रही है. इस योजना का नाम होगा 'युवा सहकार (Yuva Sahakar) योजना'. सहकारिता क्षेत्र में क्रांति लाने की तर्ज पर स्टार्टअप इंडिया और स्टैंडअप इंडिया की तर्ज पर केंद्र सरकार ने युवा सहकार योजना शुरू की है.

Yuva Sahakar योजना के लिये सरकार हर साल 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था युवाओं के इन्नोवेटिव कोऑपरेटिव के लिए करेगी. ये कोऑपरेटिव्स कृषि से जुड़े क्षेत्र के होंगे. योजना का फायदा तब मिलेगा जब कोऑपरेटिव कम से कम एक साल पुरानी हो अगर ज्यादा पुरानी कोऑपरेटिव हो, तो कम से कम 3 साल उसे कोई आर्थिक नुकसान नही हुआ हो. प्रत्येक प्रोजेक्ट की लागत 3 करोड़ रुपये से ज्यादा की नहीं होनी चाहिए.

लोन में मिलेगी छूट
सरकार इन कोऑपरेटिव्स (Cooperative) को आसान लोन भी देगी. लोन 5 साल के लिए होगा जिस पर 2 साल तक मूलधन चुकाने में मोरेटोरियम यानी चुकाने में छूट होगी और इनवेस्टमेंट लागत के हिसाब सब्सिडी भी देगी. वहीं लोन समय पर चुकाने के लिए लोन में 2 फीसदी की छूट भी मिलेगी.

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Yuva Sahakar योजना के तहत सरकार डेट एक्विटी के निश्चित अनुपात में युवा एंटरप्रन्योर को सहायता करेगी. केटेगिरी-ए के तहत 80%- 20% डेट एक्टिवटी अनुपात होगा. ये केटेगिरी उनके लिए होगी जो या तो नॉर्थ-ईस्ट एरिया के हों, या नीति आयोग के एस्पिरेशनल जिले के अंतर्गत हों या फिर एससी, एसटी, महिला या विकलांग केटेगिरी में हों. वहीं केटेगिरी-बी में 70%-30% डेट इक्विटी अनुपात में सहायता होगी.

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Yuva Sahakar योजना की देखरेख की जिम्मेदारी नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NCDC) जिम्मे होगी. देश भर में कुल कोऑपरेटिव्स की मौजूदा संख्या 8.5 लाख हैं जिनमें से 2.32 लाख कोऑपरेटिव्स इस समय एग्री और उससे संबंधित क्षेत्र में हैं. सरकार कोऑपरेटिव्स क्षेत्र का मेकओवर करके देश के किसान, सेल्फ हेल्प ग्रुप (Self Help Group) से जुड़ी महिलाओं की इनकम बढ़ाना चाहती है.

इसके लिए सरकार देश में पहली बार इंटरनेशनल कोऑपरेटिव ट्रेडफेयर (International Cooperative Trade Fair) का भी आयोजन किया था.

(रिपोर्ट- भूपेंद्र सोनी/ नई दिल्ली)

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