ना एजेंट की जरूरत.. ना कमीशन का झंझट.. घर को रीसेल कराता है ये Startup, जुटाई 150 करोड़ रुपये की Funding

घर रीसेल करने वाले स्टार्टअप HouseEazy ने अपने Series B फंडिंग राउंड (Series B Funding Round) में 150 करोड़ रुपये जुटाए हैं. इस राउंड का नेतृत्व Accel ने किया, जबकि Chiratae Ventures और Antler जैसे मौजूदा निवेशक भी शामिल रहे. कंपनी इस पूंजी से अब दिल्ली-एनसीआर से आगे मुंबई, पुणे और बेंगलुरु जैसे शहरों में विस्तार की योजना बना रही है.
ना एजेंट की जरूरत.. ना कमीशन का झंझट.. घर को रीसेल कराता है ये Startup, जुटाई 150 करोड़ रुपये की Funding

भारत में रियल एस्टेट (Real Estate) मार्केट तेजी से बदल रहा है और उसी रफ्तार से बढ़ रहे हैं प्रॉपटेक स्टार्टअप्स (PropTech Startups). इन्हीं में से एक नाम है HouseEazy, जिसने अब बड़ी फंडिंग हासिल कर ली है. कंपनी ने अपने Series B राउंड (Series B Round) में 150 करोड़ रुपये जुटाए हैं, ताकि अपने बिजनेस को दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) से आगे बढ़ाया जा सके.

इस फंडिंग का नेतृत्व वेंचर कैपिटल फर्म Accel ने किया है, जबकि पुराने निवेशक Chiratae Ventures और Antler ने भी इसमें भाग लिया है. इसके अलावा कुछ अन्य अनडिस्क्लोज्ड (Undisclosed) इन्वेस्टर्स ने भी इसमें निवेश किया है.

फंडिंग का इस्तेमाल कहां होगा?

कंपनी ने कहा है कि वह इस फंडिंग का इस्तेमाल 3 मुख्य कामों के लिए करेगी:

  1. नए शहरों जैसे मुंबई, पुणे और बेंगलुरु में विस्तार
  2. अपनी टेक्नोलॉजी स्टैक (Technology Stack) को मजबूत बनाना
  3. और ब्रांड की पहचान (Brand Proposition) को बढ़ाना

HouseEazy के को-फाउंडर तरुण सैनी (Tarun Sainani) ने कहा, “सिर्फ 3 साल में हमने 2500 से ज्यादा घरों की डील क्लोज करवाई है, जिनकी कुल कीमत 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा रही है. हमारा GMV ARR हर साल दोगुना हो रहा है और अब हम नए शहरों में कदम रखने के लिए तैयार हैं.”

कैसे काम करता है HouseEazy?

HouseEazy एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो रीसेल प्रॉपर्टीज (Resale Properties) यानी पहले से खरीदे गए घरों की खरीद-बिक्री को आसान बनाता है. ये प्लेटफॉर्म नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम जैसे शहरों में काम कर रहा है और इसका मकसद घर खरीदने-बेचने की पूरी प्रक्रिया को सिंपल, फास्ट और ट्रांसपेरेंट बनाना है. इसकी कई खासियतें हैं.

  • बिना बिचौलियों (Middlemen) और एजेंट्स के डील फाइनल होती है.
  • खरीदार और विक्रेता को इंस्टेंट डील क्लोजर (Instant Deal Closure) का विकल्प मिलता है.
  • लीगल जांच (Legal Due Diligence) और पेपरवर्क बहुत कम होता है.
  • कंपनी का AI मॉडल मार्केट प्राइसिंग (AI-powered Pricing) तय करता है, जो पिछले ट्रांजैक्शन, रजिस्ट्री और मार्केट ट्रेंड्स के डेटा पर आधारित होता है.
  • कंपनी खरीदार या विक्रेता से कोई फिक्स्ड फीस (Fixed Fee) नहीं लेती.

कंपनी का शानदार वित्तीय प्रदर्शन

FY24 में कंपनी ने पहली बार मुनाफा कमाया.

  • नेट प्रॉफिट (Net Profit): 38 लाख रुपये
  • FY23 में लॉस: 44 लाख रुपये
  • रेवेन्यू ग्रोथ: 3 गुना, यानी 2.8 करोड़ से बढ़कर 10.7 करोड़ रुपये
  • GMV ARR: 850 करोड़ रुपये

कंपनी का कहना है कि उसकी यूनिट इकनॉमिक्स (Unit Economics) मजबूत हैं और अब वो FY25 में और ज्यादा रेवेन्यू टारगेट करने की तैयारी में है.

भारत का PropTech मार्केट कितना बड़ा है?

भारत में लोग अब घर खरीदने के लिए पहले से ज्यादा डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. Research and Markets की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का PropTech मार्केट 2025 में 1.66 बिलियन डॉलर से बढ़कर 2031 तक 4.29 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, यानी करीब 17% CAGR की ग्रोथ रेट से.

इंडस्ट्री में बढ़ रही है निवेश की रफ्तार

मार्च 2025 में निवेशक निखिल कामत (Nikhil Kamath) की इन्वेस्टमेंट फर्म Gruhas ने Brigade Group के साथ मिलकर 300 करोड़ रुपये का Earth Fund लॉन्च किया था. इसका मकसद PropTech और सस्टेनेबिलिटी फोकस्ड स्टार्टअप्स में निवेश करना है. यह दिखाता है कि भारत का रियल एस्टेट अब सिर्फ ईंट-पत्थर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब यह डेटा, टेक्नोलॉजी और एनालिटिक्स पर आधारित इंडस्ट्री बन चुका है.

PropTech इंडस्ट्री में HouseEazy की पोजिशन

HouseEazy खुद को फुल-सर्विस रीसेल प्लेटफॉर्म (Full-Service Resale Platform) के तौर पर पेश करता है. जहां कई स्टार्टअप सिर्फ लिस्टिंग सर्विस देते हैं, वहीं HouseEazy पूरी डील क्लोजिंग तक का साथ देता है यानी लीगल चेक से लेकर पेमेंट और पजेशन तक सब कुछ डिजिटल. इसका बिजनेस मॉडल “नो एजेंट, नो कमीशन” पर आधारित है, जो यूजर्स को आकर्षित करता है.

निवेशकों की नजर अब रियल एस्टेट टेक्नोलॉजी पर

निवेशक अब रियल एस्टेट में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशन की ओर तेजी से झुक रहे हैं. AI आधारित प्राइसिंग, वर्चुअल टूर और ऑनलाइन एग्रीमेंट जैसी सुविधाएं अब मुख्यधारा बन चुकी हैं. आने वाले सालों में भारत में रीसेल प्रॉपर्टी मार्केट (Resale Property Market) पूरी तरह डिजिटल हो सकता है और HouseEazy जैसी कंपनियां इस बदलाव की अगुवाई कर रही हैं.

Conclusion

HouseEazy ने यह साबित कर दिया है कि रियल एस्टेट सेक्टर में भी टेक्नोलॉजी बदलाव ला सकती है. 150 करोड़ रुपये की नई फंडिंग के साथ कंपनी अब भारत के बड़े शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाने जा रही है. अगर यह मॉडल सफल रहा, तो आने वाले समय में सेकंड-हैंड घर खरीदना उतना ही आसान होगा जितना किसी ऐप से खाना ऑर्डर करना.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1- Series B फंडिंग क्या होती है?

ये वो स्टेज है जब कोई कंपनी अपने बिजनेस को विस्तार देने के लिए निवेश जुटाती है.

2- PropTech का मतलब क्या है?

Property + Technology यानी रियल एस्टेट में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल.

3- क्या हर कोई स्टार्टअप शुरू कर सकता है?

हां, लेकिन इसके लिए बिजनेस मॉडल और निवेश की जरूरत होती है.

4- क्या रीसेल प्रॉपर्टी खरीदना सुरक्षित है?

हां, अगर लीगल चेक और डॉक्युमेंटेशन सही से हो तो.

5- क्या PropTech इंडस्ट्री में ग्रोथ है?

हां, अगले कुछ सालों में यह तेजी से बढ़ने की उम्मीद है.

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