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भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी Maruti Suzuki ने बुधवार को एक अहम समझौता किया है. कंपनी ने DPIIT (Department for Promotion of Industry and Internal Trade) और वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के साथ एक खास MoU साइन किया है. इसका मकसद उन स्टार्टअप्स को सहयोग देना है जो ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और मोबिलिटी सेक्टर में टेक्नोलॉजी से जुड़ी चीजें बना रहे हैं.
इस पहल के तहत DPIIT की तरफ से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को Maruti Suzuki के इनोवेशन प्रोग्राम में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. चुने गए स्टार्टअप्स को इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स से मार्गदर्शन मिलेगा, साथ ही मारुति के नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर का फायदा भी मिलेगा.
इस MoU का एक और मकसद है कि स्टार्टअप्स को इनक्यूबेटर्स, एक्सेलेरेटर्स और निवेशकों से जोड़ा जाए. इससे उन्हें अपने आइडिया को तेजी से आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा. यह कदम भारत सरकार की Startup India और Make in India जैसी योजनाओं को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
Maruti Suzuki के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (कॉर्पोरेट अफेयर्स) राहुल भारती ने कहा, "भारत में एक मजबूत और तेजी से बढ़ता स्टार्टअप इकोसिस्टम है. DPIIT के साथ हमारी यह डील ऑटोमोबाइल और मोबिलिटी टेक्नोलॉजी में नए इनोवेशन को जन्म देगी."
Maruti Suzuki पहले भी Startup India के साथ कई कार्यक्रम चला चुका है. कंपनी ने बताया कि अब तक उसके इनोवेशन प्रोग्राम्स के तहत 5220 से ज्यादा स्टार्टअप्स की स्क्रीनिंग की जा चुकी है. इनमें से करीब 150 स्टार्टअप्स के साथ काम किया गया और 28 स्टार्टअप्स को कंपनी ने अपने बिजनेस में शामिल भी किया है. इस नए MoU के साथ Maruti Suzuki अब और ज्यादा स्टार्टअप्स को जोड़ने और उन्हें ग्लोबल लेवल पर प्लेटफॉर्म देने की तैयारी में है.