जन औषधि केंद्र: क्या आप भी शुरू करना चाहते हैं खुद का बिजनेस? सरकार दे रही है ₹5 लाख की मदद

Jan Aushadhi Kendra: जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार ₹5 लाख तक का वित्तीय प्रोत्साहन दे रही है. कम निवेश में अपना खुद का काम शुरू करें और लोगों तक किफायती दवाएं पहुंचाकर जन-कल्याण में हाथ बटाएं.
जन औषधि केंद्र: क्या आप भी शुरू करना चाहते हैं खुद का बिजनेस? सरकार दे रही है ₹5 लाख की मदद

आज ही आवेदन करें और अपना जन औषधि केंद्र खोले. (प्रतीकात्मक फोटो: AI)

Jan Aushadhi Kendra: सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) युवाओं और फार्मासिस्टों के लिए स्वरोजगार का एक सुनहरा मौका लेकर आई है. जन औषधि केंद्र खोलने के लिए सरकार ₹5 लाख तक का वित्तीय प्रोत्साहन दे रही है. इसका उद्देश्य लोगों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना और युवाओं को उद्यमी बनाना है.

जन औषधि केंद्र ही क्यों चुनें?

जेनरल मेडिकल स्टोर की तुलना में जन औषधि केंद्र का मुख्य आकर्षण 'किफायती और गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं' हैं. यहां दवाएं ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 90% तक सस्ती मिलती हैं. यह न केवल एक बिजनेस है, बल्कि समाज सेवा का भी एक सशक्त माध्यम है.

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आज ही आवेदन करें और अपना जन औषधि केंद्र खोले. अधिक जानकारी के लिए http://janasushadhi.gov.in की वेबसाइट पर जाएं.

सरकार से क्या मदद मिलेगी?

सवाल: ₹5 लाख का प्रोत्साहन कैसे और किसे मिलता है?

सरकार जन औषधि केंद्र खोलने वालों को निम्नलिखित वित्तीय सहायता प्रदान करती है-

  • फर्नीचर और फिक्सचर: केंद्र सेटअप के लिए ₹1.5 लाख तक की सहायता.
  • कंप्यूटर और प्रिंटर: ₹50,000 तक की सहायता.
  • मासिक प्रोत्साहन: आपके द्वारा की गई दवाओं की बिक्री पर 15% (अधिकतम ₹15,000 प्रति माह) तब तक दिया जाता है, जब तक कि कुल ₹5 लाख की सीमा पूरी न हो जाए.
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कौन खोल सकता है जन औषधि केंद्र?

सवाल: क्या हर कोई यह केंद्र खोल सकता है?
हां, लेकिन कुछ शर्तें हैं:

व्यक्तिगत श्रेणी: आवेदक के पास B.Pharma या D.Pharma की डिग्री होनी चाहिए

संस्था: NGO, ट्रस्ट, या अस्पताल भी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते वे किसी फार्मासिस्ट को नियुक्त करें.

कितना निवेश लगेगा?

सवाल: क्या इसमें बहुत पैसा लगेगा?
नहीं, यही इसकी खासियत है

  • छोटा दुकान/स्पेस
  • बेसिक फर्नीचर
  • दवा स्टॉक

सरकार की मदद से शुरुआती लागत काफी कम हो जाती है.

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बिजनेस सेटअप की प्रक्रिया

जगह का चयन: कम से कम 120 वर्ग फुट (10 वर्ग मीटर) की जगह होनी चाहिए.

ऑनलाइन पंजीकरण: आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपना प्रोफाइल बनाएं.

दवा लाइसेंस: आवेदन स्वीकृत होने के बाद 'जन औषधि' के नाम से ड्रग लाइसेंस लें.

सॉफ्टवेयर ट्रेनिंग: बिलिंग के लिए सरकार द्वारा दिए गए विशेष सॉफ्टवेयर की ट्रेनिंग लें.

कमाई कैसे होगी?

सवाल: इसमें प्रॉफिट कैसे मिलता है?

  • दवाइयों पर अच्छा मार्जिन
  • लगातार मांग (डेली जरूरत की चीज)
  • सरकारी इंसेंटिव

मतलब- स्थिर और लॉन्ग-टर्म इनकम

क्यों बढ़ रही है इसकी डिमांड?

  • महंगी दवाइयों से राहत
  • हर वर्ग के लोगों के लिए सस्ती दवा
  • हेल्थ सेक्टर में तेजी

यही वजह है कि यह बिजनेस तेजी से बढ़ रहा है.

आगे क्या बदल सकता है?

  • हर शहर/गांव में जन औषधि केंद्र बढ़ेंगे
  • सस्ती दवाइयों की पहुंच बढ़ेगी
  • हेल्थ सेक्टर में रोजगार के नए मौके
डीटेल
योजनाप्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना
वित्तीय सहायता₹5 लाख तक
उद्देश्यसस्ती दवाएं उपलब्ध कराना
पात्रताफार्मासिस्ट / डॉक्टर / युवा उद्यमी/संस्था
स्थानपूरे भारत में लागू

अब क्या करें?

  • फार्मेसी लाइसेंस तैयार करें
  • ऑनलाइन आवेदन करें
  • लोकेशन फाइनल करें
  • सरकारी गाइडलाइन पढ़ें
  • स्टॉक और सेटअप शुरू करें

आपके लिए इसका क्या मतलब है?

  • अगर आप फार्मा ग्रेजुएट हैं तो नौकरी खोजने के बजाय खुद का मालिक बनने और ₹5 लाख की मदद पाने का यह बेस्ट मौका है.
  • अगर आप निवेशक हैं तो कम निवेश में एक स्थिर और लंबे समय तक चलने वाला बिजनेस मॉडल.
  • अगर आप समाज सेवक हैं तो अपने क्षेत्र के गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को महंगी दवाओं के खर्च से बचा सकते हैं.

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आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. क्या बिना फार्मासिस्ट के जन औषधि केंद्र खोल सकते हैं?
नहीं, लाइसेंस के लिए फार्मासिस्ट जरूरी है.

Q2. जन औषधि केंद्र के लिए कितनी जगह चाहिए?
लगभग 120-150 वर्ग फुट.

Q3. क्या जन औषधि केंद्र गांव में खोल सकते हैं?
हां.

Q4. जन औषधि केंद्र से कितनी कमाई हो सकती है?
कमाई लोकेशन और बिक्री पर निर्भर है.

Q5. क्या सरकार दुकान का किराया भी देती है?
नहीं, सरकार फर्नीचर, उपकरण और बिक्री पर प्रोत्साहन देती है.

Q6. दवाइयों की सप्लाई कैसे होती है?
दवाइयों की सप्लाई BPPI द्वारा अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर्स के माध्यम से की जाती है.

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