Layoff: एक झटके में इस Startup ने निकाले 200 कर्मचारी, Funding Winter के चलते सैलरी तक चुकाने के नहीं बचे पैसे

छंटनी के दौर में एक और स्टार्टअप (Startup) ने बड़ी छंटनी (Layoff) का ऐलान कर दिया है. चेन्नई के एग्रीटेक स्टार्टअप (Agritech Startup) वेकूल फूड्स (WayCool Foods) ने 200 से भी अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है.
Layoff: एक झटके में इस Startup ने निकाले 200 कर्मचारी, Funding Winter के चलते सैलरी तक चुकाने के नहीं बचे पैसे

छंटनी के दौर में एक और स्टार्टअप (Startup) ने बड़ी छंटनी (Layoff) का ऐलान कर दिया है. चेन्नई के एग्रीटेक स्टार्टअप (Agritech Startup) वेकूल फूड्स (WayCool Foods) ने 200 से भी अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है. एग्रीकल्चरल सप्लाई चेन स्टार्टअप वेकूल फूड्स की तरफ से पिछले 12 महीनों में यह तीसरी बार है, जब कंपनी ने छंटनी की है. बताया जा रहा है कि कंपनी को फंडिंग नहीं मिल पा रही (Funding Winter) है, जिसकी वजह से कंपनी ने घाटे को कम करने के लिए ऑपरेशंस को स्ट्रीमलाइन करना शुरू कर दिया है. इस स्टार्टअप में लाइटबॉक्स ने भी निवेश किया हुआ है.

साल भर पहले निकाले थे 300 लोग

कंपनी ने पिछले साल जुलाई में 300 से भी अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया था. इसके बाद फिर कंपनी ने इसी साल फरवरी में भी 70 कर्मचारियों को बाहर निकाला. अब ताजा छंटनी में कंपनी ने 200 से भी अधिक कर्मचारियों को कंपनी ने निकाला है. इस तरह साल भर में अब तक कुल मिलाकर 570 से भी अधिक कर्मचारियों की नौकरी जा चुकी है.

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सैलरी देने के भी पैसे नहीं

इस बार की छंटनी में चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद के कर्मचारी प्रभावित हुए हैं. वहीं वेकूल फूड्स की सहायक कंपनियों सेन्सनेक्स्ट और ब्रैंडनेक्स्ट पर भी इस छंटनी का असर देखने को मिला है. कंपनी की वित्तीय हालत खराब होने की वजह से कर्मचारियों की सैलरी चुकाने में दिक्कतें आ रही हैं. इसकी एक वजह ये भी है कि क्लाइंट्स की तरफ से भुगतान में देरी हो रही है. वहीं कंपनी को मिले फंडिंग के पैसे भी खत्म हो चुके हैं और नई फंडिंग अभी तक नहीं मिल पाई है.

मुनाफे में आना चाहती है कपंनी

फंडिंग विंटर के इस दौर में कंपनी को अपना बिजनेस बचाए रखने के लिए जरूरी है कि वह मुनाफे में आए और घाटे से बाहर निकले. इसकी जरूरत इसलिए है, क्योंकि फंडिंग नहीं मिल पा रही है, जिससे ऑपरेशनल खर्चों से निपटा जा सके. कंपनी पिछले साल से ही मौजूदा निवेशकों से ब्रिज फंडिंग जुटाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन पैसे मिलने में दिक्कत हो रही है.

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