&format=webp&quality=medium)
Shark Tank India: इन दिनों शार्क टैंक इंडिया का पांचवां सीजन (Shark Tank India 5) चल रहा है. इसमें कई छोटे-बड़े शहरों के उद्यमियों (Entrepreneurs) और उनके अनोखे बिजनेस आइडियाज ने पूरे देश को हैरान कर दिया है. ऐसे में अब हर कोई अपनी कंपनी के लिए 'पिच' (Pitch) करने और शार्क्स से निवेश पाने का सपना देख रहा है.
अगर आप भी अपना बिजनेस लेकर जजों के सामने जाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए बड़े काम की साबित हो सकती है. ऐसा नहीं है कि हर कोई यूं ही शार्क टैंक में अपना बिजनेस लेकर जा सकता है, उसकी भी कुछ नियम और शर्तें हैं, जिन पर एक स्टार्टअप फाउंडर को खरा उतरना पड़ता है.
शार्क्स के सामने पहुंचने की प्रक्रिया आसान नहीं है. हजारों लोगों में से केवल कुछ सौ ही वहां तक पहुंच पाते हैं. आइए जानते हैं वहां जाने के लिए आपको क्या करना होगा.
सबसे पहले आपको SonyLIV ऐप डाउनलोड करना होगा या उनकी आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां आपको रजिस्ट्रेशन का लिंक मिलेगा, जिस पर क्लिक कर के अपना मोबाइल नंबर और OTP डालना होगा. इसके बाद आपका रजिस्ट्रेशन हो जाएगा. बता दें कि अभी शार्क टैंक इंडिया के पांचवें सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन बंद हो चुके हैं और अगले सीजन के लिए शुरू नहीं हुए हैं. आप शार्क टैंक के सोशल मीडिया पेज फॉलो करते रहें, जैसे ही अगले सीजन के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे, शार्क टैंक की तरफ से रजिस्ट्रेशन लिंख शेयर किया जाएगा.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India में पहली बार.. आया 95% ग्रॉस मार्जिन वाला Startup, मामूली Idea को बना दिया करोड़ों का बिजनेस
इसके तहत आपको 4 अलग-अलग स्टेप पूरे करने होंगे.
स्टेप 1: पहले स्टेप में आपसे आपके बिजनेस के बारे में बेसिक जानकारी ली जाएगी, जैसे क्या बिजनेस है, कंपनी कहां है. वहीं आपके बारे में भी शार्क टैंक जरूरी जानकारियां लेगा.
स्टेप 2: दूसरे स्टेप में आपको अपने बिजनेस के बारे में पूरी जानकारी देनी होगी. इसमें आपको बताना होगा कि आपका प्रोडक्ट क्या है, आपकी कितनी सेल हुई है, आपका कितना मुनाफा है. यानी हर बारीकी बतानी होगी. साथ ही आपसे 90 सेकेंड की एक वीडियो पिच मांगी जाएगी.
स्टेप 3: अगर आप दूसरा स्टेप पार कर जाते हैं तो आप तीसरे स्टेप में पहुंचेंगे, जिसके तहत मुंबई में आपको बुलाकर आपका एक इंटरव्यू लिया जाएगा.
स्टेप 4: अगले स्टेप में कुछ कंपनियों के बिजनेस एक्सपर्ट के सामने आपको पिच करना होगा.
अगर इन चारों स्टेप में आप पास हो जाते हैं तो अगले स्टेप में आप भी शार्क्स के सामने अपना आइडिया पिच करेंगे, जो रिकॉर्ड होगा और टीवी पर आएगा. बता दें कि कुछ लोगों की पिच रिकॉर्ड होने के बावजूद टीवी पर नहीं आती और यह पूरी तरह से सामान्य बात है.

शार्क टैंक में जाकर आप अपने बिजनेस के लिए फंडिंग मांग सकते हैं, ये तो है सबसे बड़ा फायदा. लेकिन इसके कई और भी फायदे होते हैं.
ब्रांडिंग और मार्केटिंग: टीवी पर आने के बाद आपकी मुफ्त की ब्रांडिंग और मार्केटिंग हो जाती है. अमूमन किसी भी स्टार्टअप का शो एयर होने के बाद उसके बिजनेस में तगड़ा जम्प देखने को मिलता है.
मेंटरशिप: शार्क टैंक इंडिया पर तमाम शार्क सिर्फ दूसरों के बिजनेस में पैसा ही नहीं लगाते, बल्कि वह मेंटरशिप भी देते हैं. उनकी एक सलाह आपके बिजनेस का रुख ही मोड़ सकती है. साथ ही आपको जजों के नेटवर्क का भी फायदा मिल सकता है, जिससे बिजनेस बढ़ता है.
नेटवर्किंग: शार्क टैंक में जाकर आप ना सिर्फ निवेशकों या शार्क से मिलते हैं, बल्कि दूसरे स्टार्टअप्स से भी मिलते हैं. कई बार ऐसे मौकों पर ऐसे स्टार्टअप एक दूसरे से मिल जाते हैं, जो एक दूसरे लिए कॉम्पिमेंट्री साबित होते हैं.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India 5: क्रेडिट कार्ड की लिमिट से 3 साल पहले शुरू किया था ये बिजनेस, आज कर रहा ₹70 करोड़ की कमाई
ऐसा नहीं है कि अगर आपका बिजनेस है तो आपको उसे लेकर शार्क टैंक जाना ही चाहिए. अगर आपके बिजनेस में कुछ दिक्कतें हैं तो पहले उन्हें सही करें, तभी शार्क टैंक जाएं, वरना नेशनल टीवी पर आपके बिजनेस आइडिया पर सवाल उठेंगे और यह बिजनेस के लिए नकारात्मक साबित होगा. आइए जानते हैं शार्क टैंक जाने से पहले किन चीजों को दुरुस्त कर लेना चाहिए-
इक्विटी स्ट्रक्चर: भले ही आपका बिजनेस आइडिया छोटा हो या बड़ा, भले ही आप करोड़ों की सेल क्यों ना कर रहे हों, लेकिन अगर इक्विटी स्ट्रक्चर ठीक नहीं है तो ये जजों को सबसे बुरा लगता है. जैसे अगर आपने अपने को-फाउंडर को 5-10 फीसदी हिस्सेदारी दी है और खुद के पास 90-95 फीसदी इक्विटी रखी है, तो ये पहला रेड फ्लैग है. इसे लेकर शार्क टैंक में आप पर सवाल उठना तय है.
लाइसेंस और क्लीनिकल ट्रायल: अगर आप किसी फूड प्रोडक्ट या किसी मेडिकल प्रोडक्ट में डील करते हैं तो आपके पास उसके सभी लाइसेंस होने जरूरी हैं. वहीं मेडिकल प्रोडक्ट या सप्लिमेंट जैसे मामलों में क्लीनिकल ट्रायल किया होना जरूरी है. इनके बिना शार्क टैंक में जाने की गलती बिल्कुल ना करें.
बढ़ा-चढ़ाकर दावे करना: ऐसा देखा गया है कि कुछ स्टार्टअप फाउंडर अपने प्रोडक्ट पर 100 फीसदी नेचुरल या शुगर फ्री जैसे दावे करते हैं. कुछ तो बाल उगाने और वजन घटाने के दावे करते हैं, लेकिन उनके पास अपनी बात करने के पुख्ता सबूत नहीं होते. अगर आपके पास अपनी बात को साबित करने के लिए पर्याप्त चीजें नहीं हैं, तो ऐसे दावे बिल्कुल ना करें. अगर आपने अपने प्रोडक्ट में ऐसा कोई दावा किया है तो पहले उसे ठीक करें, तभी शार्क टैंक के लिए अप्लाई करें.
बिना अपने बिजनेस की पूरी जानकारी: कई बार देखा गया है कि फाउंडर्स को अपने बिजनेस के नंबर्स के बारे में ही जानकारी नहीं होती. वह नहीं जानते कि उनके बिजनेस का रिपीट रेट क्या है, बिजनेस का मार्केट कितना बड़ा है. अगर आप बिजनेस के नंबर बिना जाने शार्क टैंक पहुंचे, तो आपको फायदा होने के बजाय नुकसान ही होगा.
कॉम्पटीशन को जानना है जरूरी: अगर आपको अपने बिजनेस में कॉम्पटीशन के बारे में नहीं पता, तो यकीन मानिए आपको जजों को इंप्रेस करने में बहुत मशक्कत करनी पड़ेगी. किसी भी जज को ये अच्छा नहीं लगता कि किसी स्टार्टअप फाउंडर को अपने कॉम्पटीशन के बारे में नहीं पता है.
ये भी पढ़ें- Shark Tank India 5 में पहुंचा महज 13 साल का स्टार्टअप फाउंडर, सभी जज हो गए इंप्रेस, जितने पैसे मांगे उतने मिल भी गए
शार्क टैंक इंडिया 5 एक ऐसा मंच है जो रातों-रात किसी भी स्टार्टअप की किस्मत बदल सकता है. लेकिन याद रखें, यह एक रियलिटी शो भी है. यहां जाने से पहले सुनिश्चित करें कि आपका बिजनेस केवल 'कैमरे के लिए' नहीं, बल्कि 'लॉन्ग रन' के लिए तैयार है. यदि आप अपनी इक्विटी देने और कड़ी आलोचना सुनने को तैयार हैं, तो आज ही रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरें.
नहीं, शार्क टैंक इंडिया में आवेदन करना पूरी तरह से मुफ्त है. किसी भी एजेंट को पैसे न दें.
शुरुआती स्तर पर आइडिया के साथ आवेदन कर सकते हैं, लेकिन डील होने के समय कंपनी का रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है.
3- क्या टीवी पर हुई डील हमेशा पूरी होती है?
नहीं, शो के बाद 'ड्यू डिलिजेंस' (जांच) होती है. अगर जानकारी गलत पाई गई, तो डील रद्द हो सकती है.
4- कितनी इक्विटी देना सही है?
यह आपके बिजनेस के वैल्यूएशन पर निर्भर करता है, लेकिन शुरुआत में 5% से 10% से ज्यादा इक्विटी देने से बचना चाहिए.
5- क्या केवल बड़े शहर के लोग ही जा सकते हैं?
बिल्कुल नहीं! सीजन 5 में छोटे गांवों और कस्बों के उद्यमियों को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है.
(ताजा खबरों के लिए आप हमारे WhatsApp Channel को सब्सक्राइब जरूर करें)