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भारत के छोटे शहरों और कस्बों (Tier III और Tier IV Cities) को लंबे समय तक ईकॉमर्स (Ecommerce) की दौड़ में पीछे माना जाता था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं. इंटरनेट (Internet) की पहुंच और किफायती डेटा (Affordable Data) ने यहां भी ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) को आम बना दिया है. इसी ट्रेंड को पकड़ते हुए CityMall तेजी से आगे बढ़ रहा है.
कंपनी ने अभी-अभी अपने सीरीज D फंडिंग राउंट में 47 मिलियन डॉलर यानी करीब ₹400 करोड़ जुटाए हैं. इस राउंड का नेतृत्व Accel ने किया और इसमें Waterbridge Ventures, Citius, General Catalyst, Elevation Capital, Norwest Venture Partners और Jungle Ventures जैसे मौजूदा निवेशकों ने भी हिस्सा लिया.
CityMall ने साफ कहा है कि इस फंडिंग का इस्तेमाल 4 बड़े कामों में किया जाएगा.
इससे कंपनी का सीधा मकसद है कि छोटे शहरों में Meesho और Amazon Bazaar जैसी कंपनियों को कड़ी चुनौती दी जा सके.
CityMall की अब तक की कुल फंडिंग 165 मिलियन डॉलर तक पहुंच चुकी है. Series C राउंड (2022) में $75 मिलियन जुटाए थे. वहीं Series D राउंड (2025) में $47 मिलियन जुटाए हैं. मुख्य निवेशकों में Accel, Norwest Venture Partners, Waterbridge Ventures, Jungle Ventures और Citius VC शामिल हैं.
CityMall का मॉडल बाकी मार्केटप्लेस से थोड़ा अलग है. यह प्लेटफॉर्म कम्युनिटी लीडर्स (Resellers) को जोड़ता है. लीडर्स bulk डिलीवरी लेते हैं और फिर अपने लोकल नेटवर्क में प्रोडक्ट्स बेचते हैं. इसमें ग्रॉसरी, FMCG, इलेक्ट्रॉनिक्स, फैशन और व्हाइट गुड्स शामिल हैं. इस तरह यह छोटे शहरों और कस्बों के लोगों को कम दाम में प्रोडक्ट मुहैया कराता है.
पिछले सालों में कंपनी का रेवेन्यू लगातार बढ़ा है, हालांकि नुकसान (Loss) भी बढ़ा है. कंपनी के राजस्व में 21.3% की बढ़त जरूर हुई है लेकिन नुकसान भी करीब 10% बढ़ा है.
| वित्तीय वर्ष (Fiscal Year) | रेवेन्यू (Revenue) | नेट लॉस (Net Loss) |
|---|---|---|
| FY23 | ₹352 करोड़ | ₹145 करोड़ |
| FY24 | ₹427 करोड़ | ₹159 करोड़ |
CityMall अभी दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार के 60+ शहरों में मौजूद है. हर साल कंपनी 2x ग्रोथ का दावा कर रही है. ऐप गूगल प्ले (Google Play) और ऐप स्टोर (App Store) पर उपलब्ध है.
CityMall का मुकाबला केवल Meesho या Amazon Bazaar से नहीं, बल्कि पूरे ईकॉमर्स और क्विक कॉमर्स (Quick Commerce) जगत से है. यानी कंपनी सीधे-सीधे Meesho, Flipkart, Amazon, Snapdeal, BigBasket, Blinkit, Zepto और Swiggy Instamart जैसी कंपनियों से है. इन सबके बीच CityMall का फोकस है कम दाम और ज्यादा पहुंच.
CityMall ने छोटे शहरों और कस्बों के लिए एक नया ईकॉमर्स मॉडल खड़ा किया है. हालांकि नुकसान अभी भी ज्यादा है, लेकिन लगातार बढ़ता रेवेन्यू और निवेशकों का भरोसा दिखाता है कि कंपनी के पास लंबी रेस का दम है. अगर यह ग्रोथ बनी रही, तो आने वाले सालों में CityMall छोटे शहरों का Amazon बन सकता है.
कंपनी ने सीरीज D फंडिंग में 47 मिलियन डॉलर यानी 414 करोड़ रुपये जुटाए हैं.
डिलीवरी नेटवर्क, प्राइवेट लेबल, ब्रांड पार्टनरशिप और टैलेंट हायरिंग पर.
यह कम्युनिटी लीडर्स को जोड़कर छोटे शहरों में प्रोडक्ट्स पहुंचाता है.
Meesho, Amazon, Flipkart, BigBasket और क्विक कॉमर्स प्लेयर्स से.
दिल्ली-एनसीआर, यूपी, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार के 60+ शहरों में.