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भारत के तेजी से बढ़ते लॉजिस्टिक्स स्टार्टअप इकोसिस्टम (Logistics Startup Ecosystem) को बड़ा झटका लगा है. हाल ही में यूनिकॉर्न वैल्यूएशन (Unicorn Valuation) तक पहुंचे स्टार्टअप Porter ने बड़ी संख्या में कर्मचारियों को अलविदा कह दिया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने अपने कुल कर्मचारियों का लगभग 18% यानी करीब 350 से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकाल दिया है. हालांकि, अभी कंपनी ने निकाले गए लोगों की संख्या का खुलासा नहीं किया है. बताया जा रहा है कि यह कदम कंपनी के दो बिजनेस वर्टिकल- ट्रकिंग और टू-व्हीलर सर्विसेज (Trucking and Two-wheeler Services)- के मर्जर और री-स्ट्रक्चरिंग के तहत उठाया गया है.
Porter के अंदर यह बदलाव एक बड़े ऑपरेशनल प्लान का हिस्सा है. कंपनी अपने दोनों बिजनेस यूनिट्स को मर्ज कर रही है, ताकि ओवरलैपिंग रोल्स (Overlapping Roles) और ऑपरेशनल कॉस्ट (Operational Cost) को घटाया जा सके.
| प्रमुख वजह | डीटेल |
|---|---|
| बिजनेस वर्टिकल मर्जर | ट्रक और टू-व्हीलर सेगमेंट का एकीकरण |
| कॉस्ट रिडक्शन | खर्च घटाने और प्रॉफिटेबिलिटी बढ़ाने का लक्ष्य |
| ऑर्गनाइजेशनल री-स्ट्रक्चरिंग | टीम और रोल्स का पुनर्गठन |
| IPO तैयारी | कंपनी अपने IPO से पहले बिजनेस को स्थिर बनाना चाहती है |
कंपनी ने एक बयान में कहा, “Porter में हमारा लक्ष्य एक सस्टेनेबल और फ्यूचर-रेडी बिजनेस (Sustainable Business Model) बनाना है. यह एक बार का स्ट्रक्चरल रीऑर्गनाइजेशन है, जो हमें ज्यादा मजबूत, चुस्त और वित्तीय रूप से स्थिर बनाएगा.”
कंपनी ने यह भी बताया कि वह प्रभावित कर्मचारियों को सेवेरेंस पे (Severance Pay), मेडिकल कवरेज (Medical Coverage) और कैरियर ट्रांजिशन असिस्टेंस (Career Transition Assistance) जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं.
यह छंटनी ऐसे समय में आई है जब Porter ने कुछ महीने पहले ही $200 मिलियन (₹1,670 करोड़) की फंडिंग जुटाई थी. यह फंडिंग राउंड Series F के तहत Kedaara Capital और Wellington Management के नेतृत्व में हुआ था.
Porter एक B2B और B2C लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म (B2B & B2C Logistics Platform) है, जो कंपनियों और ग्राहकों दोनों को माल ढुलाई की सुविधा देता है. कंपनी की मुख्य सेवाएं-
Porter का दावा है कि उसके पास देशभर में 3 लाख से ज्यादा ड्राइवर पार्टनर्स (Driver Partners) हैं. वहीं 20 लाख से ज्यादा एसएमई कस्टमर (SME Customers) जुड़े हैं. कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक 1 करोड़ से ज्यादा SMEs को जोड़ा जाए. कंपनी अब अपने नेटवर्क को 12 लाख ड्राइवरों तक बढ़ाने की योजना बना रही है.
Porter ने FY25 में मुनाफे का रिकॉर्ड बनाया है. कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 58% बढ़ा है और कंपनी घाटे से निकलकर प्रॉफिटेबल बन गई है.
| फाइनेंशियल ईयर | राजस्व (Revenue) | नेट प्रॉफिट/लॉस (Net Profit/Loss) |
|---|---|---|
| FY24 | ₹2,733.7 करोड़ | ₹95.7 करोड़ का घाटा |
| FY25 | ₹4,306.2 करोड़ | ₹55.2 करोड़ का मुनाफा |
Porter अब अगले 12-15 महीनों में IPO (Initial Public Offering) लाने की तैयारी कर रहा है. इससे पहले कंपनी अपने बिजनेस को स्लिम, एफिशिएंट और स्केलेबल बनाना चाहती है. इसी कारण से कंपनी ने अनावश्यक ओवरलैपिंग रोल्स को खत्म करते हुए लागत कम करने की रणनीति अपनाई है.
Porter की छंटनी भारत के स्टार्टअप सेक्टर के लिए एक संकेत है- ग्रॉथ के साथ स्थिरता की जरूरत (Sustainable Growth). हालांकि, कंपनी ने इसे एक “वन-टाइम एक्सरसाइज” बताया है, लेकिन यह साफ है कि आने वाले महीनों में कई और स्टार्टअप्स अपनी टीमों को लीन एंड एफिशिएंट (Lean & Efficient) बनाने पर ध्यान देंगे. Porter की फोकस अब IPO की तैयारी और लंबी अवधि की प्रॉफिटेबिलिटी पर है. कंपनी की ग्रोथ कहानी जारी है, लेकिन उसकी कीमत कई कर्मचारियों को चुकानी पड़ी है.
करीब 350 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाला गया है.
ट्रक और टू-व्हीलर बिजनेस वर्टिकल के मर्जर के कारण.
2025 के नवंबर महीने में यह कदम उठाया गया.
मई 2025 में $200 मिलियन की फंडिंग सीरीज F राउंड में जुटाई थी.
B2B और B2C लॉजिस्टिक्स, पैकर्स-मूवर्स, और इंटरसिटी डिलीवरी.
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