2025 में देश को मिले 7 नए Unicorn Startup, AI से लेकर Pet Food तक.. जानिए किन-किन कंपनियों ने मारी बाजी!

साल 2025 भारतीय स्टार्टअप्स के लिए 'परिपक्वता' का साल रहा है. इस साल भारत ने 7 नए यूनिकॉर्न (Unicorns) अपने नाम किए हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फिनटेक और कंज्यूमर गुड्स जैसे क्षेत्रों से आते हैं. इन नए नामों के साथ भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बना हुआ है. खास बात यह है कि इस लिस्ट में एआई स्टार्टअप्स और पालतू जानवरों के खाने (Pet food) जैसे यूनिक आइडिया वाले स्टार्टअप्स ने भी 1 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन हासिल की है.
2025 में देश को मिले 7 नए Unicorn Startup, AI से लेकर Pet Food तक.. जानिए किन-किन कंपनियों ने मारी बाजी!

भारतीय स्टार्टअप जगत के लिए साल 2025 किसी रोमांचक फिल्म से कम नहीं रहा. जहां एक तरफ दुनिया भर में फंडिंग को लेकर सावधानी बरती जा रही थी, वहीं भारत के 7 स्टार्टअप्स ने अपनी काबिलियत के दम पर 1 बिलियन डॉलर (करीब 8,400 करोड़ रुपये) की जादुई वैल्यूएशन को छू लिया.

इन 7 सितारों की कहानी सिर्फ पैसों के बारे में नहीं है, बल्कि यह इस बात का सबूत है कि भारतीय उद्यमी (Entrepreneurs) अब सिर्फ ई-कॉमर्स तक सीमित नहीं हैं. इस बार की लिस्ट में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), फिनटेक और यहां तक कि आपके प्यारे पालतू जानवरों के लिए खाना बनाने वाली कंपनी भी शामिल है.

आइए जानते हैं उन 7 कंपनियों के बारे में जिन्होंने 2025 में 'यूनिकॉर्न' क्लब में अपनी जगह पक्की की है.

Add Zee Business as a Preferred Source

1. AI.TECH: सबसे तेज दौड़ने वाला एआई स्टार्टअप

सीरियल एंटरप्रेन्योर दिव्यंक तुराखिया द्वारा 2022 में शुरू किया गया AI.TECH, जिसने सबको हैरान कर दिया. बिना किसी बाहरी फंडिंग के, सिर्फ 3 साल में इस स्टार्टअप ने 1.5 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन हासिल की. यह कंपनी एआई और मशीन लर्निंग के जरिए वैश्विक स्तर पर विज्ञापन और मीडिया के बिजनेस चलाती है.

2. नवी (Navi): आम आदमी का फाइनेंस पार्टनर

सचिन बंसल की कंपनी नवी 1.7 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन के साथ इस साल की सबसे मूल्यवान नई यूनिकॉर्न बनकर उभरी. यह एक 'सुपर-ऐप' है जो लोन, इंश्योरेंस और यूपीआई जैसी तमाम वित्तीय सेवाएं एक ही छत के नीचे देती है.

3. ड्रूल्स (Drools): पेट फूड में बना रिकॉर्ड

बेंगलुरु की इस कंपनी ने तब इतिहास रच दिया जब दुनिया की दिग्गज कंपनी नेस्ले (Nestle) ने इसमें हिस्सेदारी खरीदी. 1 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन के साथ यह भारत की सबसे बड़ी पालतू जानवर आहार (पेट फूड) कंपनियों में से एक बन गई है.

4. जस्टपे (Juspay): डिजिटल पेमेंट का असली इंजन

शायद आप इस ऐप को अपने फोन में न देखें, लेकिन जब आप अमेज़न या गूगल पर पेमेंट करते हैं, तो पीछे से जस्टपे ही उसे सुरक्षित बनाता है. 1.1 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन वाली यह कंपनी बड़े बिजनेस के लिए पेमेंट गेटवे का काम करती है.

5. रेज (Raise): निवेशकों का नया ठिकाना

अपने प्लेटफॉर्म 'धन' (Dhan) के जरिए यह स्टार्टअप स्टॉक ट्रेडिंग और निवेश को आसान बना रहा है. अक्टूबर 2025 में 120 मिलियन डॉलर की फंडिंग जुटाने के बाद इसकी वैल्यूएशन 1.2 बिलियन डॉलर हो गई है.

6. जेएसडब्ल्यू वन एमएसएमई (JSW One MSME): छोटे उद्योगों की ताकत

जेएसडब्ल्यू ग्रुप की इस बी2बी कंपनी ने स्टील और सीमेंट की खरीद-बिक्री को डिजिटल बनाकर 1 बिलियन डॉलर का मुकाम हासिल किया. यह छोटे मैन्युफैक्चरर्स को सीधे सामान और क्रेडिट की सुविधा देती है.

7. जंबोटेल (Jumbotail): किराना स्टोर्स का डिजिटल दोस्त

जंबोटेल ने किराना दुकानों को सीधे बड़े ब्रांड्स से जोड़कर सप्लाई चेन की दिक्कतों को खत्म किया है. 1 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन वाली यह कंपनी अब भारत के 400 से ज्यादा शहरों में अपनी सेवा दे रही है.

startup

Conclusion

इन 7 नए यूनिकॉर्न का उदय यह दर्शाता है कि भारतीय स्टार्टअप्स अब समस्या सुलझाने (Problem-solving) की दिशा में ज्यादा काम कर रहे हैं. 2024 में भी 7 यूनिकॉर्न बने थे, और 2025 में भी यह संख्या बरकरार रही है. यह स्थिरता बताती है कि भारत का स्टार्टअप इकोसिस्टम अब मैच्योर हो रहा है. अब निवेशकों का ध्यान सिर्फ वैल्यूएशन पर नहीं, बल्कि मुनाफे और सस्टेनेबल बिजनेस पर है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q-1. साल 2025 में भारत को कुल कितने नए यूनिकॉर्न मिले?

A- साल 2025 में भारत को कुल 7 नए यूनिकॉर्न स्टार्टअप्स मिले हैं.

Q-2. इस साल का सबसे मूल्यवान नया यूनिकॉर्न कौन सा है?

A- सचिन बंसल की कंपनी नवी (Navi) 1.7 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन के साथ सबसे मूल्यवान नई यूनिकॉर्न है.

Q-3. क्या कोई एआई स्टार्टअप भी इस साल यूनिकॉर्न बना है?

A- हां, दिव्यंक तुराखिया की कंपनी AI.TECH ने 1.5 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन के साथ यूनिकॉर्न का दर्जा पाया है.

Q-4. ड्रूल्स (Drools) कंपनी को यूनिकॉर्न बनाने में किसने निवेश किया?

A- वैश्विक दिग्गज कंपनी नेस्ले (Nestle) द्वारा हिस्सेदारी खरीदने के बाद ड्रूल्स ने 1 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन हासिल की.

Q-5. 'धन' (Dhan) ट्रेडिंग ऐप का मालिकाना हक किस कंपनी के पास है?

A- धन ऐप का मालिकाना हक रेज फाइनेंशियल सर्विसेज (Raise Financial Services) के पास है, जो इस साल यूनिकॉर्न बनी है.

(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)

RECOMMENDED

अनुज मौर्या

अनुज मौर्या

असिस्टेंट न्यूज एडिटर, ज़ी बिजनेस हिंदी डिजिटल

अनुज मौर्या ज़ी बिजनेस हिंदी डिजिटल में असिस्टेंट न्यूज एडिटर के रूप में काम करते हैं. बिजनेस पत्रकारित

...Read More
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6